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Lakhimpur Kheri News: पांच लाख किसानों को एसएमएस से बचाव के दिए जाएंगे टिप्स
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जिला गन्ना अधिकारी वेद प्रकाश सिंह विभागीय अफसरों के साथ बैठक करते हुए: डीसीओ
लखीमपुर खीरी। जिले में मानव वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए गन्ना विभाग को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला गन्ना कार्यालय में बुधवार को डीसीओ वेद प्रकाश सिंह ने विभागीय अफसरों के साथ ही चीनी मिलों के महाप्रबंधक, वन विभाग के साथ संयुक्त बैठक कर घटनाओं को रोकने की रणनीति तैयार की। तय हुआ कि जिले के पांच लाख किसानों को मोबाइल पर एसएमएस से बचाव के लिए टिप्स दिए जाएंगे।
डीएसओ ने विभागीय अफसरों को निर्देश दिए कि समिति, परिषद कार्यालयों, चीनी मिल परिसर व गन्ना क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को फ्लैक्सी बैनर लगाकर जागरूक करें। उनको बताएं कि अगर खेतों में जाना है तो समूह में जाएं। किसी भी दशा में अकेले न जाएं। प्रचार वाहन पर लाउडस्पीकर से किसानों व ग्रामीणों को जागरूक करें।
डीसीओ ने किसानों से अपील की कि खेतों में घुसने से पहले शोर जरूर करें। रात में सोते समय घर के दरवाजे व खिड़की बंद रखें। घर के बाहर खुले में न सोयें। शौच के लिए शौचालय का प्रयोग करें। इस दौरान विश्व प्रकृति निधि के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दाबिर हसन, फॉरेस्ट रेंजर एके मल्ल मौजूद रहे।
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जंगल से सटे खेतों में 35 हजार हेक्टेयर में है गन्ना
जिला गन्नाधिकारी ने बताया कि जनपद में 3.72 हेक्टेयर में गन्ने की पैदावार है, जिसमें करीब 35 हजार हेक्टेयर गन्ना जंगल किसान है। इन क्षेत्रों में विशेषरूप से किसानों व ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वन्यजीव घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
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डीएसओ ने विभागीय अफसरों को निर्देश दिए कि समिति, परिषद कार्यालयों, चीनी मिल परिसर व गन्ना क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को फ्लैक्सी बैनर लगाकर जागरूक करें। उनको बताएं कि अगर खेतों में जाना है तो समूह में जाएं। किसी भी दशा में अकेले न जाएं। प्रचार वाहन पर लाउडस्पीकर से किसानों व ग्रामीणों को जागरूक करें।
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डीसीओ ने किसानों से अपील की कि खेतों में घुसने से पहले शोर जरूर करें। रात में सोते समय घर के दरवाजे व खिड़की बंद रखें। घर के बाहर खुले में न सोयें। शौच के लिए शौचालय का प्रयोग करें। इस दौरान विश्व प्रकृति निधि के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दाबिर हसन, फॉरेस्ट रेंजर एके मल्ल मौजूद रहे।
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जंगल से सटे खेतों में 35 हजार हेक्टेयर में है गन्ना
जिला गन्नाधिकारी ने बताया कि जनपद में 3.72 हेक्टेयर में गन्ने की पैदावार है, जिसमें करीब 35 हजार हेक्टेयर गन्ना जंगल किसान है। इन क्षेत्रों में विशेषरूप से किसानों व ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा, ताकि वन्यजीव घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।