{"_id":"586503f64f1c1b445ceebebd","slug":"dial-100-service-opened-today","type":"story","status":"publish","title_hn":"100 डायल सेवा का आगाज आज से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
100 डायल सेवा का आगाज आज से
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 29 Dec 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
ट्रेनर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सर्किल मुख्यालय पर तीन और थानों में रहेंगी दो-दो गाड़ियां
पुलिस सहायता के लिए 100 डायल सेवा की शुरुआत शुक्रवार से हो रही है, बृहस्पतिवार को महिंद्रा कंपनी की ओर से आए ट्रेनर आरपी यादव ने पुलिसकर्मियों और होमागार्ड्स को प्रशिक्षण दिया। मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) के तकनीकी पहलुओं और उसके उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस लाइंस सभागार में सभी थानेे और कोतवालियों से एचसीपी, कांस्टेबल और होमगार्ड्स को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया, जहां सेवा के शुरू होने से पहले उन्हें आवश्यक तकनीकी जानकारियां दी गईं। ट्रेनर आरपी यादव ने बताया कि इन गाड़ियों में लगे एमडीटी का सफल संचालन करने के लिए तकनीकी जानकारी का अनुसरण करना जरूरी है। इस्राइल की तकनीक से लैस एमडीटी का सर्वर लखनऊ मुख्यालय के अलावा बंगलुरू मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से भी जुड़ा है। लिहाजा लखनऊ कंट्रोल में तकनीकी खामी होने की दशा में यह गाड़िया बंगलुरू कंट्रोल रूम के संपर्क में रहेंगी। किसी पीड़ित के 100 नंबर पर काल करने के बाद गाड़ी में लगे सिस्टम पर सूचना दी जाएगी। शासन ने सर्किल मुख्यालय के थानों में तीन और अन्य थानों में दो-दो गाड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या के हिसाब से थाने/कोतवालियों में गाड़ियां शुक्रवार को भेजी जाएंगी। अभी प्रत्येक गाड़ी पर चालक के अलावा एक दरोगा और एक कांस्टेबल की ड्यूटी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस सहायता के लिए 100 डायल सेवा की शुरुआत शुक्रवार से हो रही है, बृहस्पतिवार को महिंद्रा कंपनी की ओर से आए ट्रेनर आरपी यादव ने पुलिसकर्मियों और होमागार्ड्स को प्रशिक्षण दिया। मोबाइल डाटा टर्मिनल (एमडीटी) के तकनीकी पहलुओं और उसके उपयोग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस लाइंस सभागार में सभी थानेे और कोतवालियों से एचसीपी, कांस्टेबल और होमगार्ड्स को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया, जहां सेवा के शुरू होने से पहले उन्हें आवश्यक तकनीकी जानकारियां दी गईं। ट्रेनर आरपी यादव ने बताया कि इन गाड़ियों में लगे एमडीटी का सफल संचालन करने के लिए तकनीकी जानकारी का अनुसरण करना जरूरी है। इस्राइल की तकनीक से लैस एमडीटी का सर्वर लखनऊ मुख्यालय के अलावा बंगलुरू मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से भी जुड़ा है। लिहाजा लखनऊ कंट्रोल में तकनीकी खामी होने की दशा में यह गाड़िया बंगलुरू कंट्रोल रूम के संपर्क में रहेंगी। किसी पीड़ित के 100 नंबर पर काल करने के बाद गाड़ी में लगे सिस्टम पर सूचना दी जाएगी। शासन ने सर्किल मुख्यालय के थानों में तीन और अन्य थानों में दो-दो गाड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या के हिसाब से थाने/कोतवालियों में गाड़ियां शुक्रवार को भेजी जाएंगी। अभी प्रत्येक गाड़ी पर चालक के अलावा एक दरोगा और एक कांस्टेबल की ड्यूटी रहेगी।
विज्ञापन