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हाथी और ड्रोन कैमरे करेंगे बाघ से बचाव
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 23 Jan 2018 07:39 PM IST
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क्षेत्र में दहशत का पर्याय बने बाघ और तेंदुए की समस्या से कैसे निपटा जाए, इस मुद्दे पर मोहम्मदी महेशपुर रेंज पर मंगलवार को ग्राम प्रधानों, एसओ हैदराबाद और वन कर्मियों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें रेंजर यशवंत यादव ने कहा कि वन कर्मियों की टीम के साथ बाघ की चहल कदमी पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में जल्दी ही ड्रोन कैमरे चलाए जाएंगे। बाघ को पकड़वाने अथवा जंगल में खदेड़ने के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व से तीन-चार दिन में ट्रेंड हाथी बुलाए जाएंगे, जिनके साथ एक्सपर्ट टीम भी मौजूद रहेगी।
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रेंजर ने प्रधानों को बताया कि बाघ प्रभावित क्षेत्र के लोग सुबह शाम खेतों में समूह बनाकर हाका लगाते हुए जाएं, बच्चों को अकेले स्कूल न भेजें, जंगल के समीप पशु न चराएं। गन्ने की कटाई सावधानी से करें। बाघ को घेरने की कोशिश न करें। बताया कि बाघ शिकार करने के बाद पानी की तलाश करता है, बाद में फिर शिकार के पास लौटता है, ऐसी दशा में शव को मिट्टी में दबा दें। एसओ सत्येंद्र कुमार सिंह ने कहा कि बाघ से बचने को लोगों को जागरूक होना जरूरी है। बच्चों को अकेले खेतों में न जाने दें। रेंजर ने बताया कि नवंबर से मार्च तक बाघ का मीटिंग सीजन होता है, जो कभी आक्रामक हो सकता है। ऐसे में जंगल के रास्ते से बचें। बाघ तभी हमला करता है जब इंसान उसके करीब पहुंचता है। रेंजर ने ड्रोन कैमरे और हाथियों के आने पर प्रधानों से सहयोग करने को कहा। बैठक को फारेस्टर राम नरेश वर्मा, ओपी वर्मा, रमेश मिश्र ने भी संबोधित किया। बैठक में धिरावा प्रधान राजीव वर्मा, नयागांव के सिकंदर अली, कितारपुर के अशोक वार्मा, वैदाखेड़ा के संतोष वर्मा, मनोज वर्मा, राकेश वर्मा, शेचेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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