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कमीशन से तंग किसान, एक क्विंटल पर लिए जा रहे छह किलो गेहूं

Sun, 30 May 2021 06:22 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 06:22 PM IST
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farmers problem in gehun khareed
चपरतला (लखीमपुर खीरी)। खेतों में कड़ी मेहनत कर किसान जैसे-तैसे अपनी फसल तैयार करता है। लेकिन जब वह अनाज बेचने मंडी पहुंचता है तो बिना कमीशन दिए वह तौल नहीं करवा सकता। एक क्विंटल पर कम से कम छह किलो गेहूं बतौर कमीशन उसे देना ही पड़ता है।
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कृषि मंडी मैगलगंज में गेहूं की तौल करा चुके किसानों की पीड़ा है कि कांटा इंचार्ज और मंडी के बाबू मिलकर किसानों से सीधे कमीशन की बात कर गेहूं की तौल कर रहे हैं। किसान मजबूर हैं। उनके पास कोई और चारा नहीं है। कुछ किसान नगद देकर तौल करवाते हैं। किसानों का कहना है कि बिचौलिये जो गेहूं खरीदते हैं, वह सरकारी बारदाना ले जाकर अपने गोदामों से तौल करवाकर सीधे भंडारण में भेज देते हैं, जिसकी जानकारी ही नहीं मिल पाती है।
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किसानों ने बयां किया दर्द
क्रय केंद्र पर हमने 73 क्विंटल गेहूं बेचा, जिसमें 95 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन काट लिया गया। हमारे सामने मजबूरी के अलावा कोई रास्ता नहीं था। -अशोक सिंह, किसान, बीरमपुर
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हमने 58 क्विंटल गेहूं बेचा है, जिसमें तीन क्विंटल गेहूं का भुगतान काटकर बाकी पैसे खाते में भेज दिए गए हैं, जो कि गलत है। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। -हरपाल सिंह, किसान, महुआढाब
हमने 64 क्विंटल गेहूं बेचा, लेकिन 62 क्विंटल का ही पैसा दिया गया। बाकी पैसा कमीशन में काट लिया गया है, जिसका कोई हिसाब कांटा इंचार्ज के द्वारा नहीं दिया गया। बताया कि वह खर्चे में कट गए। -अपार सिंह, किसान, सेमरा घाट
हमने 78 क्विंटल गेहूं बेचा, जिसमें चार क्विंटल का कमीशन काट लिया गया। केवल 74 क्विंटल गेहूं का ही भुगतान हमारे खाते में दिया गया है। -लखविंदर सिंह, किसान, सेमरा घाट
बोरों की कमी के कारण तौल प्रभावित
गोला गोकर्णनाथ। कृषि उत्पादन मंडी समिति के गेहूं क्रय केंद्रों पर करीब एक माह से बोरों की कमी बनी हुई है। तौल न होने से निराश किसान अपनी गेहूं भरी ट्रॉली और खुले में गेहूं के ढेर लगाकर उन्हें त्रिपाल से ढककर घर चले गए। मंडी में कुल 13 क्रय केंद्र हैं। केंद्र प्रभारी धर्मराज, बृजेश सिंह, फहीमुल्ला खान, सौरभ कुमार आदि ने बताया कि सेंटरों पर बोरों की कमी के कारण खरीद प्रभावित हुई है। पहले केंद्रों पर दो कांटे थे, इसलिए खरीद का प्रतिदिन का औसत करीब 700 क्विंटल प्रति केंद्र होता था। अब इसे आधा कर प्रतिदिन खरीद की मात्रा 300 क्विंटल कर दी गई है। डिमांड भेजी गई है बोरे मिलते ही तौल शुरू करा दी जाएगी। संवाद
मोहम्मदी में क्रय केंद्र बंद, भटक रहे किसान
मोहम्मदी। मोहम्मदी कृषि मंडी में सन्नाटा छाया हुआ है, अधिकतर केंद्र बंद हो चुके हैं और किसान गेहूं बेचने के लिए भटक रहे है। मियांपुर के किसान सतनाम सिंह कहते हैं कि गेहूं की भरी ट्रॉली घर पर खड़ी है। दो-तीन बार गेहूं बिकवाने के लिए तहसील गए, लेकिन वह नहीं मिले। बिचपुरी के किसान पप्पू सिंह कहते हैं कि की सेंटरों पर बात की, लेकिन कोई गेहूं खरीद करने को तैयार नहीं हैं। केहुआ के सोमपाल सिंह कहते हैं कि क्रय केंद्रों पर सरकारी रेट पर गेहूं कोई खरीदने को तैयार नहीं। गेहूं अब औने पौने दामों में आढ़ती के हाथ बेचेंगे। केंद्रों पर खरीद न होने से जनपद शाहजहांपुर पुवायां के व्यापारी नकद में 1700 प्रति क्विंटल के हिसा से गेहूं खरीद कर रहे हैं। बस्तोली के किसान आशीष तिवारी ने 80 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन मांगे जाने की शिकायत कमिश्नर से की थी, लेकिन उसके बाद गेहूं खरीद में कोई सुधार नहीं हुआ।

किसानों का कमीशन लेने का आरोप गलत है। बाकी सात क्रय केंद्र अन्य संस्थाओं के हैं, उनकी मुझे जानकारी नहीं। कुछ समस्याएं जरूर हैं जिनका निराकरण किया जाएगा। -नरेश रस्तोगी, मंडी सचिव मैगलगंज
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