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बोर्ड परीक्षा: बीएसएनएल नेटवर्क ने प्रधानाचार्यों की बढ़ाई मुसीबतें
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लखीमपुर खीरी। शासन की मंशा नकलविहीन बोर्ड परीक्षा कराने की है। इसके लिए परीक्षा केंद्र वाले विद्यालयों में राउटर लगवाने के साथ डीआईओएस कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे पेपर के दौरान केंद्रों पर नजर रखी जा सके। मगर, बीएसएनएल की कमजोर नेटवर्किंग ऑनलाइन मॉनिटरिंग में बाधक बनी है। कमजोर नेटवर्क के चलते अभी तक सभी परीक्षा केंद्र डीआईओएस कार्यालय से जोड़े नहीं जा सके हैं। ऐसे में परीक्षा के वक्त केंद्रों की निगरानी हो पाना संभव नहीं होगा। हालांकि समस्याओं को देखते हुए डीआईओएस ने बेहतर नेटवर्क कंपनी का कनेक्शन लेने के निर्देश दिए हैं।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। इसमें करीब 85 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। शासन की मंशा नकलविहीन परीक्षा कराने की है। इसके लिए इस बार तमाम तैयारियां की गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर वायस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों के साथ राउटर लगवाकर डीआईओएस कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे कार्यालय से ही परीक्षा केंद्र की निगरानी हो सके। मगर, कमजोर नेटवर्क के कारण सभी केंद्र अब तक डीआईओएस कार्यालय से ही कनेक्ट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान इनकी निगरानी करने में असुविधा होगी। वहीं नेटवर्क के मामले में ग्रामीण क्षेत्र के हालात तो और भी खराब है, क्योंकि आए दिन बीएसएनएल हो या फिर अन्य कंपनियां सभी के नेटवर्क गायब रहते हैं। ऐसे में परीक्षा के वक्त केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी करना संभव नहीं होगा।
ऑनलाइन निगरानी के लिए प्रधानाचार्य उस कंपनी से सिस्टम को कनेक्ट करें, जिसका नेटवर्क उनके क्षेत्र में बेहतर हो। निगरानी के दौरान नेटवर्क न होने एवं कमजोर होने आदि का बहाना नहीं चलेगा।
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डॉ. आरके जायसवाल
डीआईओएस
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हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हो रही है। इसमें करीब 85 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। शासन की मंशा नकलविहीन परीक्षा कराने की है। इसके लिए इस बार तमाम तैयारियां की गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर वायस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों के साथ राउटर लगवाकर डीआईओएस कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे कार्यालय से ही परीक्षा केंद्र की निगरानी हो सके। मगर, कमजोर नेटवर्क के कारण सभी केंद्र अब तक डीआईओएस कार्यालय से ही कनेक्ट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में परीक्षा के दौरान इनकी निगरानी करने में असुविधा होगी। वहीं नेटवर्क के मामले में ग्रामीण क्षेत्र के हालात तो और भी खराब है, क्योंकि आए दिन बीएसएनएल हो या फिर अन्य कंपनियां सभी के नेटवर्क गायब रहते हैं। ऐसे में परीक्षा के वक्त केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी करना संभव नहीं होगा।
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ऑनलाइन निगरानी के लिए प्रधानाचार्य उस कंपनी से सिस्टम को कनेक्ट करें, जिसका नेटवर्क उनके क्षेत्र में बेहतर हो। निगरानी के दौरान नेटवर्क न होने एवं कमजोर होने आदि का बहाना नहीं चलेगा।
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डॉ. आरके जायसवाल
डीआईओएस