फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   eliphant

निगरानी टीमों को चकमा देकर नांरग गांव पहुंचे नेपाली हाथी,मचाया उत्पात,रौंदी फसलें

Fri, 25 Oct 2019 02:55 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 25 Oct 2019 02:55 AM IST
विज्ञापन
eliphant
बांकेगंज/मैलानी। चकमा देकर बुधवार शाम मैलानी के गांव नारंग और कुरियानी में उत्पात मचाने के बाद नेपाली हाथियों का झुंड फिर मड़हा जंगल लौट आया। मैलानी के इन गांव उत्पात मचाने पर इन हाथियों को आग जलाकर और लाठी डंडे दिखाते हुए शोर मचाकर लौटने को मजबूर किया। इन गांवों में हाथियों ने काफी नुकसान किया।
विज्ञापन

किशनपुर सेंक्चुरी में डेरा डाले नेपाली हाथी बीते चार दिन से लगातार बांकेगंज के से सटे पहाड़नगर गांव के खेतों में धावा बोल रहे थे। पहाड़नगर की ओर हाथियों के कदम रोकने के लिए वन कर्मी और पश्चिम बंगाल से आए 24 ट्रैकर्स अलग-अलग रास्तों पर इनकी कड़ी निगरानी कर रहे थे। निगरानी के बढ़ते दबाव के चलते बुुधवार शाम हाथियों के झुंड ने निगरानी टीमों को चकमा देकर अपना रास्ता बदल दिया। मड़हा जंगल से निकलकर रुख कोरजोन, डीटीआर बफरजोन जंगलों की सीमा को ओर किया। बड़ी नहर लांघ कर मैलानी रेंज की खास बीट के कुरियानी और नारंग गांव जा धमके। कई किसानों की धान और गन्ने की फसलों को रौंदा। कुरियानी में पुत्तूलाल का चार बीघा, सियाराम का तीन बीघा गन्ना, राम औतार के एक बीघा धान को नुकसान पहुंचाया। हाथियों के चिंघाड़ सुनकर लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। रेंजर केपी सिंह, आरपी सिंह, फॉरेस्टर शमशेर सिंह, गणेश शुक्ला आदि पहुंचे। इससे पहले सैकड़ों ग्रामीण हाथों में जलती टार्च, लाठी, डंडे आदि लेकर खेतों की ओर पहुंच चुके थे। शोरगल की आवाज सुनकर हाथियों का झुंड वापस मड़हा जंगल लौट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed