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Lakhimpur Kheri News: आखिरकार मिली कामयाबी... पिंजरे में तेंदुआ कैद
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वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ स्रोत : वन विभाग
धौरहरा। वन रेंज के ग्रंट-12, धूसाखुर्द घोसियाना और धौरहरा में चहलकदमी करने वाला तेंदुआ बुधवार को आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अब ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
तेंदुआ दुघट्टा, धौरहरा, सुजईकुंडा व धूसाखुर्द घोसियाना क्षेत्र में कई छुट्टा पशुओं और कुत्तों को निवाला बना चुका था। तीन माह से तेंदुए की दहशत के कारण ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पा रहे थे। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए चार दिन पहले जोगी बाबा स्थान धौरहरा के पास खेतों में पिंजरा लगाया था। बुधवार सुबह तेंदुआ उसी पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग का यह अभियान 45 दिन तक चला। वन विभाग के मुताबिक, तेंदुआ नर है। उसकी उम्र करीब तीन वर्ष है। वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि 45 दिन तक चले ऑपरेशन तेंदुआ के बाद सफलता हासिल हुई है। तेेेंदुए की चहलकदमी के आधार पर पिंजरों की जगह बदली जाती थी। बुधवार सुबह वयस्क नर तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे दुधवा जंगल में छोड़ा जाएगा।
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तेंदुआ दुघट्टा, धौरहरा, सुजईकुंडा व धूसाखुर्द घोसियाना क्षेत्र में कई छुट्टा पशुओं और कुत्तों को निवाला बना चुका था। तीन माह से तेंदुए की दहशत के कारण ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पा रहे थे। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए चार दिन पहले जोगी बाबा स्थान धौरहरा के पास खेतों में पिंजरा लगाया था। बुधवार सुबह तेंदुआ उसी पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग का यह अभियान 45 दिन तक चला। वन विभाग के मुताबिक, तेंदुआ नर है। उसकी उम्र करीब तीन वर्ष है। वह पूर्ण रूप से स्वस्थ है।
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क्षेत्रीय वनाधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि 45 दिन तक चले ऑपरेशन तेंदुआ के बाद सफलता हासिल हुई है। तेेेंदुए की चहलकदमी के आधार पर पिंजरों की जगह बदली जाती थी। बुधवार सुबह वयस्क नर तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे दुधवा जंगल में छोड़ा जाएगा।
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