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Lakhimpur Kheri News: रात में दुधवा-गौरीफंटा मार्ग बंद, थारू समाज में रोष
Wed, 15 Jul 2026 11:08 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:08 PM IST
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पलियाकलां। दुधवा-गौरीफंटा मार्ग पर शाम छह से सुबह छह बजे तक वाहनों के आवागमन पर रोक लगाए जाने से थारू जनजाति के लोगों में रोष है। उन्होंने मार्ग को 24 घंटे या कम से कम आपातकालीन सेवाओं के लिए खोलने की मांग करते हुए ऐसा न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत भूड़ा में थारू जनकल्याण संस्था की बैठक अध्यक्ष छैला बिहारी राणा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि वन विभाग का अचानक मार्ग बंद करने का निर्णय जनजाति के अधिकारों पर कुठाराघात है। यह मार्ग दशकों से निवासियों के आवागमन का मुख्य जरिया रहा है। रात में बंद होने से थारू समुदाय के लोगों को असुविधा हो रही है। आकस्मिक चिकित्सा, प्रसूति और अन्य अति आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को या तो घंटों घूमकर जाना पड़ता है या विवश होकर रुकना पड़ता है।
बैठक में ग्रामीणों ने मांग की कि प्रशासन जल्द जनहित में मार्ग को 24 घंटे या कम से कम आपातकालीन सेवाओं के लिए सुचारु करे। ऐसा न होने पर थारू समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर आम जनता को बंधक बनाना तर्कसंगत नहीं है।
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ग्राम पंचायत भूड़ा में थारू जनकल्याण संस्था की बैठक अध्यक्ष छैला बिहारी राणा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि वन विभाग का अचानक मार्ग बंद करने का निर्णय जनजाति के अधिकारों पर कुठाराघात है। यह मार्ग दशकों से निवासियों के आवागमन का मुख्य जरिया रहा है। रात में बंद होने से थारू समुदाय के लोगों को असुविधा हो रही है। आकस्मिक चिकित्सा, प्रसूति और अन्य अति आवश्यक कार्यों के लिए लोगों को या तो घंटों घूमकर जाना पड़ता है या विवश होकर रुकना पड़ता है।
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बैठक में ग्रामीणों ने मांग की कि प्रशासन जल्द जनहित में मार्ग को 24 घंटे या कम से कम आपातकालीन सेवाओं के लिए सुचारु करे। ऐसा न होने पर थारू समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर आम जनता को बंधक बनाना तर्कसंगत नहीं है।
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