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Lakhimpur Kheri: खेतों की ओर मोड़ा नदियों का रुख... फसलें हुईं बर्बाद, किसानों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
Mon, 02 Jun 2025 04:06 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 02 Jun 2025 04:06 PM IST
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डीएम कार्यालय परिसर में खड़े किसान
- फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र में ग्रामसभा मझरा पूरब, परगना खेरीगढ़ में सुहेली व सोती नदियों की धारा मोड़कर किसानों के खेतों से निकाल दिया गया है। यह आरोप डीएम कार्यालय ज्ञापन सौंपने आए किसानों ने लगाए। उन्होंने बताया कि किसानों की भूमि पर हुए अतिक्रमण, गलत खोदाई व मुआवजा न मिलने के संबंध में डीएम कार्यालय आकर ज्ञापन सौंपा है।
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ज्ञापन के माध्यम से बताया कि ग्रामसभा मझरा पूरब के किसान विगत समय से गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। सुहेली व सोती नदियां अपनी अभिलेखीय और वास्तविक मुख्य धारा को छोड़कर अब किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि में बहने लगी हैं। इसके अलावा सिंचाई विभाग द्वारा वास्तविक स्थिति की अनदेखी कर किसानों की भूमि को ही नदी की धारा मानते हुए जबरन खोदाई कर दी गई, जबकि धारा का प्रवाह कहीं और था।
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कृषि भूमि हुई बर्बाद
इस कार्रवाई के कारण न केवल किसानों की खड़ी फसलें नष्ट हुई हैं, बल्कि उनके जीवन यापन का एकमात्र साधन कृषि भूमि बर्बाद हो गई है। विशेष रूप से गाटा संख्या 513, 514, 515, 516 मझरा पूरब व गाटा संख्या 100 क बैरियों की भूमि पर गलत खोदाई की गई है, जो वर्षों से किसानों के कब्जे में थी और नियमित रूप से कृषि उपयोग में लाई जा रही थी।
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किसानों ने मांग की है कि इन नदियों की धारा को पहले की तरह मोड़ा जाए। जिन किसानों की भूमि को गलत रूप से नदी की धारा घोषित कर खोदाई की गई है, उन्हें पूर्ण एवं यथोचित मुआवज़ा तत्काल प्रदान किया जाए। सारी समस्याओं को निपटाया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।