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भूमि विवाद में हुई मारपीट में घायल बुजुर्ग महिला की मौत

Sun, 06 Mar 2022 12:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 06 Mar 2022 12:05 AM IST
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Elderly woman injured in land dispute dies
प्रतीकात्मक
खीरी थाना के गांव केशवपुर गुरैला में शनिवार को हुई वारदात
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खीरी टाउन। खीरी थाना के केशवपुर गुरैला में चकबंदी के दौरान हुए विवाद में जमकर लाठी डंडे चले, जिसमें घायल हुई एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।
खीरी थाना क्षेत्र के केशवपुर गुरैला निवासी जलील और बबलू सिंह का गांव में चकबंदी के खेत को लेकर बरसों से विवाद चल रहा था। बताते हैं कि न्यायालय से जलील मुकदमा जीत चुका था, फिर भी बबलू सिंह पक्ष के लोग जबरन जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। इसको लेकर शनिवार को सुबह करीब 11 बजे बबलू सिंह का पुत्र भोलू आदि खेत के पास आए और खेत में बल्ली गाड़ने लगे। जलील के पुत्र तौफ़ीक़ ने उसे ऐसा करने से रोका तो दोनों में विवाद हो गया।
बबलू पक्ष के लोगों ने तौफीक पर बल्ली से हमला कर दिया। उसे बचाने के लिए तौफीक की मौसी मन्नतुन निशा बीच बराव करने लगीं तो हमलावरों ने उस पर भी बल्ली से वार कर दिया। हमले में 50 वर्षीय मन्नतुन निशा की मौके पर मौत हो गई। सूचना पर खीरी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। गांव में तनाव को देखते हुए एएसपी अरूण सिंह व सीओ सिटी अरविंद वर्मा मौके पर पहुंचे और घटना का जायजा लिया। इसके बाद मौके पर पुलिस बल लगा दिया गया है। पुलिस ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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दो दिन बाद घर पर बजनी थी शहनाई, अब छाया मातम
दो दिन बाद जलील के पुत्र तौफीक के सिर पर सेहरा बंधी का कार्यक्रम होना था, जिससे परिवार में खुशी का माहौल था। घर पर मेहमानों का आना शुरू हो गया था। शादी समारोह में तौफीक की मौसी मन्नतुन निशा पत्नी कासिम अली निवासी ग्राम नव्वापुर जिला सीतापुर भी शादी में शामिल होने के लिए आई थीं, लेकिन उनको क्या पता था कि शादी वाले घर में उनकी मौत से मातम छा जाएगा।
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पुलिस यदि सुनवाई कर लेती तो महिला की न होती मौत
तौफीक ने बताया कि चकबंदी में खेत का मुकदमा चल रहा था, जिसको वह न्यायालय से जीत चुका है। फिर भी विपक्षी लोग उस जमीन पर जबरन कब्जा करना चाहते थे। करीब एक साल से विवाद चल रहा था। लगातार पुलिस को भी सूचना देते रहे, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पुलिस कार्रवाई कर देती, तो आज मौसी की मौत न होती।
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