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देव दीपावली : 28 को देवी जी का शारदा तट पर पहुंचेगा डोला
Sat, 25 Oct 2025 12:22 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:22 AM IST
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पलियाकलां। शारदा नदी पर कार्तिक पूर्णिमा को लेकर हर साल की तरह इस बार भी श्रीकुल सेवा संस्थान की तरफ से देव दीपावली का आयोजन होगा। इसमें कई धार्मिक अनुष्ठानों के बाद भंडारे होंगे। 28 अक्तूबर को देवी जी का डोला शारदा नदी तट पर पहुंचेगा और फिर धार्मिक अनुष्ठानों की शुरूआत की जाएगी।
श्रीकुल सेवा संस्थान के कुल उपासक आचार्य गोविंद माधव मिश्रा ने बताया कि यहां स्थान पूजन, देव पूजन व ध्वज स्थापना के बाद देवी जी के प्रतिरूप को स्थापित कर 101 महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली जाएगी। दूसरे दिन वेदी पूजन व मंडप प्रवेश होगा। तीसरे दिन अरणि मंथन व अग्नि प्राकट्य कर यज्ञ शुरू होगा, जिसको संस्थान के विद्वान आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाएगा।
कल्पवास एवं रोज शाम को शारदा जी की आरती व देव दीपावली का आयोजन होगा। इसको लेकर शारदा नदी तट पर जगह चिन्हित कर ली गई है और पूरे पुल व यज्ञ मंडप को रंग बिरंगी झालरों से सजाने का कार्य किया जाएगा। ताकि क्षेत्र और आसपास के लोगों को पता चले कि हर साल यहां भव्य तरीके से देव दीपावली का आयोजन किया जाता है।
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पांच नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन हजारों दीप एक साथ प्रज्जवलित कर आतिशबाजी होगी और समापन पर भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इसको लेकर संस्थान के लोग लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं और रविवार से सजावट व साज-सज्जा का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
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श्रीकुल सेवा संस्थान के कुल उपासक आचार्य गोविंद माधव मिश्रा ने बताया कि यहां स्थान पूजन, देव पूजन व ध्वज स्थापना के बाद देवी जी के प्रतिरूप को स्थापित कर 101 महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली जाएगी। दूसरे दिन वेदी पूजन व मंडप प्रवेश होगा। तीसरे दिन अरणि मंथन व अग्नि प्राकट्य कर यज्ञ शुरू होगा, जिसको संस्थान के विद्वान आचार्यों द्वारा संपन्न कराया जाएगा।
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कल्पवास एवं रोज शाम को शारदा जी की आरती व देव दीपावली का आयोजन होगा। इसको लेकर शारदा नदी तट पर जगह चिन्हित कर ली गई है और पूरे पुल व यज्ञ मंडप को रंग बिरंगी झालरों से सजाने का कार्य किया जाएगा। ताकि क्षेत्र और आसपास के लोगों को पता चले कि हर साल यहां भव्य तरीके से देव दीपावली का आयोजन किया जाता है।
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पांच नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन हजारों दीप एक साथ प्रज्जवलित कर आतिशबाजी होगी और समापन पर भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इसको लेकर संस्थान के लोग लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं और रविवार से सजावट व साज-सज्जा का काम भी शुरू कर दिया जाएगा।