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Lakhimpur Kheri News: जाम की जड़ बने ई-रिक्शा... पंजीकरण 6000 का, दाैड़ रहे कई गुना
Thu, 29 Jan 2026 11:25 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:25 PM IST
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रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाई ओवर के पास पूरी सड़क पर फैल कर चल रहे ई रिक्शा के कारण लग रहा जाम।
लखीमपुर खीरी। शहर में बेतरतीब तरीके से दाैड़ रहे ई-रिक्शा अब जाम की जड़ बन चुके हैं। करीब छह हजार ई-रिक्शाें का पंजीकरण हैं लेकिन इससे कहीं अधिक वाहनों का संचालन हो रहा है। तय रूट कागजों तक ही सीमित हैं। इसके बावजूद अमल न होने से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिम्मेदारों ने भी सख्त कार्रवाई से आंखें फेर रखी हैं।
धर्मशाला, संकट देवी, नौरंगाबाद चौराहा, घंटाघर, मेन मार्केट और रेलवे स्टेशन मार्ग पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी आम बात हो गई है। कई बार चालक बीच सड़क पर ही ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी भरते नजर आते हैं, जिससे अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
जाम की प्रमुख वजहों में अवैध रूप से खड़े ई-रिक्शा, सवारी उतारने-चढ़ाने के लिए बीच सड़क रुकना और तय रूट का पालन न करना शामिल है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शा की आवाजाही से हालात और बिगड़ रहे हैं।
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शहर के मुख्य मार्ग, घंटाघर से सदर चौराहा होते हुए संकट देवी पुलिस चौकी तक तथा हीरालाल धर्मशाला से सदर चौराहा होते हुए मिश्राना पुलिस चौकी तक ई-रिक्शा प्रतिबंधित रहेंगे। इन जगहों पर साइकिल रिक्शा, हाथ ठेला परिवहन के साधन रहेंगे।
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दिनभर ई-रिक्शा बीच सड़क पर खड़े होकर सवारी भरते रहते हैं। ग्राहक दुकान तक पहुंच ही नहीं पाते। कई बार आधा-आधा घंटा जाम में फंसे रहना पड़ता है।
- मतीन अहमद
बच्चों को स्कूल छोड़ने और बाजार जाने में बहुत परेशानी होती है। अचानक ई-रिक्शा रुक जाते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है।
- रामनाथ प्रजापति
ऑफिस टाइम में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। तय रूट न होने से ई-रिक्शा हर सड़क पर घुस जाते हैं और पूरा ट्रैफिक ठप हो जाता है।
- सर्वेश यादव
ई-रिक्शा चालक बिना पीछे देखे मोड़ लेते हैं। कई बार दुर्घटना होते-होते बची है। प्रशासन को सख्ती करनी चाहिए, वरना हालात और बिगड़ेंगे।
- विमल राज
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मई 2025 में तय किए गए थे ये रूट
पीली पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : एलआरपी चौराहा से संकट देवी चौकी होते हुए मेला मैदान।
लाल पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : संकट देवी चौराहा से कृष्णा टाॅकिज रेलवे क्रॉसिंग होते हुए गोला रोड व लालपुर बैरियर तक।
नारंगी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : मेला मैदान से निघासन रोड होते हुए महेवागंज पुल तक।
नीली पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : एसएसबी कैंप गढ़ी रोड से निघासन रोड होते हुए मेला मैदान, इमली चौराहा, पुराना एसपी बंगला तक।
हरी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : पुराना एसपी बंगला से नौरंगाबाद चौराहा होते हुए नगर सीमा एरा रोड तक।
सफेद पट्टी वाले 50 ई-रिक्शा : नहर पटरी से नौरंगाबाद चौराहा होते हुए शाहपुर कोठी, विलोबी मैदान तक।
गुलाबी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : रेलवे स्टेशन से बस स्टेशन होते हुए सौजन्या चौक व राजापुर चौराहा तक।
आसमानी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : सीतापुर रोड ओवरब्रिज के नीचे से ईदगाह होते हुए बेहजम रोड, नहरिया, छाउछ चौराहा तक।
भूरी पट्टी वाले 50 ई-रिक्शा : पुराना एसपी बंगला से शाहपुर कोठी होते हुए गुरु गोविंद सिंह चौक तक।
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लगातार हो रहे हादसे
माल लदे हुए ई-रिक्शा से एक बच्चे की कुछ दिन पहले जान गई थी। इससे पहले भी रोडवेज बस स्टेशन के पास एक टीवी चैनल के पत्रकार की मौके पर मौत ई-रिक्शा की टक्कर लगने से हो गई थी। दो वर्ष पहले शहर के कचहरी मार्ग पर सामान से लदा ई-रिक्शा बुजुर्ग पर पलट गया था। हादसे में उनकी जान चली गई थी। ये हादसे तो महज बानगी हैं। ऐसी तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, एआरटीओ और नगर पालिका प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
वर्जन
शहर में ई-रिक्शा संचालकों के रूट प्लान को लेकर ईओ से बात की जाएगी। क्या वजह है कि रूट प्लान तैयार नहीं हो पा रहा। कोई दिक्कत आ रही है तो उसका समाधान कराया जाएगा।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम
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धर्मशाला, संकट देवी, नौरंगाबाद चौराहा, घंटाघर, मेन मार्केट और रेलवे स्टेशन मार्ग पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी आम बात हो गई है। कई बार चालक बीच सड़क पर ही ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी भरते नजर आते हैं, जिससे अन्य वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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जाम की प्रमुख वजहों में अवैध रूप से खड़े ई-रिक्शा, सवारी उतारने-चढ़ाने के लिए बीच सड़क रुकना और तय रूट का पालन न करना शामिल है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ई-रिक्शा की आवाजाही से हालात और बिगड़ रहे हैं।
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शहर के मुख्य मार्ग, घंटाघर से सदर चौराहा होते हुए संकट देवी पुलिस चौकी तक तथा हीरालाल धर्मशाला से सदर चौराहा होते हुए मिश्राना पुलिस चौकी तक ई-रिक्शा प्रतिबंधित रहेंगे। इन जगहों पर साइकिल रिक्शा, हाथ ठेला परिवहन के साधन रहेंगे।
दिनभर ई-रिक्शा बीच सड़क पर खड़े होकर सवारी भरते रहते हैं। ग्राहक दुकान तक पहुंच ही नहीं पाते। कई बार आधा-आधा घंटा जाम में फंसे रहना पड़ता है।
- मतीन अहमद
बच्चों को स्कूल छोड़ने और बाजार जाने में बहुत परेशानी होती है। अचानक ई-रिक्शा रुक जाते हैं, जिससे हादसे का डर बना रहता है।
- रामनाथ प्रजापति
ऑफिस टाइम में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। तय रूट न होने से ई-रिक्शा हर सड़क पर घुस जाते हैं और पूरा ट्रैफिक ठप हो जाता है।
- सर्वेश यादव
ई-रिक्शा चालक बिना पीछे देखे मोड़ लेते हैं। कई बार दुर्घटना होते-होते बची है। प्रशासन को सख्ती करनी चाहिए, वरना हालात और बिगड़ेंगे।
- विमल राज
मई 2025 में तय किए गए थे ये रूट
पीली पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : एलआरपी चौराहा से संकट देवी चौकी होते हुए मेला मैदान।
लाल पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : संकट देवी चौराहा से कृष्णा टाॅकिज रेलवे क्रॉसिंग होते हुए गोला रोड व लालपुर बैरियर तक।
नारंगी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : मेला मैदान से निघासन रोड होते हुए महेवागंज पुल तक।
नीली पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : एसएसबी कैंप गढ़ी रोड से निघासन रोड होते हुए मेला मैदान, इमली चौराहा, पुराना एसपी बंगला तक।
हरी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : पुराना एसपी बंगला से नौरंगाबाद चौराहा होते हुए नगर सीमा एरा रोड तक।
सफेद पट्टी वाले 50 ई-रिक्शा : नहर पटरी से नौरंगाबाद चौराहा होते हुए शाहपुर कोठी, विलोबी मैदान तक।
गुलाबी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : रेलवे स्टेशन से बस स्टेशन होते हुए सौजन्या चौक व राजापुर चौराहा तक।
आसमानी पट्टी वाले 100 ई-रिक्शा : सीतापुर रोड ओवरब्रिज के नीचे से ईदगाह होते हुए बेहजम रोड, नहरिया, छाउछ चौराहा तक।
भूरी पट्टी वाले 50 ई-रिक्शा : पुराना एसपी बंगला से शाहपुर कोठी होते हुए गुरु गोविंद सिंह चौक तक।
लगातार हो रहे हादसे
माल लदे हुए ई-रिक्शा से एक बच्चे की कुछ दिन पहले जान गई थी। इससे पहले भी रोडवेज बस स्टेशन के पास एक टीवी चैनल के पत्रकार की मौके पर मौत ई-रिक्शा की टक्कर लगने से हो गई थी। दो वर्ष पहले शहर के कचहरी मार्ग पर सामान से लदा ई-रिक्शा बुजुर्ग पर पलट गया था। हादसे में उनकी जान चली गई थी। ये हादसे तो महज बानगी हैं। ऐसी तमाम घटनाएं हो चुकी हैं। इसके बाद भी जिला प्रशासन, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, एआरटीओ और नगर पालिका प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
वर्जन
शहर में ई-रिक्शा संचालकों के रूट प्लान को लेकर ईओ से बात की जाएगी। क्या वजह है कि रूट प्लान तैयार नहीं हो पा रहा। कोई दिक्कत आ रही है तो उसका समाधान कराया जाएगा।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम

रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाई ओवर के पास पूरी सड़क पर फैल कर चल रहे ई रिक्शा के कारण लग रहा जाम।

रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाई ओवर के पास पूरी सड़क पर फैल कर चल रहे ई रिक्शा के कारण लग रहा जाम।

रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाई ओवर के पास पूरी सड़क पर फैल कर चल रहे ई रिक्शा के कारण लग रहा जाम।

रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाई ओवर के पास पूरी सड़क पर फैल कर चल रहे ई रिक्शा के कारण लग रहा जाम।

रेलवे स्टेशन के सामने फ्लाई ओवर के पास पूरी सड़क पर फैल कर चल रहे ई रिक्शा के कारण लग रहा जाम।