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दिमागी बुखार इलाज केंद्र पर 24 घंटे तैनात रहेंगे डॉक्टर
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कुपोषण वार्ड मे भर्ती बच्चे के बारे मे जानकारी करते डॉ कुलदीप आदिम।
मोतीपुर स्थित 200 बेड अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे सीएमओ
लखीमपुर खीरी। सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने शुक्रवार को मोतीपुर स्थित 200 बेड अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कुपोषण वार्ड, जेई वार्ड का निरीक्षण कर भर्ती बच्चों के इलाज के बारे में जानकारी ली।
सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने मौसम में होने वाले बदलाव के कारण बच्चों को संचारी रोग से बचाने को लेकर दिमागी बुखार इलाज केंद्र में 24 घंटे डॉक्टर तैनात रहेंगे। सीएमओ ने 10 बेड के पीकू वार्ड को बच्चों के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और आने वाली बरसात के चलते संचारी रोगों के बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए इलाज संबंधी सारी तैयारियां दुरुस्त कर लें। इस दौरान सीएमओ ने कुपोषण वार्ड में भर्ती नौ बच्चों का हालचाल जाना।
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सीएमओ ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर 11 दिमागी बुखार इलाज केंद्र हैं। जहां पर मलेरिया और डेंगू की जांच की जाती है। 200 बेड के अस्पताल में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जेई व स्क्रफटायफस की जांच होती है। सीएमओ ने बुखार आदि आने पर झोलाछाप की बाजार जिला अस्पताल व सीएचसी पीएचसी पर इलाज कराने की अपील की।
निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की जांच करेगी सीएमएस की टीम
लखीमपुर खीरी। मेला मैदान स्थित सलूजा नर्सिंग होम में शुक्रवार को एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। उसे बेहोशी का इंजेक्शन देने के लिए महिला अस्पताल के एनस्थीसिया डॉक्टर गए थे। इस पर सीएमओ ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इस मामले की वीडियो भी वायरल हुआ था।
शुक्रवार को सलूजा नर्सिंग होम में महिला की मौत पर घरवालों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान एक युवक ने बेहोशी का इंजेक्शन देने आए महिला अस्पताल के एनस्थीसिया डॉ. राजेंद्र कुमार का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। वायरल वीडियो में वह स्वयं महिला को बेहोशी का इंजेक्शन देना और महिला अस्पताल में कार्यरत होना स्वीकार कर रहे हैं। वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। इससे सरकारी अस्पताल में तैनात रहकर निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों में खलबली बच गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला अस्पताल के एनेस्थीसिया एक निजी अस्पताल में दिख रहे हैं। उस अस्पताल में एक महिला की मौत भी होना बताया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है, जिसमें जिला एवं महिला अस्पताल के सीएमएस सहित जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. सीएस सिंह शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई के लिए लिखा पढ़ी की जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ
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लखीमपुर खीरी। सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने शुक्रवार को मोतीपुर स्थित 200 बेड अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कुपोषण वार्ड, जेई वार्ड का निरीक्षण कर भर्ती बच्चों के इलाज के बारे में जानकारी ली।
सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर ने मौसम में होने वाले बदलाव के कारण बच्चों को संचारी रोग से बचाने को लेकर दिमागी बुखार इलाज केंद्र में 24 घंटे डॉक्टर तैनात रहेंगे। सीएमओ ने 10 बेड के पीकू वार्ड को बच्चों के लिए तैयार रखने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और आने वाली बरसात के चलते संचारी रोगों के बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। इसलिए इलाज संबंधी सारी तैयारियां दुरुस्त कर लें। इस दौरान सीएमओ ने कुपोषण वार्ड में भर्ती नौ बच्चों का हालचाल जाना।
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सीएमओ ने बताया कि ब्लॉक स्तर पर 11 दिमागी बुखार इलाज केंद्र हैं। जहां पर मलेरिया और डेंगू की जांच की जाती है। 200 बेड के अस्पताल में मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जेई व स्क्रफटायफस की जांच होती है। सीएमओ ने बुखार आदि आने पर झोलाछाप की बाजार जिला अस्पताल व सीएचसी पीएचसी पर इलाज कराने की अपील की।
निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों की जांच करेगी सीएमएस की टीम
लखीमपुर खीरी। मेला मैदान स्थित सलूजा नर्सिंग होम में शुक्रवार को एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। उसे बेहोशी का इंजेक्शन देने के लिए महिला अस्पताल के एनस्थीसिया डॉक्टर गए थे। इस पर सीएमओ ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। इस मामले की वीडियो भी वायरल हुआ था।
शुक्रवार को सलूजा नर्सिंग होम में महिला की मौत पर घरवालों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान एक युवक ने बेहोशी का इंजेक्शन देने आए महिला अस्पताल के एनस्थीसिया डॉ. राजेंद्र कुमार का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। वायरल वीडियो में वह स्वयं महिला को बेहोशी का इंजेक्शन देना और महिला अस्पताल में कार्यरत होना स्वीकार कर रहे हैं। वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर सीएमओ ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं। इससे सरकारी अस्पताल में तैनात रहकर निजी प्रेक्टिस करने वाले डॉक्टरों में खलबली बच गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला अस्पताल के एनेस्थीसिया एक निजी अस्पताल में दिख रहे हैं। उस अस्पताल में एक महिला की मौत भी होना बताया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है, जिसमें जिला एवं महिला अस्पताल के सीएमएस सहित जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. सीएस सिंह शामिल हैं। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई के लिए लिखा पढ़ी की जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ