फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Dudhwa forest filled with flood water, migration of wildlife intensifies

Lakhimpur Kheri News: दुधवा के जंगल में भरा बाढ़ का पानी, वन्यजीवों का पलायन तेज

Fri, 12 Jul 2024 03:14 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2024 03:14 AM IST
विज्ञापन
Dudhwa forest filled with flood water, migration of wildlife intensifies
दुधवा में नाव से गश्त करते वन कर्मी।
बांकेगंज। शारदा, सुहेली और मोहाना नदियों के उफनाने से दुधवा के अधिकांश हिस्से में जलभराव हो गया है। पानी इतना ज्यादा है कि वन्यजीवों को जान बचाने के लिए जंगल के बाहर भागना पड़ रहा है। जंगल के अंदर खाने का संकट हो गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन अलर्ट हो गया है और जंगल क्षेत्र में नावों के जरिये पेट्रोलिंग शुरू करा दी है।
विज्ञापन

मानसून का सीजन वन एवं वन्यजीवों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होता है। लगातार बारिश के कारण जलभराव होने से गश्त करने में भी दिक्कतें आती हैं। शाकाहारी वन्यजीवों के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। बाघ और तेंदुओं को भी भोजन तलाशना मुश्किल पड़ रहा है। शारदा, सुहेली और मोहाना नदियों का जलस्तर बढ़ने से समूचे जंगल में पानी भर गया है।
विज्ञापन

अचानक आए पानी से जान बचाने के लिए वन्यजीव ऊंचे स्थानों और जंगलों से बाहर खेतों की तरफ भाग रहे हैं। घास के मैदान पानी में डूबे होने से शाकाहारी वन्यजीव भी परेशान हैं। हिरन, जंगली सूअर, भालू ही नहीं, बाघ और तेंदुए भी जान बचाने और भोजन की तलाश में जंगल से बाहर निकल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

बढ़ गया शिकार का खतरा
जंगल में बाढ़ आने और वन्यजीवों के पलायन के चलते पेशेवर शिकारी सक्रिय हो गए हैं। यह शिकारी जंगल के बाहर घात लगाकर बैठे हैं। इससे शिकार की घटनाओं की प्रबल आशंका हो गई है। आमतौर पर देखा गया है कि बारिश के मौसम में शिकारी ज्यादा सक्रिय होते हैं।

अलर्ट हुआ डीटीआर प्रशासन, विषम परिस्थितियों में गश्त तेज
बाढ़ और बारिश के दौरान वन्यजीवों के शिकार की आशंका को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन अलर्ट मोड पर है। वन कर्मी ऊंचे स्थानों पर पैदल, बाइक, साइकिल, ट्रैक्टर और हाथियों से गश्त कर रहे हैं तो जलभराव वाले जंगल में वन कर्मियों को नाव से गश्त करनी पड़ रही है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने लकड़ी की नाव के साथ-साथ मोटरबोट की व्यवस्था की है। वन विभाग के दावों के मुताबिक, मुश्किल हालात में दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल के अंदर आठ से नौ हजार किमी प्रतिदिन एम स्ट्राइप्स पेट्रोलिंग हो रही है।

-----------------------
दुधवा जंगल के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी भर जाने से वन्यजीव जंगल के ही अंदर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के खतरे को भांपते हुए वन कर्मी चुनौतीपूर्ण हालात में भी लगातार गश्त कर रहे हैं।
- ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed