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Lakhimpur Kheri News: नंबर कम हैं तो निराश न हों, इम्तिहान अभी बाकी हैं

Sat, 26 Apr 2025 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 26 Apr 2025 12:45 AM IST
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Don't be disappointed if your marks are low, exams are still left
लखीमपुर। यूपी बोर्ड का रिजल्ट आने के बाद कहीं खुशी तो कहीं गम है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक का कहना है कि नंबर कम होने पर निराश न हों, इम्तिहान अभी और भी बाकी हैं। गलतियों से सबक लेकर अगली परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं।
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परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद कम अंक पाने वाले विद्यार्थी अक्सर उदास हो जाते हैं। ऐसे में कई बार छात्र गलत दिशा में कदम उठा लेते हैं, जो ठीक नहीं है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक कहते हैं कि परीक्षा के अंक मिलने के बाद बच्चों को निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरे दमखम के साथ अगली कक्षा में बेहतर प्रदर्शन की तैयारी करनी चाहिए।
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एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाएं जैसे सिविल सेवा परीक्षा में हाईस्कूल व इंटर की मेरिट का महत्व नहीं होता, बल्कि मेहनत से पढ़ाई करके कोई भी विद्यार्थी चयनित हो सकता है। ऐसे में जिन विद्यार्थियों को कम अंक मिले हैं, उन्हें आगे की तैयारी के लिए जी-जान से जुटना होगा।
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टाॅपरों में ज्यादातर ने सोशल मीडिया से बना रखी है दूरी
जिले के टाॅप-10 की सूची में शामिल टॉपरों में से ज्यादातर छात्र-छात्राओं ने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी है। इंटर की टॉपर यशी बताती हैं कि पढ़ाई के दौरान किसी विषय के बारे में जानकारी करने को लेकर ही यूट्यूब और गूगल का सहारा लेती हैं, बाकी समय में पढ़ाई पर ध्यान देती हैं। इसके अलावा हाईस्कूल की जिला टॉपर अंजलि भी इसी तर्ज पर पढ़ाई कर रही हैं। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पढ़ाई से ध्यान भटकाता है।

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किसानों के बेटी-बेटियों ने लहराया परचम
जिले के टॉपरों की जुबानी पर ध्यान दिया जाए तो ज्यादातर मेधावियों के पिता खेती किसानी करते हैं। तमाम तरह की परेशानियों का सामना करने के बाद भी किसान पिता बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हैं। टाॅपर अमन बताते हैं कि उनके पिता किसान हैं, पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कभी खेत पर काम करने के लिए नहीं बुलाया। बल्कि, काम के बाद पढ़ाई में भी उनका साथ देते हैं। वहीं आकांक्षा के पिता भी किसान हैं। सफलता का श्रेय किसान पिता को ही देती हैं। इसके अलावा अन्य कई विद्यार्थियों के पिता भी किसान हैं।
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