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पहले बाढ़ और अब कटान
मझगईं
Updated Tue, 14 Jul 2015 05:30 PM IST
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नयापुरवा और खालेपुरवा के लोगों के लिए मुसीबतें पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रहीं हैं। पहले वे बाढ़ की विभीषिका झेल रहे थे कि अब कटान भी शुरू हो गया। शारदा नदी के बने नए नाले से हो रहे कटान में दोनों गांवों के छह घर नदी में समा गए। पिछले कई सालों से हो रहे कटान में तमाम परिवार खानाबदोश हो चुके हैं।
बाढ़ के बाद दोनों ही गांवों में पानी भरा हुआ था। पानी कम हुआ तो शारदा नदी से बने नए नाले ने कटान शुरू कर दिया और यहां के निवासी ओमप्रकाश, रामचंदर, रामऔतार, दयाराम, शिवकुमार, बहादुर के घर नदी में समा गए। कटान के तेजी पकड़ने से यहां के लोगों में हड़कंप है और उन्हें अपने-अपने घरों की फिक्र सता रही है। प्रशासन ने अब तक यहां का मुआयना भी नहीं किया और न ही कटान रोकने के लिए कोई कदम उठाए गए हैं। कटान यहां कई सालों से हो रहा है और खबर प्रशासन को भी है लेकिन अब तक कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया जाना यहां के लोगों में गुस्से की वजह बन गया है। कई सालों से हो रहे कटान में दर्जनों घर नदी में समा चुके हैं और कटान पीड़ित खुले आसमान के नीचे आकर खानाबदोश जिंदगी जीने को मजबूर हैं। लोगों ने एक बार फिर डीएम से यहां कटान रोकने की मांग की है।
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बाढ़ के बाद दोनों ही गांवों में पानी भरा हुआ था। पानी कम हुआ तो शारदा नदी से बने नए नाले ने कटान शुरू कर दिया और यहां के निवासी ओमप्रकाश, रामचंदर, रामऔतार, दयाराम, शिवकुमार, बहादुर के घर नदी में समा गए। कटान के तेजी पकड़ने से यहां के लोगों में हड़कंप है और उन्हें अपने-अपने घरों की फिक्र सता रही है। प्रशासन ने अब तक यहां का मुआयना भी नहीं किया और न ही कटान रोकने के लिए कोई कदम उठाए गए हैं। कटान यहां कई सालों से हो रहा है और खबर प्रशासन को भी है लेकिन अब तक कटान रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया जाना यहां के लोगों में गुस्से की वजह बन गया है। कई सालों से हो रहे कटान में दर्जनों घर नदी में समा चुके हैं और कटान पीड़ित खुले आसमान के नीचे आकर खानाबदोश जिंदगी जीने को मजबूर हैं। लोगों ने एक बार फिर डीएम से यहां कटान रोकने की मांग की है।
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