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Lakhimpur Kheri News: आढ़तों और राइस मिलों पर किसानों की भीड़, सरकारी केंद्रों पर सन्नाटा

Wed, 15 Oct 2025 01:09 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Wed, 15 Oct 2025 01:09 AM IST
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Farmers crowded the rice mills and wholesale markets, while government centres wore a deserted look
राजापुर मंडी में आढ़त पर लगे धान के ढेर। संवाद
लखीमपुर खीरी। बीती तीन अक्तूबर से धान खरीद को लेकर खोले गए 124 सरकारी केंद्रों पर अब भी सन्नाटा पसरा हुआ। क्रय केंद्रों की शर्तों पर किसानों का धान खरा नहीं उतर रहा है। वहीं किसान आढ़तों और राइस मिलों पर 500 रुपये से ज्यादा का घाटा उठाकर फसल बेचने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि सरकारी सिस्टम की पाॅलिसी लक्ष्य को प्रभावित करेगी, वहीं आगे चलकर सरकारी केंद्रों पर आढ़तों और मिलों से खरीद की जाती है।
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एक ओर सरकार किसानों की आज दोगुनी करने को लेकर प्रयासरत है, तो वहीं खीरी का किसान आज भी परेशान है। किसान खेतों में फसल उगाता तो है, लेकिन सही मूल्य न मिलने की वजह से आर्थिक बोझ तले दबता जाता है। किसानों को सही मूल्य मिले, इसको लेकर सरकारी क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 12 दिन से ज्यादा का समय होने को है, लेकिन खरीद केंद्रों पर सन्नाटा है।
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वहीं आढ़तों और राइस मिलर्स के यहां किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लग जाती हैं। राइस मिलर्स और आढ़तिये किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाने तरीके से फसल खरीद रहे हैं। सरकारी मूल्य के सापेक्ष किसानों को करीब पांच सौ से लेकर छह सौ रुपये तक का घाटा उठाना पड़ रहा है। इस बार सरकारी न्यूनतम मूल्य 2369 और ग्रेड ए धान की कीमत 2389 तय की गई है।
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बता दें कि 12 दिन बीतने के बाद सरकारी महकमे के अधिकारियों ने केवल एक हजार क्विंटल ही धान की खरीद की है। वहीं मंडी की आढ़त पर यह खरीद एक लाख क्विंटल से अधिक पहुंच गई है। इससे कहीं ज्यादा धान राइस मिलर्स ने खरीदा है। मंडी सचिव आशीष सिंह ने बताया कि अकेले राजापुर मंडी में 65,329 क्विंटल धान की खरीद हुई है, वहीं जिले की आढ़तों पर 1,04,351 क्विंटल धान खरीदा गया है।
जिले को मिला दो लाख 22 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य
डिप्टी आरएमओ नमन पांडेय ने बताया कि इस बार जिले को दो लाख 22 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। खाद्य विभाग ने धान खरीद करनी शुरू कर दी है। वहीं एजेंसियां भी काम कर रहीं हैं। धान की नमी में थोड़ी गिरावट देखी गई है। माना जा रहा है कि आने वाले एकाध दिनों के भीतर किसान धान लेकर सेंटर पर पहुंचने लगेंगे।


पोर्टल भी कर रहा दिक्कत, आखिर कहां जाएं किसान
किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन सत्यापन कराया जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से सत्यापन में दिक्कतें आ रहीं हैं। मंडी के एक क्रय केंद्र प्रभारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किसान सत्यापन के लिए जाता है तो पोर्टल ही काम नहीं करता। ऐसे में सत्यापन में काफी दिक्कतें आ रहीं हैं। हालांकि डिप्टी आरएमओ का कहना है कि दो दिन पहले तक यह दिक्कत थी, अब सही हो गई है।



31 हजार किसानों ने धान बिक्री के लिए कराया रजिस्ट्रेशन
धान बिक्री के लिए अब तक करीब 31 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है। इसमें से साढ़े सात हजार किसानों के आवेदन का सत्यापन किया जा चुका है। सत्यापन का कार्य काफी तेजी से किया जा रहा है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि किसानों को कहीं कोई दिक्कत हो तो वह विभाग से संपर्क कर सकता है।

राजापुर मंडी में आढ़त पर लगे धान के ढेर। संवाद

राजापुर मंडी में आढ़त पर लगे धान के ढेर। संवाद

राजापुर मंडी में आढ़त पर लगे धान के ढेर। संवाद

राजापुर मंडी में आढ़त पर लगे धान के ढेर। संवाद

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