{"_id":"6490a060ff4abe59de07be34","slug":"diarrhea-became-a-problem-for-children-one-died-lakhimpur-news-c-4-1-186432-2023-06-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डायरिया बना जानलेवा: लखीमपुर के जिला अस्पताल में ढाई माह की बच्ची की मौत, कई मासूम बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डायरिया बना जानलेवा: लखीमपुर के जिला अस्पताल में ढाई माह की बच्ची की मौत, कई मासूम बीमार
Tue, 20 Jun 2023 01:29 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jun 2023 01:29 PM IST
सार
भीषण गर्मी में डायरिया अब जानलेवा हो गया है। मासूम बच्चे उल्टी, दस्त एवं बुखार की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में सोमवार को एक बच्ची की मौत हो गई। उसे डायरिया हो गया था।
विज्ञापन
आईसीयू में भर्ती बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी में भीषण गर्मी की वजह से परेशान बच्चे उल्टी, दस्त एवं बुखार की चपेट में आकर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। गंभीर हालत में पहुंचने वाले बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है। रविवार को वार्ड में भर्ती एक ढाई माह की बच्ची की मौत हो गई।
सोमवार को चिल्ड्रन वार्ड की ओपीडी में इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा रही। गंभीर हालत में इमरजेंसी पहुंचने वाले बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर किया गया। फूलबेहड़ निवासी अवधेश कुमार की ढाई माह की पुत्री बेबी अंशू को उल्टी, दस्त एवं बुखार आने पर भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को अंशू की मौत हो गई।
ये भी पढ़ें- नृशंसता की हदें पार: महिला ने बचने को खूब किया संघर्ष, कलाई और पैर का पंजा गायब; शव का हाल देख सिहर उठे डॉक्टर
विज्ञापन
चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कई बीमार बच्चों का उपचार चल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि गर्मी चरम पर है। ऐसे में बच्चों को धूप में बिलकुल न जाने दें। खाने पीने पर ध्यान दें। गर्मी और दूषित खान पान उल्टी, दस्त से लेकर बुखार का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
सोमवार को चिल्ड्रन वार्ड की ओपीडी में इन बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा रही। गंभीर हालत में इमरजेंसी पहुंचने वाले बच्चों को चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कर किया गया। फूलबेहड़ निवासी अवधेश कुमार की ढाई माह की पुत्री बेबी अंशू को उल्टी, दस्त एवं बुखार आने पर भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को अंशू की मौत हो गई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- नृशंसता की हदें पार: महिला ने बचने को खूब किया संघर्ष, कलाई और पैर का पंजा गायब; शव का हाल देख सिहर उठे डॉक्टर
विज्ञापन
चिल्ड्रन वार्ड में भर्ती कई बीमार बच्चों का उपचार चल रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि गर्मी चरम पर है। ऐसे में बच्चों को धूप में बिलकुल न जाने दें। खाने पीने पर ध्यान दें। गर्मी और दूषित खान पान उल्टी, दस्त से लेकर बुखार का कारण बन सकता है।
भीषण गर्मी में फंगल इंफेक्शन का बढ़ा खतरा
भीषण गर्मी त्वचा संबंधी बीमारियों की वजह बन रही है। लगातार निकलने वाले से फंगल इंफेक्शन हो रहा है। तेज धूप में निकलने से हाथ, गले एवं चेहरे पर लाल चकत्ते पड़ रहे हैं, जिनमें खुजली और जलन होती है। त्वचा रोग विशेषज्ञ बताते हैं कि धूप से बचें और सूती कपड़े पहनने के साथ तरल पदार्थ सेवन ज्यादा करें।ये भी पढ़ें- दो लड़कियों की प्रेम कहानी: युवती को तांत्रिक के पास ले गई मां-बेटी, तंत्र-मंत्र से युवक बनाने का झांसा और...
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में सोमवार को 120 मरीज पहुंचे। इसमें करीब 25 प्रतिशत मरीज फंगल इंफेक्शन से पीड़ित थे। जबकि अन्य मरीज घमौरियां, लाल चकत्ते आदि की समस्या से पीड़ित थे। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपेंद्र गौतम बताते हैं कि गर्मियों में पसीना आना आम बात है, लेकिन इसके कारण न सिर्फ त्वचा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि फंगल इंफेक्शन होने की समस्या भी बढ़ जाती है।