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तंबू लगीं ट्रॉलियां मिल में लगाकर किसानों ने बुलंद की आवाज
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पलिया में किसानों को संबोधित करते किसान नेता।
किसान बोले- बकाया गन्ना भुगतान होने तक यहीं डटे रहेंगे
पलिया चीनी मिल परिसर में छह दिन से डटे हैं किसान
पलियाकलां। बीते रविवार से बकाया गन्ना भुगतान की मांग कर रहे किसानों का छठे दिन भी धरना जारी रहा। किसानों ने पलिया चीनी मिल परिसर में ट्रॉलियों में तंबू लगाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक बकाया भुगतान नहीं मिलता है तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
रविवार को किसानों ने पलिया गन्ना समिति में ताला जड़ने के बाद चीनी मिल में धरना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को छठे दिन भी धरना जारी रहा। किसानों द्वारा मिल यार्ड में तंबू लगी ट्रॉलियां खड़ी कर दी गईं हैं। किसानों का कहना है कि बकाया भुगतान की मांग को लेकर गाजीपुर बार्डर की तरह यहां पर भी किसान डटा रहेगा और जब तक भुगतान नहीं होता है तब तक न तो यहां से हटेगा और न ही मिल को गन्ना दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वहां का प्रबंधन फीस के लिए दबाव बनाता है, जिससे बच्चे घर आकर अपने किसान अभिभावक से फीस जमा करने को कहते हैं, लेकिन जब मिल द्वारा भुगतान ही नहीं दिया जा रहा है तो किसान अपने बच्चे की फीस कहां से भरेगा।
स्कूल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए किसानों ने कहा कि वह खुद चीनी मिल से उनका भुगतान दिला दें, जिसके बाद बच्चे की स्कूल फीस भर दी जाएगी। किसान पहले से ही भुगतान के लिए परेशान हैं, अब उसको स्कूलों द्वारा भी परेशान किया जा रहा है। किसान खुद किसी का पैसा नहीं मारता है, लेकिन उसका यहां पैसा ही फंसा पड़ा हुआ है। किसानों ने एक स्वर में बकाया भुगतान दिए जाने की मांग की।
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चीनी मिल बंद कराने गोला गए किसान
गोला में किसानों द्वारा बकाया भुगतान को लेकर किए जा रहे आंदोलन व मिल बंदी को लेकर यहां से भी किसान गोला के रवाना हुए। किसान नेता जगपाल सिंह जग्गा, बलजीत सिंह, पूर्व समिति चेयरमैन सुखदेव सिंह, कंवरजीत सिंह, गुरप्रताप सिंह, हरफरियाद सिंह सोनू समेत कई किसानों का जत्था गोला पहुंचा।
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पलिया चीनी मिल परिसर में छह दिन से डटे हैं किसान
पलियाकलां। बीते रविवार से बकाया गन्ना भुगतान की मांग कर रहे किसानों का छठे दिन भी धरना जारी रहा। किसानों ने पलिया चीनी मिल परिसर में ट्रॉलियों में तंबू लगाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक बकाया भुगतान नहीं मिलता है तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा।
रविवार को किसानों ने पलिया गन्ना समिति में ताला जड़ने के बाद चीनी मिल में धरना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को छठे दिन भी धरना जारी रहा। किसानों द्वारा मिल यार्ड में तंबू लगी ट्रॉलियां खड़ी कर दी गईं हैं। किसानों का कहना है कि बकाया भुगतान की मांग को लेकर गाजीपुर बार्डर की तरह यहां पर भी किसान डटा रहेगा और जब तक भुगतान नहीं होता है तब तक न तो यहां से हटेगा और न ही मिल को गन्ना दिया जाएगा। किसानों ने कहा कि स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वहां का प्रबंधन फीस के लिए दबाव बनाता है, जिससे बच्चे घर आकर अपने किसान अभिभावक से फीस जमा करने को कहते हैं, लेकिन जब मिल द्वारा भुगतान ही नहीं दिया जा रहा है तो किसान अपने बच्चे की फीस कहां से भरेगा।
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स्कूल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए किसानों ने कहा कि वह खुद चीनी मिल से उनका भुगतान दिला दें, जिसके बाद बच्चे की स्कूल फीस भर दी जाएगी। किसान पहले से ही भुगतान के लिए परेशान हैं, अब उसको स्कूलों द्वारा भी परेशान किया जा रहा है। किसान खुद किसी का पैसा नहीं मारता है, लेकिन उसका यहां पैसा ही फंसा पड़ा हुआ है। किसानों ने एक स्वर में बकाया भुगतान दिए जाने की मांग की।
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चीनी मिल बंद कराने गोला गए किसान
गोला में किसानों द्वारा बकाया भुगतान को लेकर किए जा रहे आंदोलन व मिल बंदी को लेकर यहां से भी किसान गोला के रवाना हुए। किसान नेता जगपाल सिंह जग्गा, बलजीत सिंह, पूर्व समिति चेयरमैन सुखदेव सिंह, कंवरजीत सिंह, गुरप्रताप सिंह, हरफरियाद सिंह सोनू समेत कई किसानों का जत्था गोला पहुंचा।