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Lakhimpur Kheri News: बाढ़ दहलीज पर, बचाव कार्य अधूरे

Tue, 07 Jul 2026 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 07 Jul 2026 11:16 PM IST
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Floods on the brink, rescue operations incomplete
लखीमपुर खीरी। जिले में बाढ़ की आशंका बढ़ने लगी है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई कटानरोधी और बाढ़ बचाव परियोजनाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। कई कार्यों की समयसीमा बीत चुकी है। हालांकि, विभागीय अधिकारी अधिकांश कार्य पूरे होने और कुछ स्थानों पर केवल फिनिशिंग बाकी होने का दावा कर रहे हैं।
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जिले में बाढ़ बचाव की 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। पलिया के दौलतापुर में शारदा नदी पर 5.35 करोड़ रुपये की लागत से कटानरोधी कार्य एक जुलाई तक पूरा होना था, लेकिन अभी काफी काम अधूरा है। कटान रोकने के लिए जियो बैग, नायलॉन क्रेट, आरबीएम भराई और बोल्डर पिचिंग का प्रयोग किया जा रहा है। दावा है कि इससे दौलतापुर, कचनारा और करतारपुर की 5,950 आबादी तथा 45.73 हेक्टेयर कृषि भूमि सुरक्षित होगी। शारदानगर बाढ़ खंड के तहत ऐरा पुल से अंबरपुर तटबंध के किमी 2.600 पर 3.93 करोड़ रुपये से स्पर पुनरोद्धार कार्य 15 जून तक पूरा होना था, लेकिन अभी काम बाकी है। घाघरा नदी के दाएं तट पर सुजानपुर और उसके मजरों को बचाने के लिए 7.71 करोड़ रुपये की कटानरोधी परियोजना भी 15 जून तक पूरी होनी थी, लेकिन कार्य अब भी जारी है। बल्लूपुरवा सहित अन्य गांवों की सुरक्षा के लिए मोहाना/कौडियाला के दायरे किनारे 3.49 करोड़ रुपये तथा कटानरोधी कार्य पर 4.90 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। समयसीमा बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। घाघरा नदी के दायरे किनारे सरैया कला, चिडियापुरवा और वीरसिंहपुर की सुरक्षा के लिए पूर्व कार्यों के पुनर्निर्माण व सौंदर्यीकरण पर करीब 3.11 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। जिले में इसी तरह 12 परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
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लालबोझी-शारदा सूतिया बांध का काम पूराः निघासन। लालबोझी-शारदा सूतिया क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के लिए बनाए गए बांध का कार्य पूरा हो गया है। इससे जलभराव और फसल नुकसान से राहत मिलने की उम्मीद है। हर वर्ष शारदा की सूतिया नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। किसानों ने यह समस्या भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं झंडी स्टेट के राजा राजेश्वर सिंह के समक्ष रखी थी। इसके बाद उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर मुख्यमंत्री से स्थायी समाधान की मांग की। एक लाख रुपये की लागत से तिगुड़िया लगाने का कार्य पूरा हो चुका है।शारदानगर बाढ़ खंड के जेई अखिलेश कुमार ने बताया कि 40 मीटर लंबा अवरोध तैयार कराया गया है। इससे लालपुर, बरोठा, कुर्मिन पुरवा, झंडी, बैलहा, ठाकुरपुरवा और तमोलिन पुरवा सहित आसपास के गांवों को राहत मिलेगी। संवाद
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