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दिवाली आज, रोशनी में नहाया शहर
लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 10 Nov 2015 11:19 PM IST
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दिवाली के एक दिन पहले मंगलवार को बाजार में इतनी भीड़ रही जैसे पूरा शहर बाजार में ही उमड़ पड़ा हो। धनतेरस के बाद दूसरे दिन भी बाजार में भीड़ रही। कारोबार भी खूब हुआ। लोगों ने मंगलवार को भी जमकर खरीदारी की। लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों के अलावा लोगों ने खील खिलौने, मिठाइयां, कपड़े, डेकोरेशन मैटीरियल, पकवान बनाने के सामान जैसे घी तेल, मावा, मेवा और अन्य सामग्री की खरीदारी की।
मंगलवार को पटाखों की भी जमकर बिक्री हुई। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर पटाखा बाजार सजाया गया। यहां दिन भर बच्चों और युवाओं की भारी भीड़ रही। उन्होंने जमकर पटाखे खरीदे। उधर खील खिलौने और मिट्टी के दीयों को खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ बाजार में देखी गई। बाहर रहने वाले तमाम लोग आज सुबह अपने घर पहुंच सके इसलिए उन लोगों ने मंगलवार को खरीदारी की।
इस बार मिट्टी के दीयों की रिकार्ड बिक्री हुई है। कारीगरों ने एक से एक स्टाइलिश दीये बनाए। तीन बत्ती और पांच बत्तियों वाले दीयों की मांग सबसे ज्यादा रही। इस साल बाजार में मोम से भरे दीये भी उपलब्ध हैं जिनमें घी या तेल डालने की जरूरत नहीं होगी। यह मोमबत्तियों की तरह जलेंगे। यह दीये अधिक समय तक जलेंगे तथा देखने में भी सुंदर लगेंगे।
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मंगलवार को देर रात तक बाजार गुलजार रहा। लोगों ने इस मौके पर जमकर खरीदारी की। खाद्य पदार्थों पर महंगाई भी ग्राहकों का उत्साह कम नहीं कर सकी। दिवाली के एक दिन पहले लोगों ने आदान प्रदान के लिए उपहारों की भी खरीदारी की। उपहारों में ड्राई फ्रूट, चाकलेट, डिब्बा बंद ब्रांडेड मिठाइयों की धूम रही।
धनतेरस पर बरसी लक्ष्मी की कृपा, कारोबार 11 करोड़ के पार
सोमवार को धनतेरस पर आधी रात के बाद तक बाजार गुलजार रहे। धनतेरस के दिन बाजार में जमकर लक्ष्मी की कृपा बरसी। सर्राफा बाजार और ऑटो बाजार सबसे ज्यादा गर्म रहा। केवल धनतेरस के एक दिन बाजार में करीब 11 करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। एक आकलन के मुताबिक धनतेरस के दिन लखीमपुर शहर में करीब 10 किलो सोना और 50 किलो चांदी की बिक्री हुई। इसकी कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये है। ऑटो बाजार और बर्तन बाजार ने भी अच्छा व्यवसाय किया है।
आटो बाजार में करीब 200 दोपहिया वाहन, 50 चौपहिया वाहन बिके हैं। इनकी कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपया है। बर्तन बाजार में भी करीब एक से सवा करोड़ रुपये का कारोबार होने के अनुमान है। इनके अलावा गिफ्ट पैक, खील खिलौने, लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, बिजली की झालरें, मोमबत्तियों का करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। धनतेरस पर सर्राफा बाजार और ऑटो बाजार की सबसे ज्यादा चांदी रही।
मैलानी। दिवाली से एक दिन पूर्व बाजार में रौनक बढ़ गई। पटाखा मंडी में पटाखों की दुकानें सज गईं। इस बार मंडी में पटाखों की ज्यादा दुकानें दिखाई दे रही हैं। हालांकि पटाखे की बिक्री आज कम ही हुई। दुकानदारों का कहना है कि दिवाली के दिन ही पटाखों की बिक्री होगी। सुरक्षा की दृष्टि से पटाखा मंडी में पुलिसकर्मी तैनात रहे। उधर धनतेरस के दूसरे दिन भी बर्तनों की बिक्री होती रही।
तीन मुहूर्त में होगा गणेश-लक्ष्मी का पूजन
लखीमपुर खीरी। हिंदू धर्म में सभी मांगलिक कार्य शुभ मुहूर्त में किए जाते हैं। दिवाली का दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष दिन है। इस दिन सभी घरों में गणेश लक्ष्मी की विधिवत पूजा अर्चना होती है।
देवकली तीर्थ ज्योतिषाचार्य पंडित राजेश शास्त्री का कहना है कि धन, वैभव और यश पाने के लिए दिवाली पर सिद्धि पूजा का अपना अलग महत्व है। यही वजह है कि दिवाली पर पहला मुहूर्त लक्ष्मी पूजन, व्यवासायिक प्रतिष्ठानों का पूजन दोपहर 12.49 बजे से 02.20 बजे तक होगा। शाम को दीपमालिका और अष्टलक्ष्मी पूजन का होता है, जो घरों और प्रतिष्ठानों पर शाम 05.26 बजे से 07.23 बजे तक होगा, जबकि तीसरा तांत्रिक जगत, मंत्र सिद्धि और स्थिर लक्ष्मी पूजन के लिए माना जाता है, जो रात्रि 11.55 से 02.08 बजे तक होगा। लक्ष्मी पूजन के लिए कमल गट्टा, कमल के फूल, धान के लावा, खड़ी धनिया, गुड़ और हल्दी की गांठी का विशेष महत्व है। पूजन में इसे जरूर शामिल करें।
पहला: दोपहर 12.49 बजे से 02.20 बजे तक
दूसरा: शाम 05.26 बजे से 07.23 बजे तक
तीसरा: रात्रि 11.55 से 02.08 बजे तक
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मंगलवार को पटाखों की भी जमकर बिक्री हुई। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर पटाखा बाजार सजाया गया। यहां दिन भर बच्चों और युवाओं की भारी भीड़ रही। उन्होंने जमकर पटाखे खरीदे। उधर खील खिलौने और मिट्टी के दीयों को खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ बाजार में देखी गई। बाहर रहने वाले तमाम लोग आज सुबह अपने घर पहुंच सके इसलिए उन लोगों ने मंगलवार को खरीदारी की।
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इस बार मिट्टी के दीयों की रिकार्ड बिक्री हुई है। कारीगरों ने एक से एक स्टाइलिश दीये बनाए। तीन बत्ती और पांच बत्तियों वाले दीयों की मांग सबसे ज्यादा रही। इस साल बाजार में मोम से भरे दीये भी उपलब्ध हैं जिनमें घी या तेल डालने की जरूरत नहीं होगी। यह मोमबत्तियों की तरह जलेंगे। यह दीये अधिक समय तक जलेंगे तथा देखने में भी सुंदर लगेंगे।
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मंगलवार को देर रात तक बाजार गुलजार रहा। लोगों ने इस मौके पर जमकर खरीदारी की। खाद्य पदार्थों पर महंगाई भी ग्राहकों का उत्साह कम नहीं कर सकी। दिवाली के एक दिन पहले लोगों ने आदान प्रदान के लिए उपहारों की भी खरीदारी की। उपहारों में ड्राई फ्रूट, चाकलेट, डिब्बा बंद ब्रांडेड मिठाइयों की धूम रही।
धनतेरस पर बरसी लक्ष्मी की कृपा, कारोबार 11 करोड़ के पार
सोमवार को धनतेरस पर आधी रात के बाद तक बाजार गुलजार रहे। धनतेरस के दिन बाजार में जमकर लक्ष्मी की कृपा बरसी। सर्राफा बाजार और ऑटो बाजार सबसे ज्यादा गर्म रहा। केवल धनतेरस के एक दिन बाजार में करीब 11 करोड़ से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। एक आकलन के मुताबिक धनतेरस के दिन लखीमपुर शहर में करीब 10 किलो सोना और 50 किलो चांदी की बिक्री हुई। इसकी कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये है। ऑटो बाजार और बर्तन बाजार ने भी अच्छा व्यवसाय किया है।
आटो बाजार में करीब 200 दोपहिया वाहन, 50 चौपहिया वाहन बिके हैं। इनकी कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपया है। बर्तन बाजार में भी करीब एक से सवा करोड़ रुपये का कारोबार होने के अनुमान है। इनके अलावा गिफ्ट पैक, खील खिलौने, लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां, बिजली की झालरें, मोमबत्तियों का करीब दो करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। धनतेरस पर सर्राफा बाजार और ऑटो बाजार की सबसे ज्यादा चांदी रही।
मैलानी। दिवाली से एक दिन पूर्व बाजार में रौनक बढ़ गई। पटाखा मंडी में पटाखों की दुकानें सज गईं। इस बार मंडी में पटाखों की ज्यादा दुकानें दिखाई दे रही हैं। हालांकि पटाखे की बिक्री आज कम ही हुई। दुकानदारों का कहना है कि दिवाली के दिन ही पटाखों की बिक्री होगी। सुरक्षा की दृष्टि से पटाखा मंडी में पुलिसकर्मी तैनात रहे। उधर धनतेरस के दूसरे दिन भी बर्तनों की बिक्री होती रही।
तीन मुहूर्त में होगा गणेश-लक्ष्मी का पूजन
लखीमपुर खीरी। हिंदू धर्म में सभी मांगलिक कार्य शुभ मुहूर्त में किए जाते हैं। दिवाली का दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष दिन है। इस दिन सभी घरों में गणेश लक्ष्मी की विधिवत पूजा अर्चना होती है।
देवकली तीर्थ ज्योतिषाचार्य पंडित राजेश शास्त्री का कहना है कि धन, वैभव और यश पाने के लिए दिवाली पर सिद्धि पूजा का अपना अलग महत्व है। यही वजह है कि दिवाली पर पहला मुहूर्त लक्ष्मी पूजन, व्यवासायिक प्रतिष्ठानों का पूजन दोपहर 12.49 बजे से 02.20 बजे तक होगा। शाम को दीपमालिका और अष्टलक्ष्मी पूजन का होता है, जो घरों और प्रतिष्ठानों पर शाम 05.26 बजे से 07.23 बजे तक होगा, जबकि तीसरा तांत्रिक जगत, मंत्र सिद्धि और स्थिर लक्ष्मी पूजन के लिए माना जाता है, जो रात्रि 11.55 से 02.08 बजे तक होगा। लक्ष्मी पूजन के लिए कमल गट्टा, कमल के फूल, धान के लावा, खड़ी धनिया, गुड़ और हल्दी की गांठी का विशेष महत्व है। पूजन में इसे जरूर शामिल करें।
पहला: दोपहर 12.49 बजे से 02.20 बजे तक
दूसरा: शाम 05.26 बजे से 07.23 बजे तक
तीसरा: रात्रि 11.55 से 02.08 बजे तक