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दुधवा में डीएम के विरोध में कार्य बहिष्कार शुरू
पलियाकलां
Updated Sun, 29 Nov 2015 10:03 PM IST
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पूर्व निर्धारित योजना के तहत रविवार से डीएम के विरोध में दुधवा नेशनल पार्क के कर्मियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन के बैनर तले दुधवा कैंपस में एकत्र होकर सभी ने विरोध जताया। इससे दुधवा में सेवाओं पर मामूली असर पड़ा। उधर किशनपुर सेक्चुरी में भी कर्मियों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया।
फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर डीएम पर तमाम गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पत्र में चेतावनी दी गई थी कि यदि 28 नवंबर तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 29 नवंबर से सभी कर्मी एक साथ कार्य बहिष्कार करेंगे। रविवार की सुबह सभी कर्मी दुधवा कैंपस में एकत्र हुए और एक सभा की, जिसमें डीएम पर फिर वही आरोप दोहराते हुए शासन से कार्रवाई की मांग की। कहा कि किसी भी सम्मानित अधिकारी को किसी का अपमान करने की इजाजत नहीं हैं। कहा कि उनके डीडी के साथ भी अभद्रता की गई। जब तक डीएम पर कार्रवाई नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
प्रदर्शन में फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पतिराज सिंह, मंत्री विजय कुमार, उपाध्यक्ष राजकुमार, वनरक्षक संघ अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा, रमेश कुमार, सिरदार, विनय कुमार, मैलानी रेंजर वीसी तिवारी, किशनपुर रेंजर आरबी यादव, पुष्कर समेत पार्क के तकरीबन सभी रेंजर, वन दरोगा, गार्ड, वॉचर आदि शामिल रहे।
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दुधवा में सेवाओं पर पड़ा मामूली असर
कार्य बहिष्कार का दुधवा में सेवाओं पर मामूली असर पड़ा। फिर भी इस विवाद से पर्यटक मायूस दिखे। हालांकि पहले से बुकिंग करा चुके पर्यटकों को कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उन्होंने साफ कह दिया है कि आगे बुकिंग बद कर दी जाएगी।
13 दिसंबर के बाद बढ़ सकता है आंदोलन
मामले का हल न निकला तो 13 दिसंबर के बाद दुधवा के कर्मियों का ये आंदोलन वृहद हो सकता है। माना जा रहा है कि अभी आंदोलन को जारी चुनावी आचार संहिता के चलते गति नहीं दी जा रही है। आचार संहिता के बाद इसको तेज कर दिया जाएगा।
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फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर डीएम पर तमाम गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पत्र में चेतावनी दी गई थी कि यदि 28 नवंबर तक कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 29 नवंबर से सभी कर्मी एक साथ कार्य बहिष्कार करेंगे। रविवार की सुबह सभी कर्मी दुधवा कैंपस में एकत्र हुए और एक सभा की, जिसमें डीएम पर फिर वही आरोप दोहराते हुए शासन से कार्रवाई की मांग की। कहा कि किसी भी सम्मानित अधिकारी को किसी का अपमान करने की इजाजत नहीं हैं। कहा कि उनके डीडी के साथ भी अभद्रता की गई। जब तक डीएम पर कार्रवाई नहीं होती, विरोध जारी रहेगा।
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प्रदर्शन में फेडरेशन आफ फारेस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष पतिराज सिंह, मंत्री विजय कुमार, उपाध्यक्ष राजकुमार, वनरक्षक संघ अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा, रमेश कुमार, सिरदार, विनय कुमार, मैलानी रेंजर वीसी तिवारी, किशनपुर रेंजर आरबी यादव, पुष्कर समेत पार्क के तकरीबन सभी रेंजर, वन दरोगा, गार्ड, वॉचर आदि शामिल रहे।
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दुधवा में सेवाओं पर पड़ा मामूली असर
कार्य बहिष्कार का दुधवा में सेवाओं पर मामूली असर पड़ा। फिर भी इस विवाद से पर्यटक मायूस दिखे। हालांकि पहले से बुकिंग करा चुके पर्यटकों को कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन उन्होंने साफ कह दिया है कि आगे बुकिंग बद कर दी जाएगी।
13 दिसंबर के बाद बढ़ सकता है आंदोलन
मामले का हल न निकला तो 13 दिसंबर के बाद दुधवा के कर्मियों का ये आंदोलन वृहद हो सकता है। माना जा रहा है कि अभी आंदोलन को जारी चुनावी आचार संहिता के चलते गति नहीं दी जा रही है। आचार संहिता के बाद इसको तेज कर दिया जाएगा।