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‘मसककली’ की पहली बर्थ डे पर हाथियों ने उड़ाई दावत
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दुधवा नेशनल पार्क में जन्मदिन के मौके पर मां टेरेसा को दुलारती नन्हीं मसककली।
वनाधिकारियों ने भी केक काटा और नन्ही हथिनी का किया दुलार
मादा हाथी टेरेसा ने पिछले साल दिया था मसककली को जन्म, पहले ‘दुर्गा’ का मनाया गया था जन्मदिन
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व के हाथी परिवार में बृहस्पतिवार को नन्हीं हथिनी मसककली का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। हथिनी के बच्चे के नामकरण के लिए ऑनलाइन सुझाव मांगे गए थे। 150 नामों के सुझाव में मसककली नाम बृहस्पतिवार को चयनित किया गया, उसका यह पहला जन्मदिन है। इससे पहले ‘दुर्गा’ हथिनी का पिछले साल नवरात्रि में जन्मदिन मनाया गया था। इसे दो साल पहले बिजनौर के जंगल से यहां लाया गया था।
नन्हीं हथिनी मसककली जन्मदिन का यह कार्यक्रम हाथियों के बेस कैंप सलूकापुर में हुआ। यहां पूरे दिन जश्न का माहौल रहा। कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से चार साल पहले आए 10 हाथियों ने 05 मई 2018 को दुधवा की धरती पर कदम रखा था। इनमें मादा हाथी टेरेसा भी शामिल थी। टेरेसा ने पिछले साल तीन फरवरी को एक बच्ची को जन्म दिया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड निदेशक संजय पाठक के निर्देशन में बृहस्पतिवार को दुधवा नेशनल पार्क के सलूकापुर हाथी बेस कैंप में इस हथिनी का जन्मदिन मनाया गया। दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक कैलाश प्रकाश ने इसका नामकरण किया और उसे मसककली नाम दिया। इस मौके पर हाथियों को गन्ना, फल और हरी सब्जियों का लजीज भोजन परोसा गया। पार्क अधिकारियों, कर्मचारियों समेत पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर ने मसककली को दुलारते हुए केक काटकर उसे जन्मदिन की बधाई दी। इस मौके पर पार्क के अधिकारी, कर्मचारी, महावत और चाराकटर्स मौजूद रहे।
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मादा हाथी टेरेसा ने पिछले साल दिया था मसककली को जन्म, पहले ‘दुर्गा’ का मनाया गया था जन्मदिन
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व के हाथी परिवार में बृहस्पतिवार को नन्हीं हथिनी मसककली का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया। हथिनी के बच्चे के नामकरण के लिए ऑनलाइन सुझाव मांगे गए थे। 150 नामों के सुझाव में मसककली नाम बृहस्पतिवार को चयनित किया गया, उसका यह पहला जन्मदिन है। इससे पहले ‘दुर्गा’ हथिनी का पिछले साल नवरात्रि में जन्मदिन मनाया गया था। इसे दो साल पहले बिजनौर के जंगल से यहां लाया गया था।
नन्हीं हथिनी मसककली जन्मदिन का यह कार्यक्रम हाथियों के बेस कैंप सलूकापुर में हुआ। यहां पूरे दिन जश्न का माहौल रहा। कर्नाटक के बांदीपुर नेशनल पार्क से चार साल पहले आए 10 हाथियों ने 05 मई 2018 को दुधवा की धरती पर कदम रखा था। इनमें मादा हाथी टेरेसा भी शामिल थी। टेरेसा ने पिछले साल तीन फरवरी को एक बच्ची को जन्म दिया था।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड निदेशक संजय पाठक के निर्देशन में बृहस्पतिवार को दुधवा नेशनल पार्क के सलूकापुर हाथी बेस कैंप में इस हथिनी का जन्मदिन मनाया गया। दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक कैलाश प्रकाश ने इसका नामकरण किया और उसे मसककली नाम दिया। इस मौके पर हाथियों को गन्ना, फल और हरी सब्जियों का लजीज भोजन परोसा गया। पार्क अधिकारियों, कर्मचारियों समेत पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर ने मसककली को दुलारते हुए केक काटकर उसे जन्मदिन की बधाई दी। इस मौके पर पार्क के अधिकारी, कर्मचारी, महावत और चाराकटर्स मौजूद रहे।
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