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Lakhimpur Kheri News: दुधवा में छोटी बिल्ली प्रजातियों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर मंथन
Thu, 16 Jul 2026 11:38 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 16 Jul 2026 11:38 PM IST
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पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व में जैव विविधता संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की पहल के तहत बृहस्पतिवार को दुधवा पर्यटन परिसर में स्थानीय समुदाय के साथ परिचर्चा हुई। इसमें फिशिंग कैट, लेपर्ड कैट, जंगल कैट और रस्टी स्पॉटेड कैट के संरक्षण के साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने की रणनीतियों पर मंथन किया गया। इसके लिए स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया।
अधिकारियों ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे संवेदनशील मुद्दे का प्रभावी समाधान स्थानीय समुदाय के सक्रिय सहयोग के बिना संभव नहीं है। बैठक में ग्रामीणों को इन प्रजातियों के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और उनसे सुझाव लिए गए, ताकि भविष्य में जैव विविधता को सुरक्षित रखते हुए संघर्ष को न्यूनतम किया जा सके।
यह पहल पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से यूएनडीपी और ग्लोबल टाइगर फोरम के सहयोग से संचालित जीईएफ-7 परियोजना का हिस्सा है। परियोजना अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लागू है। उत्तर प्रदेश में इसका प्रमुख केंद्र दुधवा टाइगर रिजर्व है।
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अधिकारियों ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे संवेदनशील मुद्दे का प्रभावी समाधान स्थानीय समुदाय के सक्रिय सहयोग के बिना संभव नहीं है। बैठक में ग्रामीणों को इन प्रजातियों के महत्व के प्रति जागरूक किया गया और उनसे सुझाव लिए गए, ताकि भविष्य में जैव विविधता को सुरक्षित रखते हुए संघर्ष को न्यूनतम किया जा सके।
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यह पहल पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से यूएनडीपी और ग्लोबल टाइगर फोरम के सहयोग से संचालित जीईएफ-7 परियोजना का हिस्सा है। परियोजना अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लागू है। उत्तर प्रदेश में इसका प्रमुख केंद्र दुधवा टाइगर रिजर्व है।
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