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एक हफ्ते में किसानों को मिल बांटेगी 18 करोड़
पलियाकलां।
Updated Wed, 03 Feb 2016 11:47 PM IST
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चीनी मिल गेट पर गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर चल रहा किसानों का धरना देर रात खत्म हो गया। विधायक रोमी साहनी ने पहले तो धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों से वार्ता की और फिर चीनी मिल के जीएम केन के पास पहुंचकर किसानों की समस्या हल निकालने को कहा अन्यथा किसानों के साथ स्वयं भी आंदोलन पर उतरने की बात कही। इस पर जीएम ने दस से बढ़ाकर 18 करोड़ रुपये का भुगतान अगले बृहस्पतिवार तक करने का वायदा किया। इसके बाद विधायक धरना स्थल पर पहुंचे और वहीं एसडीएम आदि को बुला लिया। यहां इस प्रस्ताव पर सहमति बन गई और किसानों ने धरना खत्म कर दिया।
गौरतलब है कि किसानों ने एक फरवरी को सोसायटी में बैठक कर गन्ना मूल्य भुगतान न होने के कारण आंदोलन का फैसला लिया था। इसी के तहत उन्होंने चीनी मिल गेट के सामने धरना देकर पलिया-भीरा मार्ग को जाम कर दिया था। इस बीच चीनी मिल की ओर से दस करोड़ रुपये के भुगतान का प्रस्ताव दिया गया था, जो किसानों ने काफी कम बताते हुए ठुकरा दिया और जीएम केन को कब्जे में लेकर धरने पर बैठा लिया था। करीब साढ़े सात घंटे बाद जाम को पुलिस ने लाठी फटकार खुलवा दिया। इसके बाद से किसान मिल गेट के सामने धरने पर बैठ गए थे। धरने के तीसरे दिन किसान मजदूर पार्टी के विधानसभाध्यक्ष मनप्रीत सिंह, सोसायटी अध्यक्ष विकास कपूर, उपाध्यक्ष फरजंद अली बुंदु मियां, नयरुल इस्लाम खान, सुहेल खान, इंद्रजीत सिंह, सिराजुद्दीन, तरसेम सिंह, गुरदेव सिंह, समीर कपूर, रिंटू शर्मा, सुनील गुप्ता आदि ने कहा कि प्रशासन को मिल पर दबाव बनाना चाहिए, लेकिन प्रशासन किसानों पर ही दबाव बनाने में लगा हुआ है। कहा कि डीएम भी पलिया आईं और उनके आने पर भी किसानों के हक में कोई फैसला नहीं हुआ। बल्कि पुलिस और अधिकारी आकर किसानों से पर्चियां आदि देने को कह रहे हैं। कहा कि इससे उनकी उम्मीदेें टूट चुकी हैं और बुधवार तकरीबन बीत गया है। इसके चलते वह बृहस्पतिवार को अल्टीमेटम के तहत चक्का जाम करेंगे। देरशाम विधायक रोमी साहनी किसानों के पास पहुंचे और उनसे वार्ता की। किसानों ने उन्हें बताया कि बेंची गई चीनी के मुताबिक उनका करीब 43 करोड़ रुपये बाकी है, मिल उन्हें बस दस करोड़ रुपये ही दे रही है। विधायक ने यहां किसानों को कहा कि वह उनके साथ हैं और विधानसभा में यह मुद्दा उठाएंगे। इसके बाद विधायक सीधे चीनी मिल जा पहुंचे और भुगतान की समस्या को लेकर कड़ा एतराज जताया और कहा कि वह किसानों के साथ हैं और बृहस्पतिवार को होने वाले चक्काजाम में भी शामिल रहेंगे। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि मामले का हल निकाल लो वर्ना स्थिति गंभीर हो जाएगी। इस पर जीएम केन ने कहा कि वह अब अधिक से अधिक बकाए में 18 करोड़ रुपये दे सकते हैं और इसके साथ ही 15 जनवरी तक गन्ना तौलाने वाले किसानों को उनके भुगतान के बराबर व्यापारिक रेट पर चीनी देंगे। इस प्रस्ताव को विधायक ने किसानों के सामने रखा और एसडीएम आदि को भी बुला लिया। प्रस्ताव पर सहमति बनी और किसानों ने धरना खत्म कर दिया।
सभी ने की सराहना बोले जो प्रशासन नहीं कर सका वह विधायक ने कराया
विधायक के प्रयास से हुए भुगतान समस्या के हल की सभी ने सराहना की है और कहा कि जो प्रशासन नहीं कर सका वह विधायक ने महज एक घंटे के भीतर कर दिखाया। किसानों ने विधायक का आभार जताया है।
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गौरतलब है कि किसानों ने एक फरवरी को सोसायटी में बैठक कर गन्ना मूल्य भुगतान न होने के कारण आंदोलन का फैसला लिया था। इसी के तहत उन्होंने चीनी मिल गेट के सामने धरना देकर पलिया-भीरा मार्ग को जाम कर दिया था। इस बीच चीनी मिल की ओर से दस करोड़ रुपये के भुगतान का प्रस्ताव दिया गया था, जो किसानों ने काफी कम बताते हुए ठुकरा दिया और जीएम केन को कब्जे में लेकर धरने पर बैठा लिया था। करीब साढ़े सात घंटे बाद जाम को पुलिस ने लाठी फटकार खुलवा दिया। इसके बाद से किसान मिल गेट के सामने धरने पर बैठ गए थे। धरने के तीसरे दिन किसान मजदूर पार्टी के विधानसभाध्यक्ष मनप्रीत सिंह, सोसायटी अध्यक्ष विकास कपूर, उपाध्यक्ष फरजंद अली बुंदु मियां, नयरुल इस्लाम खान, सुहेल खान, इंद्रजीत सिंह, सिराजुद्दीन, तरसेम सिंह, गुरदेव सिंह, समीर कपूर, रिंटू शर्मा, सुनील गुप्ता आदि ने कहा कि प्रशासन को मिल पर दबाव बनाना चाहिए, लेकिन प्रशासन किसानों पर ही दबाव बनाने में लगा हुआ है। कहा कि डीएम भी पलिया आईं और उनके आने पर भी किसानों के हक में कोई फैसला नहीं हुआ। बल्कि पुलिस और अधिकारी आकर किसानों से पर्चियां आदि देने को कह रहे हैं। कहा कि इससे उनकी उम्मीदेें टूट चुकी हैं और बुधवार तकरीबन बीत गया है। इसके चलते वह बृहस्पतिवार को अल्टीमेटम के तहत चक्का जाम करेंगे। देरशाम विधायक रोमी साहनी किसानों के पास पहुंचे और उनसे वार्ता की। किसानों ने उन्हें बताया कि बेंची गई चीनी के मुताबिक उनका करीब 43 करोड़ रुपये बाकी है, मिल उन्हें बस दस करोड़ रुपये ही दे रही है। विधायक ने यहां किसानों को कहा कि वह उनके साथ हैं और विधानसभा में यह मुद्दा उठाएंगे। इसके बाद विधायक सीधे चीनी मिल जा पहुंचे और भुगतान की समस्या को लेकर कड़ा एतराज जताया और कहा कि वह किसानों के साथ हैं और बृहस्पतिवार को होने वाले चक्काजाम में भी शामिल रहेंगे। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि मामले का हल निकाल लो वर्ना स्थिति गंभीर हो जाएगी। इस पर जीएम केन ने कहा कि वह अब अधिक से अधिक बकाए में 18 करोड़ रुपये दे सकते हैं और इसके साथ ही 15 जनवरी तक गन्ना तौलाने वाले किसानों को उनके भुगतान के बराबर व्यापारिक रेट पर चीनी देंगे। इस प्रस्ताव को विधायक ने किसानों के सामने रखा और एसडीएम आदि को भी बुला लिया। प्रस्ताव पर सहमति बनी और किसानों ने धरना खत्म कर दिया।
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सभी ने की सराहना बोले जो प्रशासन नहीं कर सका वह विधायक ने कराया
विधायक के प्रयास से हुए भुगतान समस्या के हल की सभी ने सराहना की है और कहा कि जो प्रशासन नहीं कर सका वह विधायक ने महज एक घंटे के भीतर कर दिखाया। किसानों ने विधायक का आभार जताया है।
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