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इंतजार खत्म..आज से खुलेंगे स्कूल, बरतनी होगी सावधानी
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लखीमपुर में स्कूल खुलने से पहले क्लासरूम को सेनिटाइज करता स्कूलकर्मी
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। शासन के निर्देश पर आज से कक्षा छह से आठ तक के स्कूल खुल जाएंगे, लेकिन इस बार छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए आम दिनों की अपेक्षा माहौल काफी बदला बदला सा नजर आएगा। क्योंकि, स्कूल प्रशासन को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए शिक्षण कार्य कराना होगा, जिसके लिए सरकार ने दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं। ऐसे में आज से स्कूलों में पढ़ाई तो शुरू हो जाएगी। मगर माहौल पूरी तरह से बदला हुआ होगा। क्योंकि, छात्र न तो पास -पास बैठ पाएंगे और न ही दोस्तों के साथ अपना टिफिन शेयर कर सकेंगे। यही नहीं छात्रों को मास्क लगाकर ही विद्यालय में जाना होगा।
कोरोना के कारण कक्षा एक से लेकर आठ तक की पढ़ाई मार्च-2020 से बंद है। करीब पूरा साल बीतने के बाद सरकार ने 10 फरवरी से छह से आठ और एक मार्च से एक से पांच तक की कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दी है, जिससे बुधवार से जिले भर में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई तो शुरू होगी मगर अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाने के बाद। ऐसे में कोरोना प्रोटोकॉल के कारण स्कूलों का माहौल बदला बदला ही रहेगा। स्कूल प्रशासन मंगलवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्कूल परिसर सहित कक्षाओं की साफ सफाई कराने में लगा रहा।
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स्कूलों में शुरू हुई पढ़ाई की तैयारी
गुलरिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नौसर गुलरिया में मंगलवार को साफ सफाई हुई। शिक्षकों की तैनाती न होने से शिक्षामित्र संजीव शुक्ला, मोहम्मद आरिफ विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक मायादेवी के पास नौसर गुलरिया एवं पड़रिया तुला स्कूल का चार्ज है। उन्होंने बताया कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बेंच लगवाई हैं। सैनिटाइजर की व्यवस्था है। बुधवार को 50 प्रतिशत बच्चों को ही बुलाया गया है, जबकि शेष 50 प्रतिशत बच्चे अगले दिन आएंगे।
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बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल में बनेगा मिड डे मील
खीरी टाउन। बुधवार से शुरू हो रहे शिक्षण कार्य को लेकर मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय बालक खीरी टाउन में जागरूकता संगोष्ठी हुई। प्रधानाध्यापिका कहकशां अंजुम ने अभिभावकों को बताया कि सोमवार, बृहस्पतिवार को कक्षा 6, मंगलवार, शुक्रवार को कक्षा सात एवं बुधवार, शनिवार को कक्षा आठ की पढ़ाई होगी। अभिभावकों के सहमति पत्र जमा करने के बाद ही छात्रों को स्कूल आने की अनुमति होगी। सीनियर अध्यापक सैयद दाऊद ने शिक्षण कार्य में अभिभावकों से सहयोग की अपील की। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. नजर अंसारी ने कोरोना से बचाव की जानकारी दी। समिति ने मिड डे मील बाहर से मंगाने पर पाबंदी लगाते हुए स्कूल की रसोई में बनाने पर जोर दिया, जिससे बच्चों को गरम एवं अच्छा खाना मिल सके।
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बच्चों को लेकर असमंजस में अभिभावक
शासन ने स्कूल खोलने का फरमान सुना दिया है। वह भी अभिभावकों की सहमति पर। मगर, फीस एवं उपस्थिति मामले में अब तक स्पष्ट निर्देश तक नहीं दिए हैं। ऐसे में स्कूल प्रशासन अभिभावकों पर फीस जमा होने पर ही बच्चे को क्लास में बैठने और 75 प्रतिशत उपस्थिति होने पर ही परीक्षा में शामिल होने के नियम थोप रहा है। ऐसे में अभिभावक सहमति पत्र, फीस एवं बच्चे के साल को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
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अभिभावकों ने कहा- सहमति भी दें और रिस्क भी लें
अभिभावकों का कहना है कि शासन ने सहमति पत्र के साथ पढ़ाई शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। अब हम बच्चों को स्कूल भेजने के लिए लिखित में सहमति दें और उसके बाद पूरी फीस भरें। भविष्य में यदि बच्चा संक्रमित हो गया तो, उसके जिम्मेदार भी हम ठहराए जाएंगे। क्योंकि स्कूल प्रशासन तो अपना पल्ला झाड़ कर कह देगा कि अपनी इच्छा से ही स्कूल भेजा था, हमने जबरन तो बुलाया नहीं।
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स्कूल खुल रहे हैं, यह अच्छी बात है। मगर, शुरुआत में बच्चे को स्कूल नहीं भेजेंगे। कुछ दिन देेखने के बाद ही स्कूल भेजने का निर्णय लेंगे।
-सुशीला देवी अभिभावक
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कोरोना अभी गया नहीं है। हां, केस जरूर कम हुए हैं। पूरा साल बीत गया, कुछ दिनों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय उचित नहीं है।
-रिचा मिश्रा अभिभावक
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छह से आठ तक की कक्षाएं आज शुरू हो जाएंगी। कक्षाओं की साफ सफाई और कुर्सी मेज आदि सैनिटाइज करवा दिए गए हैं। बिना मास्क छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
-शिप्रा बाजपेई, प्रधानाचार्य सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
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सीबीएसई के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार का जो आदेश है उसे समस्त स्कूल संचालकों को पालन करना होगा। वहीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 10 एवं 12 के छात्रों की ऑन लाइन एवं ऑफलाइन या फिर दोनों उपस्थित मिलाकर 75 प्रतिशत होने चाहिए।
-शैलेंद्र गुप्ता सिटी कोआर्डिनेटर सीबीएसई बोर्ड
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कोरोना के कारण कक्षा एक से लेकर आठ तक की पढ़ाई मार्च-2020 से बंद है। करीब पूरा साल बीतने के बाद सरकार ने 10 फरवरी से छह से आठ और एक मार्च से एक से पांच तक की कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दी है, जिससे बुधवार से जिले भर में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई तो शुरू होगी मगर अभिभावकों से सहमति पत्र भरवाने के बाद। ऐसे में कोरोना प्रोटोकॉल के कारण स्कूलों का माहौल बदला बदला ही रहेगा। स्कूल प्रशासन मंगलवार को कोविड प्रोटोकॉल के तहत स्कूल परिसर सहित कक्षाओं की साफ सफाई कराने में लगा रहा।
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स्कूलों में शुरू हुई पढ़ाई की तैयारी
गुलरिया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नौसर गुलरिया में मंगलवार को साफ सफाई हुई। शिक्षकों की तैनाती न होने से शिक्षामित्र संजीव शुक्ला, मोहम्मद आरिफ विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। प्रधानाध्यापक मायादेवी के पास नौसर गुलरिया एवं पड़रिया तुला स्कूल का चार्ज है। उन्होंने बताया कि सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बेंच लगवाई हैं। सैनिटाइजर की व्यवस्था है। बुधवार को 50 प्रतिशत बच्चों को ही बुलाया गया है, जबकि शेष 50 प्रतिशत बच्चे अगले दिन आएंगे।
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बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल में बनेगा मिड डे मील
खीरी टाउन। बुधवार से शुरू हो रहे शिक्षण कार्य को लेकर मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय बालक खीरी टाउन में जागरूकता संगोष्ठी हुई। प्रधानाध्यापिका कहकशां अंजुम ने अभिभावकों को बताया कि सोमवार, बृहस्पतिवार को कक्षा 6, मंगलवार, शुक्रवार को कक्षा सात एवं बुधवार, शनिवार को कक्षा आठ की पढ़ाई होगी। अभिभावकों के सहमति पत्र जमा करने के बाद ही छात्रों को स्कूल आने की अनुमति होगी। सीनियर अध्यापक सैयद दाऊद ने शिक्षण कार्य में अभिभावकों से सहयोग की अपील की। विद्यालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. नजर अंसारी ने कोरोना से बचाव की जानकारी दी। समिति ने मिड डे मील बाहर से मंगाने पर पाबंदी लगाते हुए स्कूल की रसोई में बनाने पर जोर दिया, जिससे बच्चों को गरम एवं अच्छा खाना मिल सके।
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बच्चों को लेकर असमंजस में अभिभावक
शासन ने स्कूल खोलने का फरमान सुना दिया है। वह भी अभिभावकों की सहमति पर। मगर, फीस एवं उपस्थिति मामले में अब तक स्पष्ट निर्देश तक नहीं दिए हैं। ऐसे में स्कूल प्रशासन अभिभावकों पर फीस जमा होने पर ही बच्चे को क्लास में बैठने और 75 प्रतिशत उपस्थिति होने पर ही परीक्षा में शामिल होने के नियम थोप रहा है। ऐसे में अभिभावक सहमति पत्र, फीस एवं बच्चे के साल को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
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अभिभावकों ने कहा- सहमति भी दें और रिस्क भी लें
अभिभावकों का कहना है कि शासन ने सहमति पत्र के साथ पढ़ाई शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। अब हम बच्चों को स्कूल भेजने के लिए लिखित में सहमति दें और उसके बाद पूरी फीस भरें। भविष्य में यदि बच्चा संक्रमित हो गया तो, उसके जिम्मेदार भी हम ठहराए जाएंगे। क्योंकि स्कूल प्रशासन तो अपना पल्ला झाड़ कर कह देगा कि अपनी इच्छा से ही स्कूल भेजा था, हमने जबरन तो बुलाया नहीं।
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स्कूल खुल रहे हैं, यह अच्छी बात है। मगर, शुरुआत में बच्चे को स्कूल नहीं भेजेंगे। कुछ दिन देेखने के बाद ही स्कूल भेजने का निर्णय लेंगे।
-सुशीला देवी अभिभावक
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कोरोना अभी गया नहीं है। हां, केस जरूर कम हुए हैं। पूरा साल बीत गया, कुछ दिनों के लिए स्कूल खोलने का निर्णय उचित नहीं है।
-रिचा मिश्रा अभिभावक
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छह से आठ तक की कक्षाएं आज शुरू हो जाएंगी। कक्षाओं की साफ सफाई और कुर्सी मेज आदि सैनिटाइज करवा दिए गए हैं। बिना मास्क छात्राओं को कॉलेज में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
-शिप्रा बाजपेई, प्रधानाचार्य सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
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सीबीएसई के निर्देशानुसार प्रदेश सरकार का जो आदेश है उसे समस्त स्कूल संचालकों को पालन करना होगा। वहीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 10 एवं 12 के छात्रों की ऑन लाइन एवं ऑफलाइन या फिर दोनों उपस्थित मिलाकर 75 प्रतिशत होने चाहिए।
-शैलेंद्र गुप्ता सिटी कोआर्डिनेटर सीबीएसई बोर्ड
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