{"_id":"5e32cdb68ebc3e4b21587e23","slug":"education-tet-teacher-lakhimpur-news-bly393855294","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्खास्त शिक्षिका ने अंतरजनपदीय तबादले के लिए जमा कर दिया आवेदन, खलबली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्खास्त शिक्षिका ने अंतरजनपदीय तबादले के लिए जमा कर दिया आवेदन, खलबली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। बेेसिक शिक्षा विभाग में अंतरजनपदीय तबादले की प्रक्रिया चल रही है, जिसमें सेंध लगाते हुए बर्खास्त शिक्षिका ने आवेदन कर दिया है। आवेदन फॉर्म की जांच में मामला पकड़ा गया, तो विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। पिछले वर्ष ही एक दर्जन से अधिक शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है, जिससे अन्य बर्खास्त शिक्षकों के आवेदन किए जाने की आशंका बढ़ गई है। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने आवेदन फॉर्मों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद प्रतापगढ़ के गांव सरलेखपुर पट्टी निवासी तनवीर कौसर पुत्री हसीब की नियुक्ति छह अप्रैल 2016 को प्राथमिक विद्यालय कस्ता में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। इसके बाद सीतापुर के तालगांव निवासी परवेज अख्तर ने छह अक्तूबर 2016 को डीएम और बीएसए से शिकायत की, जिसमें तनवीर कौसर पुत्री हसीब को फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति-निवास प्रमाण पत्र, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अंकतालिका के फर्जी होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद तनवीर कौसर पत्नी परवेज अख्तर निवासी तालगांव (जो सीतापुर में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर जनवरी 2014 से नौकरी कर रही हैं।) ने डीएम और बीएसए को संबोधित शिकायती पत्र 27 दिसंबर 2016 को दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके समस्त शैक्षिक अभिलेख की प्रतियां पति की बाइक से गिरकर गुम हो गई थी। प्रतियां दिलशाद नामक व्यक्ति को मिले, जिसके बाद उन्हीं अभिलेखों की द्वितीय प्रति तैयार कराकर तनवीर कौसर पुत्री हसीब ने फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल कर ली। दोनों शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने तत्कालीन बीईओ सुरेश पाल की अगुआई में तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई थी। जांच टीम ने आरोपी शिक्षिका और शिकायतकर्ता को मय साक्ष्य उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर शिकायतकर्ता परवेज अख्तर और उनकी पत्नी तनवीर कौसर जांच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। वहीं आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर पुत्री हसीब जांच टीम के सामने उपस्थित नहीं हुई, बल्कि एनपीआरसी होमेश्वर पांडेय के माध्यम से पत्र भेजकर जांच टीम के समक्ष उपस्थित होने के लिए अलग से समय मांगा था। इस पर टीम ने अंतिम अवसर देते हुए 17 मई 2017 को उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर आरोपी शिक्षिका अपने पति दिलशाद खान के साथ उपस्थित हुई। जांच में आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर का लगाया गया टीईटी प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से बना पाया गया था। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने आरोपी शिक्षिका को बर्खास्त कर वेतन की वसूली और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। लेकिन बेेसिक शिक्षा विभाग में अंतरजनपदीय तबादले की प्रक्रिया में बर्खास्त शिक्षक के आवेदन करने पर विभागीय अफसरों में अफरातफरी मच गई है। जिसपर बीएसए ने जांच के आदेश दिए है।
बर्खास्त शिक्षिका के अंतरजनदीय तबादले का अभी एक ही मामला सामने आया है। इसलिए अन्य आवेदनों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदन पत्रों को बर्खास्त शिक्षकों के डाटा से मिलान कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
विज्ञापन
जनपद प्रतापगढ़ के गांव सरलेखपुर पट्टी निवासी तनवीर कौसर पुत्री हसीब की नियुक्ति छह अप्रैल 2016 को प्राथमिक विद्यालय कस्ता में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर हुई थी। इसके बाद सीतापुर के तालगांव निवासी परवेज अख्तर ने छह अक्तूबर 2016 को डीएम और बीएसए से शिकायत की, जिसमें तनवीर कौसर पुत्री हसीब को फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र, जाति-निवास प्रमाण पत्र, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अंकतालिका के फर्जी होने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद तनवीर कौसर पत्नी परवेज अख्तर निवासी तालगांव (जो सीतापुर में उर्दू सहायक अध्यापक पद पर जनवरी 2014 से नौकरी कर रही हैं।) ने डीएम और बीएसए को संबोधित शिकायती पत्र 27 दिसंबर 2016 को दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके समस्त शैक्षिक अभिलेख की प्रतियां पति की बाइक से गिरकर गुम हो गई थी। प्रतियां दिलशाद नामक व्यक्ति को मिले, जिसके बाद उन्हीं अभिलेखों की द्वितीय प्रति तैयार कराकर तनवीर कौसर पुत्री हसीब ने फर्जी तरीके से नियुक्ति हासिल कर ली। दोनों शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए बीएसए ने तत्कालीन बीईओ सुरेश पाल की अगुआई में तीन सदस्यीय कमेटी बनाकर जांच कराई थी। जांच टीम ने आरोपी शिक्षिका और शिकायतकर्ता को मय साक्ष्य उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर शिकायतकर्ता परवेज अख्तर और उनकी पत्नी तनवीर कौसर जांच टीम के समक्ष उपस्थित हुए। वहीं आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर पुत्री हसीब जांच टीम के सामने उपस्थित नहीं हुई, बल्कि एनपीआरसी होमेश्वर पांडेय के माध्यम से पत्र भेजकर जांच टीम के समक्ष उपस्थित होने के लिए अलग से समय मांगा था। इस पर टीम ने अंतिम अवसर देते हुए 17 मई 2017 को उपस्थित होने के निर्देश दिए, जिस पर आरोपी शिक्षिका अपने पति दिलशाद खान के साथ उपस्थित हुई। जांच में आरोपी शिक्षिका तनवीर कौसर का लगाया गया टीईटी प्रमाण पत्र कूटरचित तरीके से बना पाया गया था। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने आरोपी शिक्षिका को बर्खास्त कर वेतन की वसूली और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे। लेकिन बेेसिक शिक्षा विभाग में अंतरजनपदीय तबादले की प्रक्रिया में बर्खास्त शिक्षक के आवेदन करने पर विभागीय अफसरों में अफरातफरी मच गई है। जिसपर बीएसए ने जांच के आदेश दिए है।
विज्ञापन
बर्खास्त शिक्षिका के अंतरजनदीय तबादले का अभी एक ही मामला सामने आया है। इसलिए अन्य आवेदनों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आवेदन पत्रों को बर्खास्त शिक्षकों के डाटा से मिलान कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
-बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए