Lakhimpur Kheri: लाइसेंसी रिवॉल्वर से चिकित्सक ने गोली मारकर की आत्महत्या, परिवार में मचा कोहराम
लखीमपुर खीरी के फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में तेंदुआ गांव निवासी चिकित्सक ने बृहस्पतिवार सुबह घर पर ही लाइसेंसी रिवाल्वर से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के पीछे पारिवारिक कलह की वजह बताई जा रही है। मृतक का आरएसएस और भाजपा से भी जुड़ाव था।
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लखीमपुर खीरी के फूलबेहड़ थाना क्षेत्र में तेंदुआ गांव निवासी चिकित्सक ने बृहस्पतिवार सुबह घर पर ही लाइसेंसी रिवाल्वर से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के पीछे पारिवारिक कलह की वजह बताई जा रही है। मृतक का आरएसएस और भाजपा से भी जुड़ाव था।
लखीमपुर खीरी के फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के तेंदुआ गांव निवासी और श्रीनगर में निजी क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सक अरुण शुक्ला (45) ने बृहस्पतिवार की सुबह घर पर ही खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन उनके कमरे की ओर दौड़े। कमरे में अरुण शुक्ला का शव पड़ा देख, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद लोग तरह तरह की चर्चाएं कर रहे थे।
कोई रिवॉल्वर साफ करने के दौरान गोली लगने की बात कह रहा था तो कोई पारिवारिक कलह के चलते घटना होने की बात कह रहे हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इधर सूचना मिलने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, श्रीनगर विधायक मंजू त्यागी सहित भाजपा के कई पदाधिकारी पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
कलह को लेकर तनाव में रहते थे अरुण शुक्ला
डॉ. अरुण शुक्ला ने घर की दूसरी मंजिल के कमरे में जिस पिस्टल से अपने सीने में गोली मार कर आत्महत्या की वह उन्हीं के नाम पर है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिछले काफी समय से परेशान रहते थे और बीमार भी रहते थे। परिवार में पत्नी के अलावा तीन बच्चे थे। सभी बच्चे अभी पढ़ई कर रहे हैं। पारिवारिक कलह के चलते तनाव में रहते थे। पड़ोसियों के अनुसार सुबह नौ बजे के करीब गोली चलने की आवाज आई तो दौड़ कर उनके घर की तरफ भागे। घर में चीख पुकार की आवाज आ रही थी।
जिसने भी सुना... दंग रह गया
अरुण शुक्ला श्रीनगर में क्लीनिक चलाते थे। मृदुल स्वभाव और गरीबों के प्रति काफी हमदर्दी के चलते इलाके में उनका काफी सम्मान था। उनके तीन बच्चे हैं। डॉ. अरुण शुक्ला की मौत की खबर जिसने सुनी, वह घर और क्लीनिक की ओर दौड़ पड़ा। लोग यही कहते सुने गए कि आखिर क्या मजबूरी रही होगी कि उन्हें खुद को गोली मारनी पड़ गई।
जरूरतमंद की मदद के लिए हमेशा खड़े रहते थे
डॉ. अरुण शुक्ला काफी मिलनसार और जरूरतमंदों की मदद करने वाले इंसान थे। पिछले एक दशक से वह भाजपा से सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में पार्टी से जुड़े थे। पिछले विधानसभा चुनाव से श्रीनगर विधान सभा का सह संयोजक के पद दिया गया था। तभी से इस पद पर थे। क्षेत्र में उनकी एक नेक दिल इंसान की छवि बनी हुई थी। लोगों की हर वक्त मदद के लिए तैयार रहते थे।
...कैसे कटेगा जीवन
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतक की पत्नी और बच्चे सहित अन्य परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। दहाड़े मारकर रो रही मृतक की पत्नी कह रही थी कि अब जीवन कैसे कटेगा। बेटी शव से लिपटकर वापस आने की पुकार लगा रही थी, जबकि पिता और भाई के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।
रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या की गई है। कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, वहीं घरेलू कलह की बात सामने आई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। - आलोक धीमान, प्रभारी निरीक्षक फूलबेहड़