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आर्थिक तंगी ने ले ली युवक की जान
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मृतक राजेश का फाइल फोटो।
- फोटो : LAKHIMPUR
मझगईं। गरीबों के लिए सरकार की तमाम योजनाओं के चलने के बाद भी जरूरतमंद को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक परिवार के मुखिया की समय पर उपचार न मिल पाने से मौत हो गई। पति के उपचार के लिए गांव वालों से मदद मांगने निकली महिला जब घर लौटी तो उसके पति ने दम तोड़ दिया था। इस घटना ने लोगों को झकझोर दिया है। ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर मृतक का अंतिम संस्कार करा दिया।
गांव बेलाकलां निवासी स्व. नत्था का पुत्र राजेश (35) पत्नी खिम्मी देवी, पुत्र राजेश व पुत्री ममता के साथ रहता था। राजेश मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार की जीविका चलाता था। रविवार को राजेश के सीने में अचानक दर्द उठा। जिससे उसकी तबियत खराब हो गई। रुपये न होने के चलते पत्नी उसको इलाज के लिए कहीं नहीं ले जा पाई। सोमवार को ज्यादा तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस से उसको पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाई जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पास में फूटी कौड़ी न होने पर वह पति को घर ले आई और जिला अस्पताल ले जाने के लिए वह गांव में लोगों से मदद मांगने निकली। शाम को जब वह घर लौटी तब तक राजेश की मौत हो चुकी थी। पति की मौत से परिजन में कोहराम मच गया है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर अंतिम संस्कार भी ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर कराया। संवाद
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गांव बेलाकलां निवासी स्व. नत्था का पुत्र राजेश (35) पत्नी खिम्मी देवी, पुत्र राजेश व पुत्री ममता के साथ रहता था। राजेश मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार की जीविका चलाता था। रविवार को राजेश के सीने में अचानक दर्द उठा। जिससे उसकी तबियत खराब हो गई। रुपये न होने के चलते पत्नी उसको इलाज के लिए कहीं नहीं ले जा पाई। सोमवार को ज्यादा तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस से उसको पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाई जहां से डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पास में फूटी कौड़ी न होने पर वह पति को घर ले आई और जिला अस्पताल ले जाने के लिए वह गांव में लोगों से मदद मांगने निकली। शाम को जब वह घर लौटी तब तक राजेश की मौत हो चुकी थी। पति की मौत से परिजन में कोहराम मच गया है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर अंतिम संस्कार भी ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर कराया। संवाद
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