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जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज का इस्तीफा मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:03 PM IST
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डीएम बने जिला पंचायत के प्रशासक, कार्यभार संभाला
प्रशासनिक कमेटी के गठन की संभावनाएं क्षीण
जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज का इस्तीफा स्वीकार करते हुए शासन ने डीएम को जिला पंचायत का प्रशासक नियुक्त कर दिया है। बुधवार को डीएम आकाशदीप ने जिला पंचायत के प्रशासक का कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रशासक नियुक्त होने से फिलहाल प्रशासनिक कमेटी के गठन की संभावनाएं क्षीण हो गई हैं। छह माह के अंदर जिला पंचायत का उपचुनाव कराकर नए अध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज ने 24 जून को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। डीएम ने यह त्यागपत्र शासन को भेज दिया था। प्रदेश शासन ने 27 जून को उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। साथ ही जिला पंचायत के कार्यकाल के संचालन के लिए डीएम आकाशदीप को प्रशासक नियुक्त कर दिया। डीएम ने बुधवार को विधिवत प्रशासक का कार्यभार ग्रहण कर लिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज के इस्तीफे के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि नए अध्यक्ष के चुनाव तक जिला पंचायत के कामकाज का संचालन करने के लिए तीन सदस्यीय प्रशासनिक कमेटी का गठन किया जाएगा। शासन ने इस बार प्रशासनिक कमेटी गठित करने के बजाय डीएम को प्रशासक नियुक्त कर दिया है।
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जिला पंचायत में छठी बार हुई प्रशासक की नियुक्ति
जिला पंचायत खीरी के इतिहास में अब तक छह बार प्रशासक की नियुक्ति हुई है। बीस डीएम प्रशासक के रूप में जिला पंचायत की बागडोर संभाल चुके हैं। आकाशदीप जिला पंचायत के प्रशासक बनने वाले इक्कीसवें डीएम हैं। जिला पंचायत खीरी में सबसे ज्यादा 12 साल तक प्रशासक रहने का रिकार्ड 1977 से 1989 के बीच का है। इस बीच सात डीएम जिला पंचायत के प्रशासक रहे।
2005 के बाद कोई अध्यक्ष पूरा नहीं कर सका कार्यकाल
वर्ष 2000 से 2005 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहने वाली लीला देवी के बाद कोई अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। उनके बाद अनीता गिरि का कार्यकाल 14 जनवरी 2006 से 20 जुलाई 2010 तक, अनूप कुमार वर्मा नौ अगस्त 2010 से 13 जनवरी 2011 तक, दमयंती किशोर का 14 जनवरी 11 से अक्टूबर 2012 तक, कमल पाल का चार फरवरी 2013 से 13 जनवरी 2016 तक और बंशीधर राज का कार्यकाल 14 जनवरी 2016 से 24 जून 2017 तक रहा। सबसे छोटा कार्यकाल अनूप कुमार वर्मा का कार्यकाल सिर्फ पांच माह चार दिन का रहा।
अब तक केवल एक बार बनी प्रशासनिक कमेटी
खीरी जिला पंचायत के इतिहास में अब तक केवल एक बार प्रशासनिक कमेटी बनी। 16 अक्टूबर 2012 को तत्कालीन जिला पंचायत की तत्कालीन अध्यक्ष दमयंती किशोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद तीन सदस्यीय प्रशासनिक कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी में कमल पाल, जगदीश प्रसाद और राजेश कुमार यादव शामिल थे।
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प्रशासनिक कमेटी के गठन की संभावनाएं क्षीण
जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज का इस्तीफा स्वीकार करते हुए शासन ने डीएम को जिला पंचायत का प्रशासक नियुक्त कर दिया है। बुधवार को डीएम आकाशदीप ने जिला पंचायत के प्रशासक का कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रशासक नियुक्त होने से फिलहाल प्रशासनिक कमेटी के गठन की संभावनाएं क्षीण हो गई हैं। छह माह के अंदर जिला पंचायत का उपचुनाव कराकर नए अध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज ने 24 जून को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था। डीएम ने यह त्यागपत्र शासन को भेज दिया था। प्रदेश शासन ने 27 जून को उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया। साथ ही जिला पंचायत के कार्यकाल के संचालन के लिए डीएम आकाशदीप को प्रशासक नियुक्त कर दिया। डीएम ने बुधवार को विधिवत प्रशासक का कार्यभार ग्रहण कर लिया।
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जिला पंचायत अध्यक्ष बंशीधर राज के इस्तीफे के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि नए अध्यक्ष के चुनाव तक जिला पंचायत के कामकाज का संचालन करने के लिए तीन सदस्यीय प्रशासनिक कमेटी का गठन किया जाएगा। शासन ने इस बार प्रशासनिक कमेटी गठित करने के बजाय डीएम को प्रशासक नियुक्त कर दिया है।
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जिला पंचायत में छठी बार हुई प्रशासक की नियुक्ति
जिला पंचायत खीरी के इतिहास में अब तक छह बार प्रशासक की नियुक्ति हुई है। बीस डीएम प्रशासक के रूप में जिला पंचायत की बागडोर संभाल चुके हैं। आकाशदीप जिला पंचायत के प्रशासक बनने वाले इक्कीसवें डीएम हैं। जिला पंचायत खीरी में सबसे ज्यादा 12 साल तक प्रशासक रहने का रिकार्ड 1977 से 1989 के बीच का है। इस बीच सात डीएम जिला पंचायत के प्रशासक रहे।
2005 के बाद कोई अध्यक्ष पूरा नहीं कर सका कार्यकाल
वर्ष 2000 से 2005 तक जिला पंचायत अध्यक्ष रहने वाली लीला देवी के बाद कोई अध्यक्ष अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया। उनके बाद अनीता गिरि का कार्यकाल 14 जनवरी 2006 से 20 जुलाई 2010 तक, अनूप कुमार वर्मा नौ अगस्त 2010 से 13 जनवरी 2011 तक, दमयंती किशोर का 14 जनवरी 11 से अक्टूबर 2012 तक, कमल पाल का चार फरवरी 2013 से 13 जनवरी 2016 तक और बंशीधर राज का कार्यकाल 14 जनवरी 2016 से 24 जून 2017 तक रहा। सबसे छोटा कार्यकाल अनूप कुमार वर्मा का कार्यकाल सिर्फ पांच माह चार दिन का रहा।
अब तक केवल एक बार बनी प्रशासनिक कमेटी
खीरी जिला पंचायत के इतिहास में अब तक केवल एक बार प्रशासनिक कमेटी बनी। 16 अक्टूबर 2012 को तत्कालीन जिला पंचायत की तत्कालीन अध्यक्ष दमयंती किशोर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद तीन सदस्यीय प्रशासनिक कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी में कमल पाल, जगदीश प्रसाद और राजेश कुमार यादव शामिल थे।