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एसडीएम करेंगे धान क्रय केंद्रों का सत्यापन, गड़बड़ी होने पर तय होगी जवाबदेही
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लखीमपुर खीरी। खरीफ सीजन में सरकारी एजेंसियों ने धान खरीद के लिए 114 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव दिया है। पिछले वर्षों में क्रय केंद्रों पर हुई गबन और दूसरी गड़बडियों को रोकने के लिए इस बार संबंधित तहसीलों के एसडीएम से प्रस्तावित क्रय केंद्रों की जांच कराई जाएगी। एसडीएम की रिपोर्ट लगने के बाद ही धान क्रय केंद्र को फाइनल किया जाएगा। इसके बाद भी यदि गड़बड़ी होती है तो एसडीएम भी लपेटे में आएंगे।
वर्ष 2019-20 में किसानों से धान खरीदने के लिए एक अक्तूबर 2019 से क्रय केंद्र खोले जाएंगे। नोडल विभाग खाद्य एवं रसद विभाग ने क्रय केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। साथ ही धान बेचने वाले किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष 2018-19 में 110 क्रय केंद्र खोले गए थे, जबकि इस बार चार क्रय केंद्र बढ़े हैं। खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने के बावजूद क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी के मामले थमे नहीं हैं। लिहाजा इस बार खाद्य एवं रसद विभाग ने पीएफएसमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) से किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान करने का फैसला किया है। इसके तहत पंजीकृत किसानों के बैंक खाते का सत्यापन कराया जा रहा है। ताकि बिचौलियों और फर्जी किसानों के रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। विभाग के पोर्टल पर वही किसान पंजीकरण करवा सकेंगे, जिनके नाम खतौनी में दर्ज होंगे। पोर्टल को भूलेख से लिंक किया जा चुका है, जिससे जोत से ज्यादा धान की बिक्री नहीं की जा सकेगी।
केंद्र प्रभारी नहीं कर सकेंगे भुगतान
क्रय केंद्रों पर होने वाली गड़बडिय़ों में केंद्र प्रभारी की संलिप्तता के कई मामले उजागर होने के बाद विभाग ने भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया है। सेंट्रलाइज भुगतान प्रक्रिया किए जाने से अब एजेंसी के जिला प्रबंधक पर भुगतान की जिम्मेदारी होगी। वहीं केंद्र प्रभारी भुगतान नहीं कर सकेंगे।
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पंजीकरण कम होने से अफसर चिंतित
क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। अभी तक 710 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, जबकि पिछले वर्ष इस समय तक 1400 पंजीकरण हुए थे।
धान खरीद के लिए 114 क्रय केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव मिले हैैं। प्रस्तावित केंद्रों का एसडीएम से सत्यापन कराने के बाद क्रय केंद्र फाइनल किए जाएंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए भुगतान प्रक्रिया में बदलाव किया गया है और किसानों के बैंक खातों का मिलान कराया जा रहा है। -लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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वर्ष 2019-20 में किसानों से धान खरीदने के लिए एक अक्तूबर 2019 से क्रय केंद्र खोले जाएंगे। नोडल विभाग खाद्य एवं रसद विभाग ने क्रय केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। साथ ही धान बेचने वाले किसानों के ऑनलाइन पंजीकरण किए जा रहे हैं। पिछले वर्ष 2018-19 में 110 क्रय केंद्र खोले गए थे, जबकि इस बार चार क्रय केंद्र बढ़े हैं। खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने के बावजूद क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी के मामले थमे नहीं हैं। लिहाजा इस बार खाद्य एवं रसद विभाग ने पीएफएसमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) से किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान करने का फैसला किया है। इसके तहत पंजीकृत किसानों के बैंक खाते का सत्यापन कराया जा रहा है। ताकि बिचौलियों और फर्जी किसानों के रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके। विभाग के पोर्टल पर वही किसान पंजीकरण करवा सकेंगे, जिनके नाम खतौनी में दर्ज होंगे। पोर्टल को भूलेख से लिंक किया जा चुका है, जिससे जोत से ज्यादा धान की बिक्री नहीं की जा सकेगी।
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केंद्र प्रभारी नहीं कर सकेंगे भुगतान
क्रय केंद्रों पर होने वाली गड़बडिय़ों में केंद्र प्रभारी की संलिप्तता के कई मामले उजागर होने के बाद विभाग ने भुगतान की प्रक्रिया में बदलाव किया है। सेंट्रलाइज भुगतान प्रक्रिया किए जाने से अब एजेंसी के जिला प्रबंधक पर भुगतान की जिम्मेदारी होगी। वहीं केंद्र प्रभारी भुगतान नहीं कर सकेंगे।
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पंजीकरण कम होने से अफसर चिंतित
क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। अभी तक 710 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है, जबकि पिछले वर्ष इस समय तक 1400 पंजीकरण हुए थे।
धान खरीद के लिए 114 क्रय केंद्र खोले जाने के प्रस्ताव मिले हैैं। प्रस्तावित केंद्रों का एसडीएम से सत्यापन कराने के बाद क्रय केंद्र फाइनल किए जाएंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए भुगतान प्रक्रिया में बदलाव किया गया है और किसानों के बैंक खातों का मिलान कराया जा रहा है। -लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी