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Lakhimpur Kheri News: खेत बर्बाद, गांव बेहाल और नदी घरों की ओर
Wed, 26 Aug 2026 11:31 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 26 Aug 2026 11:31 PM IST
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लौकाही मल्लापुर में कटान को देखते ग्रामीण। स्रोत : वीडियो ग्रैब
निघासन/धाैरहरा। शारदा और घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर से निघासन और धौरहरा क्षेत्र के दर्जनों गांव बाढ़ और कटान की चपेट में हैं। निघासन क्षेत्र के कई गांवों में पिछले 15 दिनों से पानी भरा है। खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं।
दूसरी तरफ धौरहरा क्षेत्र के लौकाही मल्लापुर में खेतों के कटान के बाद घाघरा नदी अब गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों ने राहत के साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
निघासन क्षेत्र में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर से मंडप फार्म, ठाकुरपुरवा, रानीगंज, गोविंदपुर फार्म और तमोलिनपुरवा समेत दर्जनों गांव प्रभावित हैं। जीतपुरवा निवासी पैकरमा, अरविंद, जमुना प्रसाद, रवि प्रताप, लक्ष्मण, तोताराम, अमरीका, भजनलाल, दुजई और हीरालाल समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि तमोलिनपुरवा में बांध ऊंचा होने के कारण उसके पश्चिम में बसे गांवों में पानी भर गया है। धान, गेहूं, तिल्ली और अन्य फसलें डूबकर बर्बाद हो गई हैं।
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बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन, पेयजल और पशुओं के चारे की भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ से फसलें बर्बाद होती हैं। सरकारी सहायता भी स्थायी समाधान नहीं है।
ग्रामीणों ने रानीगंज में बंधा और ठाकुरपुरवा में बड़ी पुलिया बनाने की मांग की है। रपटा पुल के सामने नाले की सफाई कराने की भी मांग की है। उनके अनुसार रपटा पुल पानी की निकासी में बाधा बनता है। नाला सिल्ट और झाड़ियों से अटा होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है।
जीतपुरवा निवासी पैकरमा ने कहा कि हर साल बाढ़ से हजारों रुपये की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली दो-ढाई हजार रुपये की सहायता किसानों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने रानीगंज में बंधा बनवाने और तमोलिनपुरवा बांध की जांच कराने की मांग की।
एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के हालात पर नजर रखी जा रही है। लंच पैकेट और राशन किट का वितरण कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया जाएगा। फसलों के नुकसान का भी आकलन कराया जा रहा है।
धौरहरा तहसील के टहारा गांव की बंगाली कॉलोनी में बुधवार को 150 बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न राहत किट वितरित की गईं। निघासन विधायक शशांक वर्मा और तहसीलदार आदित्य विशाल ने सामग्री वितरित की। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से उनकी समस्याएं जानीं और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। प्रशासन ने आवश्यकतानुसार राहत सामग्री का वितरण जारी रखने की बात कही।
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घाघरा नदी ने विकराल रूप धारण किया
खमरिया। तहसील धौरहरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लौकही मल्लापुर में घाघरा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। खेतों के कटान के बाद नदी धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बुधवार सुबह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के बाद अब बचे घरों को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाने होंगे। उन्होंने आशंका जताई कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें बेघर होना पड़ सकता है। संवाद
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आज बारिश की संभावना
लखीमपुर खीरी। जिले में बुधवार को मौसम बदला रहा। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। तेज धूप से राहत मिली, लेकिन उमस ने परेशान किया। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8:30 बजे हवा में नमी 85 प्रतिशत थी, जो शाम 5:30 बजे बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई। अधिक नमी के कारण वातावरण में चिपचिपाहट बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। जिले में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। संवाद
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दूसरी तरफ धौरहरा क्षेत्र के लौकाही मल्लापुर में खेतों के कटान के बाद घाघरा नदी अब गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों ने राहत के साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
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निघासन क्षेत्र में शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर से मंडप फार्म, ठाकुरपुरवा, रानीगंज, गोविंदपुर फार्म और तमोलिनपुरवा समेत दर्जनों गांव प्रभावित हैं। जीतपुरवा निवासी पैकरमा, अरविंद, जमुना प्रसाद, रवि प्रताप, लक्ष्मण, तोताराम, अमरीका, भजनलाल, दुजई और हीरालाल समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि तमोलिनपुरवा में बांध ऊंचा होने के कारण उसके पश्चिम में बसे गांवों में पानी भर गया है। धान, गेहूं, तिल्ली और अन्य फसलें डूबकर बर्बाद हो गई हैं।
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बाढ़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन, पेयजल और पशुओं के चारे की भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ से फसलें बर्बाद होती हैं। सरकारी सहायता भी स्थायी समाधान नहीं है।
ग्रामीणों ने रानीगंज में बंधा और ठाकुरपुरवा में बड़ी पुलिया बनाने की मांग की है। रपटा पुल के सामने नाले की सफाई कराने की भी मांग की है। उनके अनुसार रपटा पुल पानी की निकासी में बाधा बनता है। नाला सिल्ट और झाड़ियों से अटा होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है।
जीतपुरवा निवासी पैकरमा ने कहा कि हर साल बाढ़ से हजारों रुपये की फसलें बर्बाद हो जाती हैं। सरकार की ओर से मिलने वाली दो-ढाई हजार रुपये की सहायता किसानों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने रानीगंज में बंधा बनवाने और तमोलिनपुरवा बांध की जांच कराने की मांग की।
एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों के हालात पर नजर रखी जा रही है। लंच पैकेट और राशन किट का वितरण कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया जाएगा। फसलों के नुकसान का भी आकलन कराया जा रहा है।
धौरहरा तहसील के टहारा गांव की बंगाली कॉलोनी में बुधवार को 150 बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न राहत किट वितरित की गईं। निघासन विधायक शशांक वर्मा और तहसीलदार आदित्य विशाल ने सामग्री वितरित की। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से उनकी समस्याएं जानीं और हरसंभव सहायता का भरोसा दिया। प्रशासन ने आवश्यकतानुसार राहत सामग्री का वितरण जारी रखने की बात कही।
घाघरा नदी ने विकराल रूप धारण किया
खमरिया। तहसील धौरहरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत लौकही मल्लापुर में घाघरा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। खेतों के कटान के बाद नदी धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बुधवार सुबह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के बाद अब बचे घरों को बचाने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाने होंगे। उन्होंने आशंका जताई कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें बेघर होना पड़ सकता है। संवाद
आज बारिश की संभावना
लखीमपुर खीरी। जिले में बुधवार को मौसम बदला रहा। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। तेज धूप से राहत मिली, लेकिन उमस ने परेशान किया। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह 8:30 बजे हवा में नमी 85 प्रतिशत थी, जो शाम 5:30 बजे बढ़कर 90 प्रतिशत हो गई। अधिक नमी के कारण वातावरण में चिपचिपाहट बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। जिले में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। संवाद

लौकाही मल्लापुर में कटान को देखते ग्रामीण। स्रोत : वीडियो ग्रैब