{"_id":"21133aa5f3be6665e23e42748c65b6b1","slug":"disposal-of-challenge-for-administration-objections-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन के लिए चुनौती बना आपत्तियों का निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन के लिए चुनौती बना आपत्तियों का निस्तारण
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 24 Aug 2015 06:42 PM IST
विज्ञापन
जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। अब तक जिले में प्रशासन को करीब 15 हजार से अधिक आपत्तियां मिल चुकी हैं, जिनके निस्तारण की आखिरी तिथि मंगलवार को है। एडीएम एसपी सिंह ने इस बावत सभी तहसीलों से जल्द निस्तारण सूची भेजने का निर्देश दिया है। हालांकि शिकायतों का निस्तारण प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। क्योंकि अभी तक प्रशासन ने कई तहसीलों में निस्तारण प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है। सदर तहसील में सोमवार को लखीमपुर ब्लाक की करीब तीन हजार शिकायतों का निस्तारण किया। इसी क्रम में आखिरी दिन यानि मंगलवार को फूलबेहड़ और नकहा ब्लाक की आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।
इसी तरह धौरहरा ब्लाक में 2637, ईसानगर में 5615 और रमियाबेहड़ में 2615 शिकायतें आई हैं। जिनके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं निर्वाचन कार्यालय और कलक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम में 101 आपत्तियां आई हैं। जिन्हें संबंधित एसडीएम को निस्तारण के लिए भेजा गया है। इस संबंध में एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि आपत्तियों के निस्तारण की आखिरी तिथि 25 अगस्त तक है। तहसीलों में आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, तीन-चार तहसीलों से सूची आ भी गई है, लेकिन अन्य तहसीलों से मंगलवार तक सूची आने की उम्मीद है।
-------
एडीएम ने चकबंदी अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
पंचायत चुनाव में तेजी लाने के उद्देश्य से एडीएम एसपी सिंह ने 19 अगस्त को चकबंदी अधिकारी रामकिशोर गुप्ता, सत्याप्रकाश और सहायक चकबंदी अधिकरी मसूद शेरवानी को निर्वाचन कार्यालय से संबद्ध किया था, ताकि ब्लाकों ने पंचायत चुनाव संबंधी सूचनाओं को आसानी से एकत्र किया जा सके। लेकिन तीनों ही अधिकारियों ने अभी तक निर्वाचन कार्यालय में ज्वाइन नहीं किया है। इस संबंध में एडीएम ने तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
--------
नियमावली के तहत ही होगा आरक्षण
ग्राम पंचायतों में आरक्षण राज्य निर्वाचन आयोग की तय नियमावली के तहत ही 31 अगस्त को लागू किया जाएगा, इसके लिए सूची प्रकाशित की जाएगी। लेकिन ग्राम पंचायतों में संभावित उम्मीदवार किसी तरह मनमाफिक सीटें चाह रहे हैं, इसके लिए वह अवांछित तत्वों के संपर्क में लगे हैं। सीडीओ नितीश कुमार ने साफ किया है कि पंचायतों में आरक्षण आयोग द्वारा पहले से तय नियमावली के तहत ही लागू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को मनमाफिक आरक्षण कराने का दावा करने वाले लोगों से बचना चाहिए, क्योंकि आयोग के निर्देशों के मुताबिक ही आरक्षण लागू होगा, इसमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। आरक्षण नियमावली इंटरनेट पर भी डाल दी गई है।
विज्ञापन
इसी तरह धौरहरा ब्लाक में 2637, ईसानगर में 5615 और रमियाबेहड़ में 2615 शिकायतें आई हैं। जिनके निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं निर्वाचन कार्यालय और कलक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम में 101 आपत्तियां आई हैं। जिन्हें संबंधित एसडीएम को निस्तारण के लिए भेजा गया है। इस संबंध में एडीएम एसपी सिंह ने बताया कि आपत्तियों के निस्तारण की आखिरी तिथि 25 अगस्त तक है। तहसीलों में आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है, तीन-चार तहसीलों से सूची आ भी गई है, लेकिन अन्य तहसीलों से मंगलवार तक सूची आने की उम्मीद है।
विज्ञापन
-------
एडीएम ने चकबंदी अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण
पंचायत चुनाव में तेजी लाने के उद्देश्य से एडीएम एसपी सिंह ने 19 अगस्त को चकबंदी अधिकारी रामकिशोर गुप्ता, सत्याप्रकाश और सहायक चकबंदी अधिकरी मसूद शेरवानी को निर्वाचन कार्यालय से संबद्ध किया था, ताकि ब्लाकों ने पंचायत चुनाव संबंधी सूचनाओं को आसानी से एकत्र किया जा सके। लेकिन तीनों ही अधिकारियों ने अभी तक निर्वाचन कार्यालय में ज्वाइन नहीं किया है। इस संबंध में एडीएम ने तीनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
--------
नियमावली के तहत ही होगा आरक्षण
ग्राम पंचायतों में आरक्षण राज्य निर्वाचन आयोग की तय नियमावली के तहत ही 31 अगस्त को लागू किया जाएगा, इसके लिए सूची प्रकाशित की जाएगी। लेकिन ग्राम पंचायतों में संभावित उम्मीदवार किसी तरह मनमाफिक सीटें चाह रहे हैं, इसके लिए वह अवांछित तत्वों के संपर्क में लगे हैं। सीडीओ नितीश कुमार ने साफ किया है कि पंचायतों में आरक्षण आयोग द्वारा पहले से तय नियमावली के तहत ही लागू होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों को मनमाफिक आरक्षण कराने का दावा करने वाले लोगों से बचना चाहिए, क्योंकि आयोग के निर्देशों के मुताबिक ही आरक्षण लागू होगा, इसमें छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। आरक्षण नियमावली इंटरनेट पर भी डाल दी गई है।