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जिले की सबसे हॉट सीट बनी धौरहरा, सपा में एक छत के नीचे तीन विरोधी

Sat, 15 Jan 2022 12:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 15 Jan 2022 12:21 AM IST
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Dhaurhara became the hottest seat of the district, three opponents under one roof in SP
लखीमपुर खीरी। जनपद की धौरहरा सीट चुनाव की तारीखों के एलान के साथ लगातार चर्चा में बनी हुई है। जिस सपा के खिलाफ बसपा और भाजपा ने चुनाव लड़ा था, उसमें जीते और हारे विधायक अब सपा में शामिल हो गए हैं। भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के बाद अब बसपा के पूर्व विधायक रहे शमशेर सिंह शेरू भी शुक्रवार को लखनऊ में स्वामी प्रसाद मौर्या के नेतृत्व में सपा में शामिल हो गए। दिलचस्प बात यह है इस बार सपा से दावेदार वरुण चौधरी के मरहूम पिता यशपाल चौधरी और नए सपाई हुए बाला प्रसाद और शमशेर सिंह शेरु 2017 के चुनाव में एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। अब सब एक साथ समाजवादी रथ पर सवार हैं। ऐसे में यहां टिकट की दावेदारी और जातीय गणित के हिसाब से वोटों का बंटवारे का मामला और दिलचस्प हो चला है।
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प्रदेश में जिस तरह से भाजपा विधायकों की सपा में जाने की दौड़ लगी है, उससे खीरी जिला भी अछूता नहीं रहा। जैसे जिसके संबंध रहे, उस तरह से विधायकों ने अखिलेश यादव तक पहुंचने की कोशिश की, जिसमें जिला स्तर की स्थानीय इकाई को भी खास सुगबुगाहट नहीं लग सकी। उन्हें भी इस बात की जानकारी तब हुई, जब आधिकारिक रूप से संबंधित नेताओं ने सपा में जाने का लखनऊ में एलान किया। भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी सपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे मनोज पांडेय के नेतृत्व में एक दिन पहले ही सपा में शामिल हुए हैं। धौरहरा से ही 2012 में बसपा विधायक रहे शमशेर सिंह शेरु ने स्वामी प्रसाद के नेतृत्व में शुक्रवार को लखनऊ में सपा में शामिल हो गए। इस संबंध में सपा जिलाध्यक्ष रामपाल सिंह यादव से जब बात हुई तो उन्होंने भी इसे स्वीकारा कि मौजूदा और पूर्व विधायक ऊपर के स्तर से पार्टी में शामिल हुए हैं, इन्हें शामिल कराने में स्थानीय स्तर से उनका कोई रोल नहीं। (संवाद )
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2017 में आमने सामने थे बाला प्रसाद, शमशेर सिंह और मरहूम यशपाल चौधरी
लखीमपुर खीरी। जिस तरीके से धौरहरा में 2017 के चुनाव में आमने सामने रहने वाले नेता एक साथ समाजवादी रथ पर सवार हुए हैं, उससे धौरहरा की लड़ाई और भी दिलचस्प हो चली है। विधायक बाला प्रसाद और पूर्व विधायक शमशेर सिंह जहां नए सपाई हुए हैं। वहीं धौरहरा से 1993 से चुनाव जीते और 2017 तक छह बार चुनाव लड़ चुके और पूर्व मंत्री रहे यशपाल चौधरी के बेटे वरुण चौधरी नीलू भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। यशपाल चौधरी का पिछले साल निधन हो गया था। धौरहरा सीट पर इस बार जो सबसे खास बात है वह यह कि सपा में शामिल होने वाले विधायक बाला प्रसाद, पूर्व विधायक शमशेर सिंह और यशपाल चौधरी के बेटे वरुण चौधरी दावेदारी कर रहे हैं। 2017 में तीनों पक्ष आमने सामने चुनाव लड़ चुके हैं, जिसमें बाला प्रसाद अवस्थी को जीत मिली थी और यशपाल चौधरी दूसरे नंबर पर रहे थे। जबकि, बसपा के शमशेर सिंह तीसरे नंबर पर रहे थे।
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पार्टी जो निर्देश देगी वह करेंगे : शमशेर बहादुर सिंह
2012 में बसपा के विधायक रहे शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि वह स्वामी प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में लखनऊ में शुक्रवार को सपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह बसपा के समय से ही स्वामी प्रसाद मौर्य के संपर्क में थे। उनके जरिये ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात हुई और वह शुक्रवार को बसपा छोड़ सपा में शामिल हो गए। वहीं, बदली हुई जिम्मेदारी को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके लिये जो भूमिका तय करेगा वह उसी पर चलेंगे। टिकट की दावेदारी को लेकर भी उन्होंने फैसला अखिलेश यादव पर ही टाल दिया।
टिकट मिले न मिले भाजपा को हराना है : बाला प्रसाद अवस्थी
एक दिन पहले ही बृहस्पतिवार को सपा में शामिल हुए धौरहरा से मौजूदा भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने बातचीत में भाजपा के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा में उनका, ब्राह्मणों का और उनके समर्थकों का मान-सम्मान तक नहीं बचा था। इसलिए उन्होंने भाजपा से इस्तीफा देकर सपा की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की है। उन्होंने दावा किया कि अब तो वह बुजुर्ग भी हो रहे हैं। सपा उन्हें टिकट दे या न दे, वह जी जान से सपा के लिये समर्थन जुटाकर भाजपा को हराएंगे। वहीं, अपने प्रतिद्वंदी नेता शमशेर सिंह के सपा में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि शेरू ने सही फैसला लिया है। उनका पार्टी में स्वागत है।
चुनाव की कर रहे हैं तैयारी, निर्णय पार्टी के हाथ : वरुण चौधरी नीलू
पूर्व मंत्री और सपा के कद्दावर नेता रहे मरहूम यशपाल चौधरी के बेटे वरुण चौधरी नीलू ने बताया कि पार्टी के निर्देश पर वह चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान उन्होंने चुनाव की तैयारी के लिये कहा था। इसलिए वह चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने विधायक बाला प्रसाद और पूर्व विधायक शमशेर सिंह शेरू के सपा में शामिल होने पर उन्हें अपना पूर्व प्रतिद्वंदी बताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह पार्टी का समर्थन करेंगे।

जिताऊ प्रत्याशी को मिलेगा टिकट : राम पाल सिंह यादव
जो लोग पार्टी में आ रहे हैं, उन सबका स्वागत है। मौजूदा और पूर्व विधायक अखिलेश यादव से संपर्क में रहे हैं। रही बात टिकट की तो इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मंथन करेंगे, जो जिताऊ प्रत्याशी होगा उसे टिकट मिलेगा।
- रामपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
साल- जीते- हारे
1991- बाला प्रसाद अवस्थी (भाजपा), जगन्नाथ प्रसाद (निर्दलीय)
1993- यशपाल चौधरी (सपा), सरस्वती प्रताप सिंह (कांग्रेस)
1996- सरस्वती प्रताप सिंह (कांग्रेस), यशपाल चौधरी (सपा)
2002 - यशपाल चौधरी (सपा), बाला प्रसाद अवस्थी (बसपा)
2007- बाला प्रसाद अवस्थी (बसपा), यशपाल चौधरी (सपा)
2012- शमशेर सिंह शेरू (बसपा), यशपाल चौधरी (सपा)
2017- बाला प्रसाद अवस्थी (भाजपा), यशपाल चौधरी (सपा)
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