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वायरल बुखार पसार रहा पांव
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जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर पर लगी भीड़। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। जिले में वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। अकेले जिला अस्पताल में रोज ही दो हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि, ओपीडी के बाहर खड़े मरीजों में डॉक्टरों को दिखाने के लिए मारामारी मची रहती है।
शनिवार को जिला अस्पताल में 1489 नए पर्चे बने। वहीं करीब सात सौ पुराने पर्चों पर मरीज देखे गए। इस तरह देखा जाए तो करीब दो हजार से ज्यादा मरीज हर रोज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी ओपीडी के बाहर सुबह नौ से से दोपहर दो बजे तक मरीजों की लाइनें लगी रहीं। इसमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के थे। डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के साथ मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की नसीहत दे रहे हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में सावधानी बरतकर संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
.......
तारीख- पर्चे बने
18 सितंबर-1489
17 सितंबर-1302
16 सितंबर-593( बारिश होने के कारण कम पहुंचे मरीज)
15 सितंबर-1599
14 सितंबर- 1619
..........
18 एलकेएच 12
मलेरिया विभाग पता कर रहा मच्छरों की प्रजाति
बारिश के मौसम में मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए मलेरिया भी अलर्ट है। डेंगू, मलेरिया, एईएस एवं स्क्रब टायफस के मरीज मिलने पर टीम गांवों का भ्रमण कर लार्वा संग्रह कर एंटीलार्वा का छिड़काव करा रहीं हैं। मलेरिया विभाग के लोगों का कहना है कि लार्वा संग्रह कर उसे पाला जाता है, जिससे व्यस्क होने पर इस बात की जानकारी हो सके कि लार्वा मलेरिया (एनाफिलीज) का था या फिर डेंगू (मादा एडीज)का।
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पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। प्रतिदिन करीब 15 सौ पर्चे बन रहे हैं। वहीं करीब सात-आठ सौ पुराने पर्चों पर भी मरीज देखे जाते हैं। अस्पताल के मानक के हिसाब से पूरे डॉक्टर हैं।
-डॉ. सीएस सिंह, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल
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शनिवार को जिला अस्पताल में 1489 नए पर्चे बने। वहीं करीब सात सौ पुराने पर्चों पर मरीज देखे गए। इस तरह देखा जाए तो करीब दो हजार से ज्यादा मरीज हर रोज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी ओपीडी के बाहर सुबह नौ से से दोपहर दो बजे तक मरीजों की लाइनें लगी रहीं। इसमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के थे। डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के साथ मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की नसीहत दे रहे हैं।
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डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में सावधानी बरतकर संक्रामक बीमारियों से बचा जा सकता है।
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तारीख- पर्चे बने
18 सितंबर-1489
17 सितंबर-1302
16 सितंबर-593( बारिश होने के कारण कम पहुंचे मरीज)
15 सितंबर-1599
14 सितंबर- 1619
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18 एलकेएच 12
मलेरिया विभाग पता कर रहा मच्छरों की प्रजाति
बारिश के मौसम में मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए मलेरिया भी अलर्ट है। डेंगू, मलेरिया, एईएस एवं स्क्रब टायफस के मरीज मिलने पर टीम गांवों का भ्रमण कर लार्वा संग्रह कर एंटीलार्वा का छिड़काव करा रहीं हैं। मलेरिया विभाग के लोगों का कहना है कि लार्वा संग्रह कर उसे पाला जाता है, जिससे व्यस्क होने पर इस बात की जानकारी हो सके कि लार्वा मलेरिया (एनाफिलीज) का था या फिर डेंगू (मादा एडीज)का।
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पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। प्रतिदिन करीब 15 सौ पर्चे बन रहे हैं। वहीं करीब सात-आठ सौ पुराने पर्चों पर भी मरीज देखे जाते हैं। अस्पताल के मानक के हिसाब से पूरे डॉक्टर हैं।
-डॉ. सीएस सिंह, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल