{"_id":"6a4fe5b3a4ba480a5508c026","slug":"filthy-water-spilling-onto-the-streets-piles-of-garbage-questions-raised-about-the-communicable-disease-control-campaign-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-179444-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: सड़कों पर फैला गंदा पानी, कूड़े के ढेर... संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: सड़कों पर फैला गंदा पानी, कूड़े के ढेर... संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर सवाल
Thu, 09 Jul 2026 11:47 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:47 PM IST
विज्ञापन
बाबू राम सर्राफ नगर में चोक नालियों से होता जलभराव। संवाद
लखीमपुर खीरी। डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य संचारी रोगों के रोकथाम को लेकर संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा, लेकिन गली, मोहल्लों, गांवों व सार्वजनिक स्थानों पर अब भी गंदगी का बोलबाला है। ऐसे में इस अभियान पर पलीता लगता नजर आ रहा है।
संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर हर साल अभियान चलता है। जागरूकता के साथ ही दिखावे की साफ-सफाई भी होती, लेकिन धरातल पर काम न होने से ही बीमारियों पर रोक नहीं लग पाती है। यही वजह है कि हर साल डेंगू, मलेरिया के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। कलक्ट्रेट परिसर में एक जुलाई को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर संचारी रोगों की रोकथाम के अभियान की शुरुआत की, जो 31 जुलाई तक चलना है। अभियान की हकीकत जानने के लिए नौ दिन बाद बृहस्पतिवार को शहर में पड़ताल कराई तो अधिकांश जगह गंदगी की भरमार और जलभराव की समस्या मिली, जो एक बड़ी लापरवाही है।
शहर में 32 वार्ड हैं और अधिकांश वार्ड का एक ही जैसा हाल है। मोहल्ला बहादुर नगर का बुरा हाल देखने को मिला। एक प्लाॅट में भरा कूड़ा और सड़क पर घरों से निकलने वाला गंदा मुश्किलें बढ़ाता नजर आया। ऐसा ही हाल गुरु गोविंद सिंह चौराहे के पास देखने को मिला। नाले का पानी सड़क पर फैला रहा नजर आया, मच्छरों का लार्वा भी देखने को मिला। आर्यकन्या डिग्री कॉलेज के पास सब्जी मंडी का सबसे बुरा हाल है। कूड़े का ढेर और बदबू से जीना दूभर कर दिया।
विज्ञापन
मोहल्ला निर्मल नगर के एक प्लाॅट में कूड़े का अंबार मिला। बाबू राम सर्राफ नगर में चोक नालियों का पानी सड़क पर फैला है। इसके अलावा गोटैय्याबाग में मुख्य मार्ग के किनारे पर भी कूड़ा का ढेर लगा मिला। बड़ी बात यह है कि गोवंशीय पशु कूड़े में अपना भोजन तलाशते नजर आए। शहर से सटे गांव सुआगाड़ा की मुख्य सड़क पर चौरसिया गली के सामने सड़क पर नाली का गंदा पानी हमेशा भरा रहता है।
राहुल चौरसिया ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन आज तक न तो सफाई हो सकी न ही कोई अन्य समाधान निकल कसा। इसके अलावा हिदायनगर, निर्मल नगर, शास्त्रीनगर, कपूरथला, छाउछ आदि जगह भी संचारी रोगों को बढ़ावा देने वाला हाल मिला।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
फिर इकठ्ठा हो गया कूड़ा
तृतीय वाहिनी एसएसबी के सामने सूखे तालाब में वर्षों से घरेलू कूड़ा डाला जाता है। एक सप्ताह पहले अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग से आसपास के पेड़ पौधे भी नष्ट हो गए। हालांकि एसएसबी के जवानों ने आग बुझाई, लेकिन सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि फिर वहीं पर कूड़े का ढेर लग गया। इस ओर न तो नगर पालिका ध्यान दे रही न ही अन्य जिम्मेदार।
-- -- -- -- -- -- --
वर्ष- मलेरिया- डेंगू
2020- 115- 58
2021- 103- 85
2022- 298- 179
2023- 594- 297
2024 -614-305
2025- 445- 68
2026- 37- 05 (जनवरी से सिर्फ जून तक के आंकड़े)
-- -- -- -- -- -- -
नगर पालिका प्रतिदिन सफाई अभियान पर जोर दे रही है। संचारी रोग अभियान के दौरान सभी वार्डों में दवा का छिड़काव, साफ-सफाई, प्लाॅटों में भरा कूड़ा उठाया जा रहा है। इसके लिए अलग से टीमें भी लगाई गई हैं।
-संजय कुमार, ईओ नगर पालिका लखीमपुर
विज्ञापन
संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर हर साल अभियान चलता है। जागरूकता के साथ ही दिखावे की साफ-सफाई भी होती, लेकिन धरातल पर काम न होने से ही बीमारियों पर रोक नहीं लग पाती है। यही वजह है कि हर साल डेंगू, मलेरिया के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। कलक्ट्रेट परिसर में एक जुलाई को डीएम अंजनी कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर संचारी रोगों की रोकथाम के अभियान की शुरुआत की, जो 31 जुलाई तक चलना है। अभियान की हकीकत जानने के लिए नौ दिन बाद बृहस्पतिवार को शहर में पड़ताल कराई तो अधिकांश जगह गंदगी की भरमार और जलभराव की समस्या मिली, जो एक बड़ी लापरवाही है।
विज्ञापन
शहर में 32 वार्ड हैं और अधिकांश वार्ड का एक ही जैसा हाल है। मोहल्ला बहादुर नगर का बुरा हाल देखने को मिला। एक प्लाॅट में भरा कूड़ा और सड़क पर घरों से निकलने वाला गंदा मुश्किलें बढ़ाता नजर आया। ऐसा ही हाल गुरु गोविंद सिंह चौराहे के पास देखने को मिला। नाले का पानी सड़क पर फैला रहा नजर आया, मच्छरों का लार्वा भी देखने को मिला। आर्यकन्या डिग्री कॉलेज के पास सब्जी मंडी का सबसे बुरा हाल है। कूड़े का ढेर और बदबू से जीना दूभर कर दिया।
विज्ञापन
मोहल्ला निर्मल नगर के एक प्लाॅट में कूड़े का अंबार मिला। बाबू राम सर्राफ नगर में चोक नालियों का पानी सड़क पर फैला है। इसके अलावा गोटैय्याबाग में मुख्य मार्ग के किनारे पर भी कूड़ा का ढेर लगा मिला। बड़ी बात यह है कि गोवंशीय पशु कूड़े में अपना भोजन तलाशते नजर आए। शहर से सटे गांव सुआगाड़ा की मुख्य सड़क पर चौरसिया गली के सामने सड़क पर नाली का गंदा पानी हमेशा भरा रहता है।
राहुल चौरसिया ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन आज तक न तो सफाई हो सकी न ही कोई अन्य समाधान निकल कसा। इसके अलावा हिदायनगर, निर्मल नगर, शास्त्रीनगर, कपूरथला, छाउछ आदि जगह भी संचारी रोगों को बढ़ावा देने वाला हाल मिला।
फिर इकठ्ठा हो गया कूड़ा
तृतीय वाहिनी एसएसबी के सामने सूखे तालाब में वर्षों से घरेलू कूड़ा डाला जाता है। एक सप्ताह पहले अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग से आसपास के पेड़ पौधे भी नष्ट हो गए। हालांकि एसएसबी के जवानों ने आग बुझाई, लेकिन सबसे बड़ी दुर्भाग्य की बात यह है कि फिर वहीं पर कूड़े का ढेर लग गया। इस ओर न तो नगर पालिका ध्यान दे रही न ही अन्य जिम्मेदार।
वर्ष- मलेरिया- डेंगू
2020- 115- 58
2021- 103- 85
2022- 298- 179
2023- 594- 297
2024 -614-305
2025- 445- 68
2026- 37- 05 (जनवरी से सिर्फ जून तक के आंकड़े)
नगर पालिका प्रतिदिन सफाई अभियान पर जोर दे रही है। संचारी रोग अभियान के दौरान सभी वार्डों में दवा का छिड़काव, साफ-सफाई, प्लाॅटों में भरा कूड़ा उठाया जा रहा है। इसके लिए अलग से टीमें भी लगाई गई हैं।
-संजय कुमार, ईओ नगर पालिका लखीमपुर

बाबू राम सर्राफ नगर में चोक नालियों से होता जलभराव। संवाद

बाबू राम सर्राफ नगर में चोक नालियों से होता जलभराव। संवाद