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‘दूषित पानी से होती हैं तमाम बीमारियां’
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 19 Dec 2014 08:01 PM IST
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ग्राम स्वराज्य मिशन आश्रम ने सेव द चिल्ड्र्रेन के सहयोग से जिलास्तरीय बैठक का आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया। बैठक में मुख्य अतिथि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीबी राम ने कहा कि 0से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चाें के विकास के लिए सुरक्षित वातावरण मुहैया कराने की आवश्यकता है। तमाम बीमारियां दूषित पानी से होती हैं।
उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि नगर पालिका परिषदाें से सप्लाई किया जाना वाला पानी पूरी तरह से स्वच्छ हो। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीसीपीएम हरकीरत सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाआें में और अधिक सुधार लाने की आवश्यता है। गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता राजकिशोर पांडेय, अरुण वाजपेयी, हरिओम बरनवाल, भगवंत प्रसाद शुक्ल, नीलम दीक्षित, मीरा चौधरी, मानसिंह विनोद कुमार वर्मा, पूनम मिश्रा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
संस्था के सचिव विश्वंभर नाथ ने कहा कि बच्चों के मस्तिष्क का विकास तीन वर्ष की उम्र से सर्वधिक तेजी से होने लगता है। ऐसे में उन्हें बेहतर वातावरण देने की आवश्कता है। नवजात शिशु मृत्यु दर तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाकर आईसीडीएस के प्रावधानाें को अक्षरश: जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सभी को एकजुट होना पडे़गा। उन्होने 0 से 3 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के खानपान, पोषण तथा टीकाकरण पर भी जोर दिया।
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बैठक का संचालन विश्वंभर नाथ और समग्र विकास सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सक्सेना ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर सतीश कुमार, सीएचसी फरधान की बेसिक हेल्थ वर्कर उर्मिला देवी, कुसुम कुमारी, सुमन लता, मालती देवी, मंजू देवी, प्रेमलता, विभा मिश्रा, मधु वर्मा, नीरू शुक्ला, सियाराम गौड़, डॉ. राकेश शर्मा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि नगर पालिका परिषदाें से सप्लाई किया जाना वाला पानी पूरी तरह से स्वच्छ हो। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डीसीपीएम हरकीरत सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाआें में और अधिक सुधार लाने की आवश्यता है। गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रवक्ता राजकिशोर पांडेय, अरुण वाजपेयी, हरिओम बरनवाल, भगवंत प्रसाद शुक्ल, नीलम दीक्षित, मीरा चौधरी, मानसिंह विनोद कुमार वर्मा, पूनम मिश्रा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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संस्था के सचिव विश्वंभर नाथ ने कहा कि बच्चों के मस्तिष्क का विकास तीन वर्ष की उम्र से सर्वधिक तेजी से होने लगता है। ऐसे में उन्हें बेहतर वातावरण देने की आवश्कता है। नवजात शिशु मृत्यु दर तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाकर आईसीडीएस के प्रावधानाें को अक्षरश: जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सभी को एकजुट होना पडे़गा। उन्होने 0 से 3 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों के खानपान, पोषण तथा टीकाकरण पर भी जोर दिया।
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बैठक का संचालन विश्वंभर नाथ और समग्र विकास सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सक्सेना ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर सतीश कुमार, सीएचसी फरधान की बेसिक हेल्थ वर्कर उर्मिला देवी, कुसुम कुमारी, सुमन लता, मालती देवी, मंजू देवी, प्रेमलता, विभा मिश्रा, मधु वर्मा, नीरू शुक्ला, सियाराम गौड़, डॉ. राकेश शर्मा समेत अनेक लोग मौजूद रहे।