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Lakhimpur Kheri News: जमुका के प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज, अंतिम जांच के लिए कमेटी गठित

Tue, 07 Oct 2025 10:51 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Tue, 07 Oct 2025 10:51 PM IST
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Financial powers of the head of Jamuka seized, committee formed for final investigation
लखीमपुर खीरी। विकास कार्यों के नाम पर गबन करने व जांच अधिकारी के नोटिस का जवाब गोल-मोल देना जमुका गांव के प्रधान पर भारी पड़ गया। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने उनके वित्तीय अधिकार सीज करते हुए अंतिम जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित कर दी है।
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प्रधान पर शौचालय की मरम्मत, खड़ंजा निर्माण, चहारदीवारी, स्ट्रीट लाइट, हैंडपंप मरम्मत आदि के कार्यों में गबन का आरोप है। पसगवां ब्लाॅक के ग्राम पंचायत जमुका के ग्रामीणों ने प्रधान अर्चना के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी को जांच सौंपी। इस पर वे गांव पहुंचे और सभी बिंदुओं पर पड़ताल की।
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जांच में गबन सामने आने पर प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। प्रधान ने 27 सितंबर को जवाब दिया, जो गोलमोल था। प्रधान ने गांव व स्कूल में जो कार्य कराने की बात कही, वह मौके पर पाया ही नहीं गया।
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प्रधान ने बताया था कि सामुदायिक शौचालय की मरम्मत वर्ष 2024 -25 में की गई, जिसमें दो लोहे के गेट, दो वाशबेसिन नल, वाटर पाइप के लिए बिजली फिटिंग, पानी की टंकी, स्टार्टर, शौचालय की लाइटें आदि लगवाने की जानकारी दी। जांच अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में सामुदायिक शौचालय कई वर्षों से बंद व अत्यंत जर्जर मिलने की बात कही थी।
वर्ष 2023-24 में मरम्मत पर 87 रुपये व्यय होना दिखाया गया, लेकिन पुष्टि नहीं हुई है। खड़ंजा, शौचालय, चहारदीवारी पर प्लास्टर आदि कार्यों के नाम पर खेल पाया गया। हैंडपंप मरम्मत में भी गड़बड़ी मिली।

डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि प्रधान ने अपने पद एवं शासकीय धनराशि 13,53,870 का दुरुपयोग किया है, जिसकी वसूली कराई जाएगी। इधर, डीएम ने उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95 (1) (छ) के तहत प्रधान अर्चना के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। मामले की अंतिम जांच उप कृषि निदेशक व लोक निर्माण के जेई को सौंपी गई है।
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