लखीमपुर खीरी: जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे किसान, गन्ने का मूल्य 600 रुपये करने की मांग
लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू किया। किसानों ने बकाया गन्ना भुगतान पर ब्याज का हिसाब मांगा। उन्होंने गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की भी मांग की।
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लखीमपुर खीरी में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने बकाया भुगतान पर ब्याज का हिसाब उपलब्ध कराने के साथ गन्ने का मूल्य 600 रुपये करने मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित ने कहा कि 16 जुलाई 2026 को उच्च न्यायालय में संगठन की अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान किसान नेता वीएम सिंह ने किसानों की ओर से दलील दी थी कि किसान गन्ने की खेती के लिए समितियों और बैंकों से कर्ज लेते हैं और उस पर ब्याज व पेनाल्टी चुकाते हैं। ऐसे में चीनी मिलों की ओर से भुगतान में देरी होने पर किसानों को मिलने वाला ब्याज माफ नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसी क्रम में उच्च न्यायालय ने गन्ना पेराई सत्र 1996-97 से 2025-26 तक के भुगतान पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज के भुगतान के संबंध में गन्ना आयुक्त को आदेश दिया है। संगठन अब किसानों के अलग-अलग प्रार्थना पत्र जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में जमा करा रहा है। प्रत्येक किसान करीब 30 वर्षों के बकाया गन्ना भुगतान पर बनने वाले ब्याज का हिसाब मांग रहे हैं।
इसके अलावा किसानों ने गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की भी मांग की। कहा कि वर्तमान में चीनी का भाव 6000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक है। ऐसे में आगामी पेराई सत्र शुरू होने से पहले सरकार को गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करना चाहिए। इस दौरान सरदार जागीर सिंह, सरदार विचित्र सिंह, बलविंदर सिंह, नरेंद्र सिंह, अजीत सिंह, पुत्तूलाल अवस्थी, राजेश मिश्रा, दुलीचंद वर्मा, धर्मेंद्र वर्मा, रामनिवास शुक्ला, अवधेश कुमार राजपूत, जितेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, मोहनलाल, महेश गिरी आदि किसान मौजूद रहे।