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Lakhimpur Kheri News: ठंड में बुजुर्ग बरतें सावधानी... सुबह-शाम टहलना पड़ सकता है भारी
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लखीमपुर खीरी। ठंड में बुजुर्गों को विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। अस्पतालों में पहुंच रहे अधिकांश बुजुर्ग इसलिए बीमार हुए हैं कि उन्होंने सुबह-शाम टहलना जारी रखा और एहतियात नहीं बरती। डॉक्टरों के मुताबिक 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से वे जल्दी बीमार हो रहे हैं। ठंड से ऐसे लोगों को दिल संबंधी समस्या होने के साथ ही अस्थमा और पैरालिसिस का खतरा बढ़ जाता है।
सरकारी हो चाहे निजी अस्पताल, ठंड के इस मौसम में सबसे ज्यादा 60 साल से अधिक उम्र के लोग दवा लेने पहुंच रहे हैं। सांस की बीमारी के साथ ही अस्थमा व पैरालिसिस के शिकार हो रहे हैं। ऐसे बुजुर्गों के लिए डॉक्टर दवाओं से अधिक एहतियात बरतना जरूरी बता रहे हैं। सुबह-शाम टहलना बंद करने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले हफ्ते से बुजुर्ग मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
सीएमएस डॉ. आइके राम चांदनी ने बताया कि 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इस समय भीषण ठंड से ऐसे लोगों को हार्ट संबंधी समस्या, अस्थमा व पैरालिसिस का खतरा बढ़ गया है। बलगम अधिक बनने से सांस संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। शहर के जनरल फिजिशियन डॉ. शशांक तिवारी का कहना है कि ठंड के डर से लोग पानी पीना कम कर देते हैं। इससे खून गाढ़ा हो जाता है और हार्ट पर पंप के लिए अधिक दबाव पड़ने लगता है।
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रात में लोग पेशाब करने उठते हैं तो पहली गलती यह करते हैं कि अचानक बिस्तर छोड़ देते हैं, जबकि तब तक शरीर के सभी अंगों में खून की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हुई होती है। इससे पैरालिलिस अटैक से लेकर मौत तक हो जाती है। दूसरी गलती लोग यह करते हैं कि बिना पूरे कपड़े पहने वॉशरूम चले जाते हैं। इस दौरान ठंड की चपेट में आकर नसें सिकुड़ जाती हैं।
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ठंड में ये सावधानी बरतें
- घास या फर्श पर नंगे पांव न चलें।
- सुबह-शाम घर से बाहर टहलना बंद करें।
- घर के भीतर 20 मिनट का व्यायाम या योग करें।
- कान से पैर तक गर्म कपड़े से ढककर रखें।
- रात में एक दम से बिस्तर न छोड़ें।
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वृद्धाश्रम में लगा स्वास्थ्य शिविर, 58 बुजुर्गों की दी दवा
लखीमपुर खीरी। एनपीएचसीई कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धाश्रम सलेमपुर कोन में मासिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कैंप में 58 बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गईं। जेरियाट्रिक फिजिशियन डॉ. शिखर बाजपेई ने बताया कि बुजुर्गों को ठंड में अधिक देखभाल की जरूरत होती है। उन्हें ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने चाहिए। संबंधित बीमारियों की दवाई लगातार खानी चाहिए। शिविर में उच्च रक्तचाप, सांस, शरीर दर्द जैसी समस्या से ग्रसित बुजुर्गों को सलाह और दवाएं दी गईं।
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सरकारी हो चाहे निजी अस्पताल, ठंड के इस मौसम में सबसे ज्यादा 60 साल से अधिक उम्र के लोग दवा लेने पहुंच रहे हैं। सांस की बीमारी के साथ ही अस्थमा व पैरालिसिस के शिकार हो रहे हैं। ऐसे बुजुर्गों के लिए डॉक्टर दवाओं से अधिक एहतियात बरतना जरूरी बता रहे हैं। सुबह-शाम टहलना बंद करने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले हफ्ते से बुजुर्ग मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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सीएमएस डॉ. आइके राम चांदनी ने बताया कि 60 साल से अधिक उम्र वाले लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने लगती है। इस समय भीषण ठंड से ऐसे लोगों को हार्ट संबंधी समस्या, अस्थमा व पैरालिसिस का खतरा बढ़ गया है। बलगम अधिक बनने से सांस संबंधी समस्याएं बढ़ गई हैं। शहर के जनरल फिजिशियन डॉ. शशांक तिवारी का कहना है कि ठंड के डर से लोग पानी पीना कम कर देते हैं। इससे खून गाढ़ा हो जाता है और हार्ट पर पंप के लिए अधिक दबाव पड़ने लगता है।
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रात में लोग पेशाब करने उठते हैं तो पहली गलती यह करते हैं कि अचानक बिस्तर छोड़ देते हैं, जबकि तब तक शरीर के सभी अंगों में खून की आपूर्ति पर्याप्त नहीं हुई होती है। इससे पैरालिलिस अटैक से लेकर मौत तक हो जाती है। दूसरी गलती लोग यह करते हैं कि बिना पूरे कपड़े पहने वॉशरूम चले जाते हैं। इस दौरान ठंड की चपेट में आकर नसें सिकुड़ जाती हैं।
ठंड में ये सावधानी बरतें
- घास या फर्श पर नंगे पांव न चलें।
- सुबह-शाम घर से बाहर टहलना बंद करें।
- घर के भीतर 20 मिनट का व्यायाम या योग करें।
- कान से पैर तक गर्म कपड़े से ढककर रखें।
- रात में एक दम से बिस्तर न छोड़ें।
वृद्धाश्रम में लगा स्वास्थ्य शिविर, 58 बुजुर्गों की दी दवा
लखीमपुर खीरी। एनपीएचसीई कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धाश्रम सलेमपुर कोन में मासिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कैंप में 58 बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गईं। जेरियाट्रिक फिजिशियन डॉ. शिखर बाजपेई ने बताया कि बुजुर्गों को ठंड में अधिक देखभाल की जरूरत होती है। उन्हें ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने चाहिए। संबंधित बीमारियों की दवाई लगातार खानी चाहिए। शिविर में उच्च रक्तचाप, सांस, शरीर दर्द जैसी समस्या से ग्रसित बुजुर्गों को सलाह और दवाएं दी गईं।