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प्रयागराज के मंडलायुक्त संजय ने कहा-आज जो भी हूं पिता की बदौलत
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अपने माता-पिता के साथ आयुक्त संजय गोयल। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज। पिता की कामयाबी ही उसके बेटे की उन्नति का रास्ता बनाती है। बांकेगंज कस्बा निवासी और जिले के उद्योगपति गोविंद राम गोयल ने अपने व्यवसाय में बुलंदियां छुईं। वहीं अपने बेटे को आईएएस अधिकारी बनाने में बहुत योगदान दिया।
हरियाणा से आकर बांकेगंज में बसे गोविंद राम गोयल ने कुटीर उद्योग के रूप में गुड़ बनाने के लिए कोल्हू लगाकर रोजगार की शुरुआत की थी। गोविंद गोयल ने अपने बड़े बेटे विनोद गोयल को अपने कारोबार का उत्तराधिकारी बनाया, लेकिन छोटे बेटे संजय गोयल को उन्होंने अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलाकर आईएएस अधिकारी बनाने में बड़ा योगदान दिया।
असम-मेघालय कैडर के 2004 बैच के आईएएस अफसर संजय गोयल भी अपनी सफलता का श्रेय पिता को देते हैं। उनका कहना है कि पिता की इच्छा थी कि वह उनका कारोबार संभालें लेकिन, वह आईएएस बनना चाहते थे। संजय बताते हैं कि यह पिता की ही वजह से ही संभव हुआ जो उन्होंने अपने बेटे के मन की सुनी। संजय बताते हैं कि वह आज जो कुछ भी हैं, अपने पिता की वजह से ही है। मौजूदा वक्त में संजय गोयल प्रयागराज मंडल के आयुक्त पद पर तैनात हैं। गोविंद गोयल भी अपने पुत्र की सफलता पर गौरवान्वित हैं, तो संजय गोयल को भी अपने पिता पर गर्व है। संवाद
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हरियाणा से आकर बांकेगंज में बसे गोविंद राम गोयल ने कुटीर उद्योग के रूप में गुड़ बनाने के लिए कोल्हू लगाकर रोजगार की शुरुआत की थी। गोविंद गोयल ने अपने बड़े बेटे विनोद गोयल को अपने कारोबार का उत्तराधिकारी बनाया, लेकिन छोटे बेटे संजय गोयल को उन्होंने अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलाकर आईएएस अधिकारी बनाने में बड़ा योगदान दिया।
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असम-मेघालय कैडर के 2004 बैच के आईएएस अफसर संजय गोयल भी अपनी सफलता का श्रेय पिता को देते हैं। उनका कहना है कि पिता की इच्छा थी कि वह उनका कारोबार संभालें लेकिन, वह आईएएस बनना चाहते थे। संजय बताते हैं कि यह पिता की ही वजह से ही संभव हुआ जो उन्होंने अपने बेटे के मन की सुनी। संजय बताते हैं कि वह आज जो कुछ भी हैं, अपने पिता की वजह से ही है। मौजूदा वक्त में संजय गोयल प्रयागराज मंडल के आयुक्त पद पर तैनात हैं। गोविंद गोयल भी अपने पुत्र की सफलता पर गौरवान्वित हैं, तो संजय गोयल को भी अपने पिता पर गर्व है। संवाद
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