फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Five more houses of Grant 12 village in Lakhimpur Kheri collapsed in the Sharda river

शारदा का कहर: पांच सेकंड में नदी में समाया पूरा मकान... लखीमपुर खीरी के ग्रंट 12 में 122 परिवार हुए बेघर

Mon, 22 Sep 2025 04:21 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 22 Sep 2025 04:21 PM IST
सार

शारदा नदी इन दिनों ग्रंट 12 गांव के लिए काल बनी हुई है। नदी के कटान से 122 परिवार बेघर हो गए हैं। इनके मकान शारदा नदी में समा गए हैं। सोमवार को पांच और मकान नदी में गिर गए। 

विज्ञापन
Five more houses of Grant 12 village in Lakhimpur Kheri collapsed in the Sharda river
शारदा नदी में समाया मकान - फोटो : संवाद

विस्तार

लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र के ग्रंट 12 गांव में शारदा नदी का कटान थम नहीं रहा है। सोमवार सुबह तक नदी की तेज धार ने गांव के पांच पक्के मकान एक झटके में ढहा दिए। गांव के दीपक कुमार, राजवती, श्रीमोहन, सोनू कुमार और रामखेलावन के मकान नदी में समा गए हैं। कटान से शारदा नदी में गिरते एक मकान का वीडियो वायरल हो रहा है। रविवार को तेज धारा में निर्मला, धीरज, सुमित्रा देवी, विपिन कुमार और राधेश्याम के पक्के मकान गिर गए थे। 

विज्ञापन


ग्रामीणों का कहना है कि अब तक गांव के 122 घर कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन और कई मवेशी भी नदी में बह गए। रोजाना कटान से कई परिवार बेघर हो रहे हैं। दहशत के साए में लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं। आरोप है कि प्रशासन सिर्फ मुआवजा बांटकर औपचारिकता पूरी कर रहा है। 
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- राहत: जीएसटी की नई दरें लागू... सस्ती होंगी ये दवाएं, कार-फ्रिज और किराना सामान की भी घटेंगी कीमतें
विज्ञापन
विज्ञापन


कटान पीड़ितों का कहना है कि जब तक सुरक्षित स्थान पर स्थायी पुनर्वास नहीं कराया जाएगा, तब तक असली राहत नहीं मिलेगी। इस संबंध में तहसीलदार मुकेश वर्मा ने बताया कि जलस्तर घटने के साथ शारदा का कटान और तेज हो गया है। प्रशासन कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की दिशा में काम कर रहा है।

शारदा नदी में समाता जा रहा सिंघिया गांव
विकास खंड बिजुआ क्षेत्र के सिंघिया गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। इस गांव में 2024 में कुल 119 घर थे। पिछले साल 25 घर शारदा नदी के कटान की चपेट में आ गए। इस साल सितंबर से शुरू हुए कटान में अब तक 41 और घर नदी में समा चुके हैं।  21 सितंबर को एक ही दिन में 11 मकान, सड़कें और कई बिजली के खंभे नदी में बह गए। जिन परिवारों के घर नदी में समा गए उनमें रामनरायन, दारासिंह, लल्लन, महेश कुमार, प्रमोद कुमार, भृगुनाथ, रामप्रवेश, नीरज कुमार, गौरीशंकर, गनेश और हरेराम के नाम शामिल हैं। 

यह लोग सड़क किनारे तिरपाल डालकर अपने बच्चों और मवेशियों के साथ रहने को मजबूर हैं। बेघर हुए परिवारों की स्थिति दयनीय है। महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। छोटे बच्चों के लिए दूध और दवाओं की कमी है। मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम करना भी चुनौती बन गया है। पीने के पानी की किल्लत पैदा हो गई है। क्षेत्रीय लेखपाल राकेश शुक्ल स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और तहसील प्रशासन को नियमित रूप से जानकारी दे रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed