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Lakhimpur Kheri News: प्रशासन की लापरवाही से सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे डग्गामार वाहन
Wed, 11 Jun 2025 11:57 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Jun 2025 11:57 PM IST
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राजापुर फ्लाईओवर के पास खड़ी डग्गामार प्राइवेट बसें। संवाद
लखीमपुर खीरी। प्रशासन की सुस्ती के कारण सड़कों पर सवारी भरकर डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं, जिससे आए दिन जानलेवा हादसे हो रहे हैं। इनमें मैजिक, छोटा हाथी और निजी बसें भी शामिल हैं। ताजा मामला मंगलवार का है, जब गोला रोड हाईवे पर एक निजी बस और पिकअप की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे ने एक बार फिर जिला प्रशासन और परिवहन निगम की लापरवाही उजागर की है।
जिले में अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ये वाहन न केवल पुराने और जर्जर हैं, बल्कि इनमें सवारी भरने की क्षमता से कहीं अधिक लोग ठूंस-ठूंसकर ले जाए जाते हैं। इसके अलावा इन वाहनों के चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना आम बात है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं, परिवहन निगम की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में लखीमपुर खीरी में सड़क हादसों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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राजापुर चौराहे से चल रहे डग्गामार वाहन
शहर के राजापुर चौराहे से खमरिया, सिसैया, धौरहरा आदि के लिए डग्गामार मैजिक, निजी बसें खुलेआम दौड़ रहीं हैं। इन वाहनों में ठूंसकर सवारियां भरी जाती हैं, सामान भी छत पर रखा जाता है। मैजिक में लोग लटककर सफर करते हैं। इतना ही नहीं सारा खेल चौकी के पास से हो रहा है, फिर भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
इसके अलावा आजकल दिल्ली जाने वाली डबल डेकर बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरकर ले जाईं जा रहीं हैं। परिवहन निगम इन पर भी शिकंजा नहीं कस रहा। न ही मानक के अनुसार सवारी बैठाने पर जोर दे रहा है। रात आठ बजे के बाद गोला रोड पर इन डबल डेकर बसों की भीड़ देखी जा सकती है।
डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन निगम की ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है। हर माह कम से कम करीब 1500 से दो हजार वाहनों के चालान किए जाते हैं। 200 से अधिक सीज किए जाते हैं, जबकि निगम का लक्ष्य महज 700 से 800 वाहनों पर कार्रवाई का है। शहर में जिन स्थानों से डग्गामार की शिकायतें मिल रहीं हैं, वहां भी कार्रवाई की जा रही है। - अखिलेश द्विवेदी, एआरटीओ
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जिले में अवैध रूप से चल रहे डग्गामार वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। ये वाहन न केवल पुराने और जर्जर हैं, बल्कि इनमें सवारी भरने की क्षमता से कहीं अधिक लोग ठूंस-ठूंसकर ले जाए जाते हैं। इसके अलावा इन वाहनों के चालकों द्वारा यातायात नियमों की अनदेखी और तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना आम बात है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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सड़क हादसों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं, परिवहन निगम की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में लखीमपुर खीरी में सड़क हादसों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में 3.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
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राजापुर चौराहे से चल रहे डग्गामार वाहन
शहर के राजापुर चौराहे से खमरिया, सिसैया, धौरहरा आदि के लिए डग्गामार मैजिक, निजी बसें खुलेआम दौड़ रहीं हैं। इन वाहनों में ठूंसकर सवारियां भरी जाती हैं, सामान भी छत पर रखा जाता है। मैजिक में लोग लटककर सफर करते हैं। इतना ही नहीं सारा खेल चौकी के पास से हो रहा है, फिर भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही।
इसके अलावा आजकल दिल्ली जाने वाली डबल डेकर बसों में क्षमता से अधिक सवारियां भरकर ले जाईं जा रहीं हैं। परिवहन निगम इन पर भी शिकंजा नहीं कस रहा। न ही मानक के अनुसार सवारी बैठाने पर जोर दे रहा है। रात आठ बजे के बाद गोला रोड पर इन डबल डेकर बसों की भीड़ देखी जा सकती है।
डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने के लिए परिवहन निगम की ओर से लगातार कार्रवाई की जाती है। हर माह कम से कम करीब 1500 से दो हजार वाहनों के चालान किए जाते हैं। 200 से अधिक सीज किए जाते हैं, जबकि निगम का लक्ष्य महज 700 से 800 वाहनों पर कार्रवाई का है। शहर में जिन स्थानों से डग्गामार की शिकायतें मिल रहीं हैं, वहां भी कार्रवाई की जा रही है। - अखिलेश द्विवेदी, एआरटीओ

राजापुर फ्लाईओवर के पास खड़ी डग्गामार प्राइवेट बसें। संवाद

राजापुर फ्लाईओवर के पास खड़ी डग्गामार प्राइवेट बसें। संवाद