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अंतर जनपदीय स्थानांतरण प्रकिया के पहले दिन उमड़ी भीड़
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कुछ को मिला मनचाहा विद्यालय, कुछ को मायूसी
महेवागंज। जिले के विभिन्न उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अनुदेशकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई।
तीन दिवसीय प्रक्रिया के पहले दिन मंगलवार को कला वर्ग के करीब 200 अनुदेशक स्थानांतरण काउंसलिंग में शामिल हुए। भवन सभागार में डीडीओ अरविंद कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की चयन समिति में बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह, बीईओ अनुराग मिश्रा, बीईओ रामतिलक व बाबू कमलेश्वर कुमार शामिल रहे। संवाद
मनचाहा स्कूल न मिलने से हुए मायूस
लखीमपुर शहर निवासी अनुदेशिका शिवांगी गुप्ता ने बताया कि 2013 में उनकी पोस्टिंग मितौली के यूपीएस रसूलपुर में हुई थी। विद्यालय 43 किलोमीटर दूर है। स्थानांतरण के लिए तीन ऑप्शन भरे थे। इनमें से कोई विद्यालय नहीं मिले। यही स्थिति लखीमपुर निवासी रेहरिया मोहम्मदी में तैनात अनुदेशिका प्रीति सिंह और हर्षिता वर्मा समेत कई लोगों की रही। उधर, लखीमपुर के गांव मिरखापुर निवासी दिव्यांग सुधीर ने बताया कि वह गृह ब्लॉक से करीब 75 किलोमीटर दूर कार्यरत है। ऑप्शन के मुताबिक विद्यालय मिलने से वह काफी खुश है।
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महेवागंज। जिले के विभिन्न उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत अनुदेशकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई।
तीन दिवसीय प्रक्रिया के पहले दिन मंगलवार को कला वर्ग के करीब 200 अनुदेशक स्थानांतरण काउंसलिंग में शामिल हुए। भवन सभागार में डीडीओ अरविंद कुमार की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की चयन समिति में बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह, बीईओ अनुराग मिश्रा, बीईओ रामतिलक व बाबू कमलेश्वर कुमार शामिल रहे। संवाद
मनचाहा स्कूल न मिलने से हुए मायूस
लखीमपुर शहर निवासी अनुदेशिका शिवांगी गुप्ता ने बताया कि 2013 में उनकी पोस्टिंग मितौली के यूपीएस रसूलपुर में हुई थी। विद्यालय 43 किलोमीटर दूर है। स्थानांतरण के लिए तीन ऑप्शन भरे थे। इनमें से कोई विद्यालय नहीं मिले। यही स्थिति लखीमपुर निवासी रेहरिया मोहम्मदी में तैनात अनुदेशिका प्रीति सिंह और हर्षिता वर्मा समेत कई लोगों की रही। उधर, लखीमपुर के गांव मिरखापुर निवासी दिव्यांग सुधीर ने बताया कि वह गृह ब्लॉक से करीब 75 किलोमीटर दूर कार्यरत है। ऑप्शन के मुताबिक विद्यालय मिलने से वह काफी खुश है।
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