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जंगल नंबर छह में कटान, कई बीघा फसल नदी में समाई
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पलिया के जंगल नंबर सात में कटान करती नदी को देखता किसान। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां। शारदा नदी के जलस्तर में गिरावट के बाद तेज हुए कटान से जंगल नंबर छह गांव की कई बीघा गन्ने की फसल नदी में समा गई, जिससे किसान खासे परेशान हैं।
इलाके के जंगल नंबर छह में शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। यहां शिव कुमार व रामगुनी की नौ बीघा धान व गन्ने की फसल शारदा नदी में समा गई। इतना ही नहीं कचनारा गांव के महेश की छह, सुधीर की पांच, अशोक की चार, रामगोपाल की चार, प्रमोद की तीन व अतीश की तीन बीघा फसल भी शारदा की चपेट में आ गई। नदी लगातार कटान करते हुए खेतिहर इलाके को अपने में समा रही है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अब भी पानी चल रहा है जिससे उसपर लोग नाव से आवाजाही कर रहे हैं। ठोकर नंबर एक व जीरोे के पार की भूमि को भी शारदा नदी काट रही है। उस भूमि पर कचनारा, बोझवा व दौलतापुर के लोग खेती करते हैं। जिससे वे दहशत में हैं।
मझगईं। इलाके के नौगवां से खालेपुरवा गांव जाने वाले गन्ना क्रय केंद्र के पास सुहेली नदी का पानी चल रहा है। जिसके कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। विष्णुपुर गुरुद्वारे के पास भी करीब दो फुट पानी रोड पर चलने के कारण मुश्किल से ही राहगीर रास्ते से निकल पा रहे हैं। सैकड़ों बीघा गन्ने व धान की फसलें डूबी हुईं हैं।
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05एलकेएच409
नायब तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया
पलियाकलां। नायब तहसीलदार प्रज्ञा अग्निहोत्री ने बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रमण के खतरे को भांपते हुए दस्तक अभियान के तहत देवीपुर, गजरौरा, श्रीनगर गावों का दौरा किया। ग्राम प्रधान को संक्रामक रोगों के शिकार बच्चों की सूची बनाकर सीएचसी भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एक नाले की तत्काल सफाई के निर्देश भी दिए। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ और इससे फसल खराब हो गई है, नायब ने मौके पर जाकर हालात देखे और बाढ़ प्रभावित किसानों के बाढ़ से हुए फसलों के नुकसान का आकलन कर कहा कि सूची बनाकर दें ताकि जल्द मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि किसी भी काम में कोताही न कि जाए। दोबारा दौरे पर आने पर काम में लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। इस दौरान तीनों गांवों के प्रधान, लेखपाल और ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद
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इलाके के जंगल नंबर छह में शारदा नदी तेजी से कटान कर रही है। यहां शिव कुमार व रामगुनी की नौ बीघा धान व गन्ने की फसल शारदा नदी में समा गई। इतना ही नहीं कचनारा गांव के महेश की छह, सुधीर की पांच, अशोक की चार, रामगोपाल की चार, प्रमोद की तीन व अतीश की तीन बीघा फसल भी शारदा की चपेट में आ गई। नदी लगातार कटान करते हुए खेतिहर इलाके को अपने में समा रही है, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर अब भी पानी चल रहा है जिससे उसपर लोग नाव से आवाजाही कर रहे हैं। ठोकर नंबर एक व जीरोे के पार की भूमि को भी शारदा नदी काट रही है। उस भूमि पर कचनारा, बोझवा व दौलतापुर के लोग खेती करते हैं। जिससे वे दहशत में हैं।
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मझगईं। इलाके के नौगवां से खालेपुरवा गांव जाने वाले गन्ना क्रय केंद्र के पास सुहेली नदी का पानी चल रहा है। जिसके कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। विष्णुपुर गुरुद्वारे के पास भी करीब दो फुट पानी रोड पर चलने के कारण मुश्किल से ही राहगीर रास्ते से निकल पा रहे हैं। सैकड़ों बीघा गन्ने व धान की फसलें डूबी हुईं हैं।
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05एलकेएच409
नायब तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया
पलियाकलां। नायब तहसीलदार प्रज्ञा अग्निहोत्री ने बाढ़ प्रभावित गांवों में संक्रमण के खतरे को भांपते हुए दस्तक अभियान के तहत देवीपुर, गजरौरा, श्रीनगर गावों का दौरा किया। ग्राम प्रधान को संक्रामक रोगों के शिकार बच्चों की सूची बनाकर सीएचसी भेजने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने एक नाले की तत्काल सफाई के निर्देश भी दिए। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ और इससे फसल खराब हो गई है, नायब ने मौके पर जाकर हालात देखे और बाढ़ प्रभावित किसानों के बाढ़ से हुए फसलों के नुकसान का आकलन कर कहा कि सूची बनाकर दें ताकि जल्द मुआवजा मिल सके। उन्होंने कहा कि किसी भी काम में कोताही न कि जाए। दोबारा दौरे पर आने पर काम में लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। इस दौरान तीनों गांवों के प्रधान, लेखपाल और ग्रामीण मौजूद रहे। संवाद