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विकास कार्यों में घपलेबाजी पर कार्रवाई से कतरा रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 11 Oct 2016 10:18 PM IST
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वादी के बयान लेने तक सीमित है जांच
प्रधान और प्रधानपति समेत तीन हैं नामजद
विकास खंड बांकेगंज की ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट में हुए विकास कार्यों में गोलमाल की रिपोर्ट गोला पुलिस ने साढ़े चार महीने बाद कोर्ट के आदेश पर दर्ज तो कर ली, लेकिन कार्रवाई से कतरा रही है। रिपोर्ट दर्ज होने के 15 दिन बाद भी पुलिस महज वादी के बयान ले पाई हैं। इसके अलावा कार्रवाई जीरो है।
ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट के प्रेमशंकर यादव के वाद पर सीजेएम कोर्ट ने कोतवाली गोला पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे, जिस पर गोला कोतवाली में 27 सितंबर को पुनर्भूग्रंट की प्रधान नजमा, पूर्व प्रधान, उनके पति वशीउल्ला खां और पंचायत सक्रेटरी के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप है कि वादी ने कोतवाली पुलिस को 12 मई 16 को तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उसने कोर्ट की शरण ली। वादी का कहना है कि ग्राम सभा में 61 ऐसे लोगों को इंदिरा आवास दे दिए गए, जो ग्राम सभा में रहते ही नहीं हैं। मनरेगा और ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में गोलमाल किया गया। इसकी शिकायत उसने डीएम और सीडीओ से भी की। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह कोर्ट की शरण में गया। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर साढ़े चार महीने बाद रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वादी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 15 दिन बीत गए, लेकिन विवेचक कोतवाल गोला अशोक कुमार पांडे ने अब तक सिर्फ उसके बयान लिए हैं, जबकि अभियुक्तों से मामले में कोई पूछताछ तक नहीं की। इससे वह आहत है।
विकास कार्यों में घपलेबाजी की विवेचना की जा रही है। वादी के बयान हो चुके हैं। सरकारी कार्यों की व्यस्तता के कारण विलंब हुआ, लेकिन अगली कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
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-अशोक कुमार पांडे, प्रभारी निरीक्षक-गोला
प्रधान और प्रधानपति समेत तीन हैं नामजद
विकास खंड बांकेगंज की ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट में हुए विकास कार्यों में गोलमाल की रिपोर्ट गोला पुलिस ने साढ़े चार महीने बाद कोर्ट के आदेश पर दर्ज तो कर ली, लेकिन कार्रवाई से कतरा रही है। रिपोर्ट दर्ज होने के 15 दिन बाद भी पुलिस महज वादी के बयान ले पाई हैं। इसके अलावा कार्रवाई जीरो है।
ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट के प्रेमशंकर यादव के वाद पर सीजेएम कोर्ट ने कोतवाली गोला पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे, जिस पर गोला कोतवाली में 27 सितंबर को पुनर्भूग्रंट की प्रधान नजमा, पूर्व प्रधान, उनके पति वशीउल्ला खां और पंचायत सक्रेटरी के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। आरोप है कि वादी ने कोतवाली पुलिस को 12 मई 16 को तहरीर दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई तो उसने कोर्ट की शरण ली। वादी का कहना है कि ग्राम सभा में 61 ऐसे लोगों को इंदिरा आवास दे दिए गए, जो ग्राम सभा में रहते ही नहीं हैं। मनरेगा और ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में गोलमाल किया गया। इसकी शिकायत उसने डीएम और सीडीओ से भी की। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह कोर्ट की शरण में गया। अब पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर साढ़े चार महीने बाद रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वादी का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 15 दिन बीत गए, लेकिन विवेचक कोतवाल गोला अशोक कुमार पांडे ने अब तक सिर्फ उसके बयान लिए हैं, जबकि अभियुक्तों से मामले में कोई पूछताछ तक नहीं की। इससे वह आहत है।
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विकास कार्यों में घपलेबाजी की विवेचना की जा रही है। वादी के बयान हो चुके हैं। सरकारी कार्यों की व्यस्तता के कारण विलंब हुआ, लेकिन अगली कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
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-अशोक कुमार पांडे, प्रभारी निरीक्षक-गोला