{"_id":"675b1b192bc6030c7403e46b","slug":"even-after-two-months-enemy-property-could-not-be-freed-from-occupation-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-134897-2024-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: दो माह बाद भी कब्जा मुक्त नहीं हो पाई शत्रु संपत्ति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: दो माह बाद भी कब्जा मुक्त नहीं हो पाई शत्रु संपत्ति
विज्ञापन
खतौनी आदेश चकबंदी अधिकारी। संवाद
धौरहरा। धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव अमेठी में 116 बीघा भूमि (शत्रु संपत्ति) डेढ़ माह पूर्व राज्य सरकार में निहित होने के बावजूद अब तक कब्जा मुक्त नहीं हो पाई है। ये भूमि पाकिस्तान गए खातेदार के नाम दर्ज थी, जिसे चकबंदी अधिकारी ने खारिज कर 28 अक्तूबर को राज्य सरकार में निहित कर दिया।
धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव अमेठी स्थिति भूमि भारत-पाकिस्तान के बंटवारे में पाकिस्तान गए खातेदार मोहम्मद सद्दीक निवासी वारिद हाल पाकिस्तान के नाम दर्ज थी। उस भूमि को चकबंदी अधिकारी ने 28 अक्तूबर को पाकिस्तानी खातेदार को खारिज कर राज्य सरकार में दर्ज कर दिया था। अब राज्य सरकार के पक्ष में कब्जा लेने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की थी। इसके लिए एसडीएम राजेश कुमार को हिंदू संगठनों ने कई प्रार्थना पत्र भी दिए, पर उक्त शत्रु संपत्ति पर अब तक राज्य सरकार के पक्ष में कब्जा नहीं हो सका, वहीं रसूखदार भूमाफिया उस भूमि पर अब भी काबिज हैं।
जमीन पर गेहूं गन्ना आदि फसलें बो रहे हैं। एसडीएम को ज्ञापन सौंपने वाले हिंदू संगठनों के पदाधिकारी अधिवक्ता कन्हैया वाजपेयी, रमेश रस्तोगी, सुरेंद्र दीक्षित और अखिलेश मिश्रा आदि का आरोप है कि ऐसे संवेदनशील मामले में भी जानबूझकर भूमाफिया को बेदखल न करना उनकी सत्यनिष्ठा और कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। यदि शत्रु संपत्ति कब्जा मुक्त नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
हिंदू संगठनों के ज्ञापन के बाद अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया है। यदि समयावधि में भूमि नहीं खाली होती है तो पुलिस बल से कब्जा हटवाकर कब्जेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एसडीएम, धौरहरा
विज्ञापन
धौरहरा तहसील क्षेत्र के गांव अमेठी स्थिति भूमि भारत-पाकिस्तान के बंटवारे में पाकिस्तान गए खातेदार मोहम्मद सद्दीक निवासी वारिद हाल पाकिस्तान के नाम दर्ज थी। उस भूमि को चकबंदी अधिकारी ने 28 अक्तूबर को पाकिस्तानी खातेदार को खारिज कर राज्य सरकार में दर्ज कर दिया था। अब राज्य सरकार के पक्ष में कब्जा लेने की जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की थी। इसके लिए एसडीएम राजेश कुमार को हिंदू संगठनों ने कई प्रार्थना पत्र भी दिए, पर उक्त शत्रु संपत्ति पर अब तक राज्य सरकार के पक्ष में कब्जा नहीं हो सका, वहीं रसूखदार भूमाफिया उस भूमि पर अब भी काबिज हैं।
विज्ञापन
जमीन पर गेहूं गन्ना आदि फसलें बो रहे हैं। एसडीएम को ज्ञापन सौंपने वाले हिंदू संगठनों के पदाधिकारी अधिवक्ता कन्हैया वाजपेयी, रमेश रस्तोगी, सुरेंद्र दीक्षित और अखिलेश मिश्रा आदि का आरोप है कि ऐसे संवेदनशील मामले में भी जानबूझकर भूमाफिया को बेदखल न करना उनकी सत्यनिष्ठा और कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है। यदि शत्रु संपत्ति कब्जा मुक्त नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
हिंदू संगठनों के ज्ञापन के बाद अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया है। यदि समयावधि में भूमि नहीं खाली होती है तो पुलिस बल से कब्जा हटवाकर कब्जेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एसडीएम, धौरहरा