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अब दुधवा कर्मियों के निशाने पर एफडी
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
Updated Sun, 21 Feb 2016 08:09 PM IST
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शनिवार को फील्ड डायरेक्टर (एफडी) संजय सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुई वार्ता से रविवार को कोई हल तो नहीं निकला पर दुधवा कर्मी और भड़क गए। पार्क में वन रक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रसाद के सामने कर्मचारियों ने डीएम-एफडी हटाओ और डीडी को लाओ के नारे लगाए। हड़तालियों ने कहा, जब तक कार्रवाई नहीं हो जाती, हड़ताल जारी रहेगी।
शनिवार की शाम को एफडी संजय सिंह की पहल पर डीएम किंजल सिंह, एसडीएम आलोक कुमार और एआरटीओ के बीच वार्ता हुई और एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें किसी के उत्पीड़न न किए जाने की बात कही गई थी। माना जा रहा था कि इसके बाद दुधवा विवाद का अंत हो जाएगा। पर ऐसा नहीं हुआ। आंदोलित कर्मी और भड़क उठे। उन्होंने इसकी जानकारी फेडरेशन, वनरक्षक संघ आदि के प्रदेश नेतृत्व को दी। जिस पर रविवार को यहां वनरक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद पहुंच गए और कर्मियों के साथ आपातकालीन बैठक की। बैठक में एफडी पर आरोप लगाया गए कि प्रशासन से सांठगांठ कर उन्होंने ईमानदार अधिकारी पीपी सिंह को षड्यंत्र के तहत यहां से हटवाया है। बैठक में श्री प्रसाद ने कहा की ऐसी किसी वार्ता की जानकारी कर्मचारी संगठनों को दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठनों के पदाधिकारियों ने ही प्रशासन के अधिकारियों साथ विवाद को खत्म कराने की पहल की थी और 17 दिसंबर को जिले के तीन एसडीएम ने दुधवा में उनके साथ कर्मियों से वार्ता कर लिखित समझौता किया था। इसमें कहा गया था कि अब उत्पीड़न नहीं किया जाएगा लेकिन इसके ठीक एक महीने बाद ही उत्पीड़न किया गया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि अब उनका आंदोलन डीएम पर कार्रवाई के बाद ही खत्म होगा। प्रदेश भर में आंदोलन जारी है और जरूरत पड़ी तो इसे और वृहद किया जाएगा। कहा कि अब इसमें यहां से एफडी संजय सिंह को हटाने और पीपी सिंह को लाने की मांग भी शामिल कर ली गई है।
दुधवा कर्मी ने दी, आत्मदाह की चेतावनी
दुधवा के वॉचर शफीक ने कार्रवाई न होने पर नौ मार्च को आत्मदाह किए जाने का एलान किया है। शफीक का कहना है कि पीपी सिंह एक ईमानदार अधिकारी हैं और उनका स्थानांतरण सभी कर्मियों का मनोबल तोड़ना है। कहा कि पीपी सिंह की यहां वापसी की जाए और डीएम पर कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं हुआ तो वह नौ मार्च को आत्मदाह कर लेंगे।
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फेडरेशन ने समझौते को बताया विश्वासघात
फेडरेशन ऑफ फारेस्ट एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के महासचिव शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि हड़ताल के दौरान डीएम और एफडी के बीच हुआ समझौता कर्मियों के साथ विश्वासघात है। डीएम के हटने तक हड़ताल जारी रहेगी और प्रदेश रैली के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
दुधवा में सन्नाटा
दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन पूरी तरह से ठप है और अब तो सैलानी भी यहां नहीं आ रहे हैं। बता दें कि 27 जनवरी से शुरू हुए आंदोलन के दिन से ही दुधवा में पर्यटन ठप है। बीच में तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने सरकारी वाहनों से यहां पर्यटन शुरू कराया था, लेकिन वह दो दिन रहा, इसके बाद सरकारी वाहनों के चालक भी हड़ताली जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों, दैनिक कर्मियों के दबाव में आ गए और पर्यटन फिर ठप हो गया जो आज तक ठप ही है।
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शनिवार की शाम को एफडी संजय सिंह की पहल पर डीएम किंजल सिंह, एसडीएम आलोक कुमार और एआरटीओ के बीच वार्ता हुई और एक पत्र जारी किया गया था, जिसमें किसी के उत्पीड़न न किए जाने की बात कही गई थी। माना जा रहा था कि इसके बाद दुधवा विवाद का अंत हो जाएगा। पर ऐसा नहीं हुआ। आंदोलित कर्मी और भड़क उठे। उन्होंने इसकी जानकारी फेडरेशन, वनरक्षक संघ आदि के प्रदेश नेतृत्व को दी। जिस पर रविवार को यहां वनरक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद पहुंच गए और कर्मियों के साथ आपातकालीन बैठक की। बैठक में एफडी पर आरोप लगाया गए कि प्रशासन से सांठगांठ कर उन्होंने ईमानदार अधिकारी पीपी सिंह को षड्यंत्र के तहत यहां से हटवाया है। बैठक में श्री प्रसाद ने कहा की ऐसी किसी वार्ता की जानकारी कर्मचारी संगठनों को दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठनों के पदाधिकारियों ने ही प्रशासन के अधिकारियों साथ विवाद को खत्म कराने की पहल की थी और 17 दिसंबर को जिले के तीन एसडीएम ने दुधवा में उनके साथ कर्मियों से वार्ता कर लिखित समझौता किया था। इसमें कहा गया था कि अब उत्पीड़न नहीं किया जाएगा लेकिन इसके ठीक एक महीने बाद ही उत्पीड़न किया गया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए श्री प्रसाद ने कहा कि अब उनका आंदोलन डीएम पर कार्रवाई के बाद ही खत्म होगा। प्रदेश भर में आंदोलन जारी है और जरूरत पड़ी तो इसे और वृहद किया जाएगा। कहा कि अब इसमें यहां से एफडी संजय सिंह को हटाने और पीपी सिंह को लाने की मांग भी शामिल कर ली गई है।
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दुधवा कर्मी ने दी, आत्मदाह की चेतावनी
दुधवा के वॉचर शफीक ने कार्रवाई न होने पर नौ मार्च को आत्मदाह किए जाने का एलान किया है। शफीक का कहना है कि पीपी सिंह एक ईमानदार अधिकारी हैं और उनका स्थानांतरण सभी कर्मियों का मनोबल तोड़ना है। कहा कि पीपी सिंह की यहां वापसी की जाए और डीएम पर कार्रवाई की जाए। ऐसा नहीं हुआ तो वह नौ मार्च को आत्मदाह कर लेंगे।
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फेडरेशन ने समझौते को बताया विश्वासघात
फेडरेशन ऑफ फारेस्ट एसोसिएशन ऑफ उत्तर प्रदेश के महासचिव शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि हड़ताल के दौरान डीएम और एफडी के बीच हुआ समझौता कर्मियों के साथ विश्वासघात है। डीएम के हटने तक हड़ताल जारी रहेगी और प्रदेश रैली के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
दुधवा में सन्नाटा
दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन पूरी तरह से ठप है और अब तो सैलानी भी यहां नहीं आ रहे हैं। बता दें कि 27 जनवरी से शुरू हुए आंदोलन के दिन से ही दुधवा में पर्यटन ठप है। बीच में तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने सरकारी वाहनों से यहां पर्यटन शुरू कराया था, लेकिन वह दो दिन रहा, इसके बाद सरकारी वाहनों के चालक भी हड़ताली जिप्सी चालकों, नेचर गाइडों, दैनिक कर्मियों के दबाव में आ गए और पर्यटन फिर ठप हो गया जो आज तक ठप ही है।