Lakhimpur Kheri: पलिया में बाढ़ पीड़ित किसानों का प्रदर्शन, बोले- 1500 एकड़ फसल हुई बर्बाद; मुआवजे की मांग
लखीमपुर खीरी के पलियाकलां इलाके में बाढ़ से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में बाढ़ का पानी भरा है। फसलें डूब गई हैं। पीड़ित किसानों ने शनिवार को मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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लखीमपुर खीरी के पलियाकलां इलाके में बाढ़ पीड़ित किसानों ने कस्बे के कमल चौराहे पर शनिवार दोपहर को प्रदर्शन किया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचीं तहसीलदार आरती यादव ने किसानों से बात की, तब किसानों ने समस्या का समाधान कराने की मांग उठाई। समस्या समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
किसानों ने कहा कि क्षेत्र में लगभग 1500 एकड़ फसल बाढ़ के पानी डूब चुकी है। फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। सरकार से इसका मुआवजा दिलाया जाए। किसानों ने बताया कि शारदानगर में आए मुख्यमंत्री ने कहा था कि बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री और कितनी फसल डूबी है, उसकी क्षति के अनुसार मुआवजा देने की बात कही थी।
सड़क पर गुजार रहे दिन
किसानों का कहना है कि पालिया से 24 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। गांवों में पानी भरा हुआ है, जिससे लोग घरों से निकल नहीं पा रहे हैं। गांव के रास्ते चारों तरफ से टूटे हुए हैं और बाढ़ का पानी भरा हुआ है। बाढ़ पीड़ित का परिवार सड़क पर खड़े हुए वाहनों के नीचे बसर गुजर कर रहे हैं। उन्होंने तहसील पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा।
पलिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में सबसे ज्यादा खेतों में लगी फसलों को ही नुकसान पहुंचा है। बाढ़ का पानी गांव से तो उतर गया है, लेकिन यह पानी संपर्क मार्गो व किसानों के खेतों में भरा हुआ है। एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि 12 से 14 सौ हैकटेयर फसल व खेत बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं और इनमें पानी भरा हुआ है।
खेतों में भरा है बाढ़ का पानी
पलिया क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित 112 गांव थे, इन 112 गांव के मजरों में भी पानी भरा हुआ था। पानी रात से शनिवार सुबह तक काफी घट गया है। घरों से पानी निकल चुका है। मझगई क्षेत्र के विष्णुपुर, चौरी, बबौरा, पंछी फॉर्म, बिजौरिया, धूसर आदि गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भरा हुआ है और लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं।