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तीन एजेंसियों को धान खरीद की नहीं मिली अनुमति
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बांकेगंज में युवाओं ने निकाला कैंडल मार्च।
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद शुरू होने से ठीक एक दिन पहले तीन एजेंसियों यूपीएसएस, यूपी स्टेट एग्रो और कर्मचारी कल्याण निगम को झटका लगा है। सरकार ने तीनों एजेंसियों को धान क्रय केंद्र खोलने की अनुमति नहीं दी है। इससे तीनों एजेंसियों के 18 क्रय केंद्र कम हो गए हैं। हालांकि मंडी समिति के तीन क्रय केंद्र बढ़ गए हैं, जो लखीमपुर, गोला और मोहम्मदी में खोले जाएंगे। अब कुल स्वीकृत क्रय केंद्रों की संख्या 143 से घटकर 128 रह गई है।
किसानों से एमएसपी पर धान खरीदने के लिए 143 क्रय केंद्र खोले जाने थे, लेकिन सरकार की पॉलिसी (क्रय नीति) में तीनों एजेंसियां फिट नहीं बैठी हैं। हालांकि यह तीनों एजेंसियां रबी सीजन में गेहूं खरीद कर चुकी हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि निर्देश मिलते ही तीनों एजेंसियों के प्रबंधकों को इस बात की सूचना दे दी है। उन्होंने बताया कि तीनों एजेंसियां अपने-अपने क्रय केंद्रों का संचालन नहीं करेंगी। वहीं लखीमपुर, गोला और मोहम्मदी की मंडियों में मंडी समितियां एक-एक क्रय केंद्र का शुभारंभ करेंगी।
राजापुर मंडी में 1250 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका धान
धान में ज्यादा नमी होने पर आढ़तियों ने लगाए औने-पौने रेट
लखीमपुर खीरी। राजापुर मंडी में बुधवार को नए धान की आवक शुरू हो गई। सरकारी धान खरीद प्रारंभ न होने से एक दिन पहले आढ़तियों ने 1250 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक धान खरीदा। आढ़तियों ने धान में नमी ज्यादा (हरा धान) होने पर औने-पौने रेट पर बोली लगाकर धान खरीदा। पहले दिन करीब 550 क्विंटल धान की आवक हुई।
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जनपद की सात मंडियों में सबसे ज्यादा धान की आवक राजापुर मंडी में होती है, जिससे क्रय केंद्र चालू होने से पहले ही मंडी में कई किसान धान बेचने पहुंचे। आढ़तियों ने धान में नमी मानक 17 प्रतिशत से कहीं अधिक होने का हवाला देकर धान के औने-पौने रेट लगाकर बोली शुरू की। नीलामी की शुरुआत 1250 रुपये प्रति क्विंटल से हुई, जिसके बाद किसी किसान का 1325 रुपये प्रति क्विंटल तो किसी का 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक धान बिका। जबकि सरकार ने कामन धान की एमएसपी 1868 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए धान की कीमत 1888 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है। मंडी सचिव ने रामबाबू शर्मा ने बताया कि धान में नमी अधिक होने के साथ ही उसमें कच्चा धान भी मिक्स था। इससे किसानों ने धान बेचने में जल्दबाजी दिखाई। उन्होंने बताया कि मंडी कैंपस में गुरुवार से नौ सरकारी धान क्रय केंद्र संचालित हो जाएंगे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान में नमी का मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक न होनी चाहिए, जिसके लिए अपना धान सुखाकर, साफ करके खरीद केंद्र पर लाएं।
डीएम ने दूसरे दिन भी धान खरीद के लिए केंद्र प्रभारियों के कसे पेंच
मंडी सचिव ने आढ़ती व्यापारियों संग बैठक कर सीधी बोली लगाने के दिए निर्देश
लखीमपुर खीरी। सरकारी क्रय केंद्रों पर गुरुवार से धान खरीद शुरू हो जाएगी। इससे पहले तैयारियों की समीक्षा कर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने दूसरे दिन गुरुवार को भी खाद्य विपणन शाखा, यूपीपीसीएल, एनसीसीएफ और एसएफसी के क्रय केंद्र प्रभारियों और जिला प्रबंधकों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि धान खरीद में किसानों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था क्रय केंद्रों पर भी उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को पहले दिन शेष रह गए एजेंसियों के केंद्र प्रभारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ क्रय केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए गए। सरकार की मंशा और उसके दिशा-निर्देशों के हिसाब से काम करने के निर्देश जिला प्रबंधकों को भी दिए गए। डीएम ने कहा कि धान खरीद के बाद अधिकतम 72 घंटे में किसानों को भुगतान अनिवार्य रूप से कर दिया जाए। कोविड-19 से बचाव के लिए क्रय केंद्रों पर भीड़ न हो, जिसके लिए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था का पालन किया जाए। डीएम ने कहा कि एक सप्ताह की समय सीमा के अंदर का ही आनलाइन टोकन जनरेट किया जाए। क्रय केंद्रों पर सैनिटाइजर, साबुन, पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम अरुण कुमार सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय, एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह, एसएफसी प्रबंधक चौधरी मंसूर अहमद मौजूद रहे।
उधर, राजापुर मंडी में मंडी सचिव रामबाबू शर्मा ने भी आढ़ती व्यापारियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने डीएम के निर्देशानुसार सीधी बोली लगाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया में एमएसपी के हिसाब से बोली लगाई जाए। सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यापारी तुरंत ही किसान विक्रेता बाउचर (सिक्स आर) जारी करेंगे। इसके बाद गुरुवार को आढ़तियों ने सीधी बोली लगाई, जिसके लिए मंडी सचिव ने वीडियोग्राफी भी कराई।
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किसानों से एमएसपी पर धान खरीदने के लिए 143 क्रय केंद्र खोले जाने थे, लेकिन सरकार की पॉलिसी (क्रय नीति) में तीनों एजेंसियां फिट नहीं बैठी हैं। हालांकि यह तीनों एजेंसियां रबी सीजन में गेहूं खरीद कर चुकी हैं। जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि निर्देश मिलते ही तीनों एजेंसियों के प्रबंधकों को इस बात की सूचना दे दी है। उन्होंने बताया कि तीनों एजेंसियां अपने-अपने क्रय केंद्रों का संचालन नहीं करेंगी। वहीं लखीमपुर, गोला और मोहम्मदी की मंडियों में मंडी समितियां एक-एक क्रय केंद्र का शुभारंभ करेंगी।
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राजापुर मंडी में 1250 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका धान
धान में ज्यादा नमी होने पर आढ़तियों ने लगाए औने-पौने रेट
लखीमपुर खीरी। राजापुर मंडी में बुधवार को नए धान की आवक शुरू हो गई। सरकारी धान खरीद प्रारंभ न होने से एक दिन पहले आढ़तियों ने 1250 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक धान खरीदा। आढ़तियों ने धान में नमी ज्यादा (हरा धान) होने पर औने-पौने रेट पर बोली लगाकर धान खरीदा। पहले दिन करीब 550 क्विंटल धान की आवक हुई।
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जनपद की सात मंडियों में सबसे ज्यादा धान की आवक राजापुर मंडी में होती है, जिससे क्रय केंद्र चालू होने से पहले ही मंडी में कई किसान धान बेचने पहुंचे। आढ़तियों ने धान में नमी मानक 17 प्रतिशत से कहीं अधिक होने का हवाला देकर धान के औने-पौने रेट लगाकर बोली शुरू की। नीलामी की शुरुआत 1250 रुपये प्रति क्विंटल से हुई, जिसके बाद किसी किसान का 1325 रुपये प्रति क्विंटल तो किसी का 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक धान बिका। जबकि सरकार ने कामन धान की एमएसपी 1868 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड ए धान की कीमत 1888 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की है। मंडी सचिव ने रामबाबू शर्मा ने बताया कि धान में नमी अधिक होने के साथ ही उसमें कच्चा धान भी मिक्स था। इससे किसानों ने धान बेचने में जल्दबाजी दिखाई। उन्होंने बताया कि मंडी कैंपस में गुरुवार से नौ सरकारी धान क्रय केंद्र संचालित हो जाएंगे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान में नमी का मात्रा 17 प्रतिशत से अधिक न होनी चाहिए, जिसके लिए अपना धान सुखाकर, साफ करके खरीद केंद्र पर लाएं।
डीएम ने दूसरे दिन भी धान खरीद के लिए केंद्र प्रभारियों के कसे पेंच
मंडी सचिव ने आढ़ती व्यापारियों संग बैठक कर सीधी बोली लगाने के दिए निर्देश
लखीमपुर खीरी। सरकारी क्रय केंद्रों पर गुरुवार से धान खरीद शुरू हो जाएगी। इससे पहले तैयारियों की समीक्षा कर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने दूसरे दिन गुरुवार को भी खाद्य विपणन शाखा, यूपीपीसीएल, एनसीसीएफ और एसएफसी के क्रय केंद्र प्रभारियों और जिला प्रबंधकों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि धान खरीद में किसानों को कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था क्रय केंद्रों पर भी उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को पहले दिन शेष रह गए एजेंसियों के केंद्र प्रभारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ क्रय केंद्र संचालित करने के निर्देश दिए गए। सरकार की मंशा और उसके दिशा-निर्देशों के हिसाब से काम करने के निर्देश जिला प्रबंधकों को भी दिए गए। डीएम ने कहा कि धान खरीद के बाद अधिकतम 72 घंटे में किसानों को भुगतान अनिवार्य रूप से कर दिया जाए। कोविड-19 से बचाव के लिए क्रय केंद्रों पर भीड़ न हो, जिसके लिए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था का पालन किया जाए। डीएम ने कहा कि एक सप्ताह की समय सीमा के अंदर का ही आनलाइन टोकन जनरेट किया जाए। क्रय केंद्रों पर सैनिटाइजर, साबुन, पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम अरुण कुमार सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय, एआर कोआपरेटिव रत्नाकर सिंह, एसएफसी प्रबंधक चौधरी मंसूर अहमद मौजूद रहे।
उधर, राजापुर मंडी में मंडी सचिव रामबाबू शर्मा ने भी आढ़ती व्यापारियों के साथ बैठक की, जिसमें उन्होंने डीएम के निर्देशानुसार सीधी बोली लगाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया में एमएसपी के हिसाब से बोली लगाई जाए। सबसे अधिक बोली लगाने वाले व्यापारी तुरंत ही किसान विक्रेता बाउचर (सिक्स आर) जारी करेंगे। इसके बाद गुरुवार को आढ़तियों ने सीधी बोली लगाई, जिसके लिए मंडी सचिव ने वीडियोग्राफी भी कराई।